tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 23 जनवरी 1985

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:23 08:17 18:06अगला सूर्योदय 08:16 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 08:17–09:30लाभशुभ
  • 09:30–10:44अमृतयमगण्ड में
  • 10:44–11:58कालअशुभ
  • 11:58–13:12शुभगुलिक काल में
  • 13:12–14:25रोगअशुभ
  • 14:25–15:39उद्वेगअशुभ
  • 15:39–16:53चरसामान्य
  • 16:53–18:06लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:06–19:53उद्वेगअशुभ
  • 19:53–21:39शुभ
  • 21:39–23:25अमृतशुभ
  • 23:25–01:11 गुरुचरसामान्य
  • 01:11–02:57 गुरुरोगअशुभ
  • 02:57–04:44 गुरुकालअशुभ
  • 04:44–06:30 गुरुलाभशुभ
  • 06:30–08:16 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 23 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:23–07:20, शुभ
  • लाभ, शुभ, 08:17–09:30
  • अमृत, शुभ, 09:30–10:44
  • काल, अशुभ, 10:44–11:58
  • शुभ, 11:58–13:12
  • रोग, अशुभ, 13:12–14:25
  • उद्वेग, अशुभ, 14:25–15:39
  • चर, सामान्य, 15:39–16:53
  • लाभ, शुभ, 16:53–18:06
  • उद्वेग, अशुभ, 18:06–19:53
  • शुभ, 19:53–21:39
  • अमृत, शुभ, 21:39–23:25
  • चर, सामान्य, 23:25–01:11 गुरु
  • रोग, अशुभ, 01:11–02:57 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:57–04:44 गुरु
  • लाभ, शुभ, 04:44–06:30 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 06:30–08:16 गुरु
  • यमगण्ड, 09:30–10:44, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:58–13:12, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:52–13:31, अशुभ
  • राहु काल, 13:12–14:25, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:23–07:19 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

बुध 23 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 24.4° आगे था: शुक्ल तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 24.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 24.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:17। द्वितीया उससे पहले 07:24 पर समाप्त हुई। तृतीया 08:42 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 21 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

तृतीया दो सूर्योदयों पर क्यों है?

तृतीया यहाँ बुध 23 और गुरु 24 जनवरी दोनों के सूर्योदय पर है।

द्वितीया तृतीया तृतीया चतुर्थी बुध 23 जनवरी सुबह गुरु 24 जनवरी सुबह Sevan UTC+4 07:24 08:42 08:17 तृतीया 08:16 तृतीया तृतीया इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
द्वितीया तृतीया तृतीया चतुर्थी बुध 23 जनवरी सुबह गुरु 24 जनवरी सुबह Sevan UTC+4 07:24 08:42 08:17 तृतीया 08:16 तृतीया तृतीया इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। तृतीया 07:24 को, सूर्योदय 08:17 से पहले, शुरू हुई और 08:42 गुरु को, अगले सूर्योदय 08:16 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन तृतीया है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में द्वितीया क्यों है?

नई दिल्ली में द्वितीया है, Sevan में तृतीया।

द्वितीया तृतीया तृतीया चतुर्थी बुध 23 जनवरी सुबह गुरु 24 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 08:54 07:24 10:12 08:42 07:13 द्वितीया 07:13 तृतीया 08:17 तृतीया 08:16 तृतीया
द्वितीया तृतीया तृतीया चतुर्थी बुध 23 जनवरी सुबह गुरु 24 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 08:54 07:24 10:12 08:42 07:13 द्वितीया 07:13 तृतीया 08:17 तृतीया 08:16 तृतीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:13, द्वितीया की समाप्ति 08:54 से पहले हुआ: यह दिन द्वितीया है।

Sevan · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 08:17, द्वितीया की समाप्ति 07:24 के बाद हुआ: यह दिन तृतीया है।

बुध 23 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:23–07:20

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:23–07:20।

सूर्यास्त 18:05 मंगल सूर्योदय 08:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 22 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:05 मंगल सूर्योदय 08:17 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 22 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 22 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:05 मंगल से सूर्योदय 08:17 तक थी, 14 घं 12 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 23 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:52–13:31

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:52–13:31।

सूर्योदय 08:17 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 08:16 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 08:17 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 08:16 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:17 से 18:06, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:52–13:31: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 23 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

08:17–09:30 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 08:17 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 08:16 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 08:17 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 08:16 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:17 से 18:06, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:06 से 08:16 गुरु, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 23 जनवरी को राहुकाल कब है? 13:12–14:25

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:12–14:25।

बुध 23 जनवरी को यमगंड कब है? 09:30–10:44

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:30–10:44।

बुध 23 जनवरी को गुलिक काल कब है? 11:58–13:12

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:58–13:12।

सूर्योदय 08:17 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 08:16 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 08:17 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 08:16 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 08:17 से 18:06 तक है, 9 घं 49 मि। इसे 1 घं 13 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 23 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 08:17

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:17, सूर्यास्त 18:06, 9 घं 49 मि का दिन।

बुध 23 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:06

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:17, सूर्यास्त 18:06, 9 घं 49 मि का दिन।

सूर्योदय 08:17 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 08:16 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:26 चंद्रोदय 09:59
सूर्योदय 08:17 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 08:16 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:26 चंद्रोदय 09:59
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 23 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 303.9° पर था: धनिष्ठा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 303.9° अगला: शतभिषा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 303.9° अगला: शतभिषा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 303°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 13:37 को निकलेगा, शतभिषा में।

बुध 23 जनवरी को कौन सा योग है? व्यतीपात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 583.4° थे, एक चक्कर और 223.4°: व्यतीपात।

सूर्य 279.5° + चंद्रमा 303.9° = 583.4° एक चक्कर + 223.4° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 279.5° + चंद्रमा 303.9° = 583.4° एक चक्कर + 223.4° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 279.5° + 303.9° = 583.4°, एक पूरा चक्कर और 223.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 14:10 को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।

बुध 23 जनवरी को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 24.4° थी: तृतीया का पहला आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 24.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° तैतिल 24°–30° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 24.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° तैतिल 24°–30° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 19:59 तक है, जब बढ़त 30° होगी; गर 08:42 गुरु तक।

बुध 23 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 08:17, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 08:17 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 08:16 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 08:17 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 08:16 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:17 से 08:16 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 23 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 21 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 19 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

बुध 23 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त माघ माघ कृष्ण शुक्ल बुध 23 जनवरी पूर्णिमा 7 जन॰ अमावस्या 21 जन॰ पूर्णिमा 5 फ़र॰ अमावस्या 19 फ़र॰
अमान्त पूर्णिमान्त माघ माघ कृष्ण शुक्ल बुध 23 जनवरी पूर्णिमा 7 जन॰ अमावस्या 21 जन॰ पूर्णिमा 5 फ़र॰ अमावस्या 19 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।

बुध 23 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2041 · शक 1906

विक्रम संवत 2041 1 अप्रैल 1984 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1984 17:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 23 जनवरी सूर्य 279.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1984 17:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 23 जनवरी सूर्य 279.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1984, 17:09 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 291.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2041 गिनता है; शक संवत 1906।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 23 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:59

चंद्रमा यहाँ 09:59 पर उदय होता है।

बुध 23 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:26

सूर्योदय 08:17 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 08:16 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:26 चंद्रोदय 09:59
सूर्योदय 08:17 सूर्यास्त 18:06 सूर्योदय 08:16 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:26 चंद्रोदय 09:59
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:59 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:26 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:59 पर उदय हुआ; वह फिर 20:26 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।