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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 4 दिसंबर 1984

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 08:43 तक

फिर द्वादशी · 10:58 बुध तक

एकादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

व्रत

मोक्षदा एकादशी

पारण समय
08:07⁠–⁠10:58 बुध
बुध 5 दिसंबर
व्रत आरंभ
08:07

मोक्षदा एकादशी मंगल 4 दिसंबर को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है। मंगल 4 दिसंबर क्यों?

मोक्षदा एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:10 08:07 17:33अगला सूर्योदय 08:07 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 08:07–09:17रोगअशुभ
  • 09:17–10:28उद्वेगअशुभ
  • 10:28–11:39चरसामान्य
  • 11:39–12:50लाभशुभ
  • 12:50–14:00अमृतगुलिक काल में
  • 14:00–15:11कालअशुभ
  • 15:11–16:22शुभराहु काल में
  • 16:22–17:33रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:33–19:22कालअशुभ
  • 19:22–21:11लाभशुभ
  • 21:11–23:01उद्वेगअशुभ
  • 23:01–00:50 बुधशुभ
  • 00:50–02:39 बुधअमृतशुभ
  • 02:39–04:29 बुधचरसामान्य
  • 04:29–06:18 बुधरोगअशुभ
  • 06:18–08:07 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 4 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:10–07:08, शुभ
  • रोग, अशुभ, 08:07–09:17
  • उद्वेग, अशुभ, 09:17–10:28
  • चर, सामान्य, 10:28–11:39
  • लाभ, शुभ, 11:39–12:50
  • अमृत, शुभ, 12:50–14:00
  • काल, अशुभ, 14:00–15:11
  • शुभ, 15:11–16:22
  • रोग, अशुभ, 16:22–17:33
  • काल, अशुभ, 17:33–19:22
  • लाभ, शुभ, 19:22–21:11
  • उद्वेग, अशुभ, 21:11–23:01
  • शुभ, 23:01–00:50 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:50–02:39 बुध
  • चर, सामान्य, 02:39–04:29 बुध
  • रोग, अशुभ, 04:29–06:18 बुध
  • काल, अशुभ, 06:18–08:07 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 10:00–10:38, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:28–11:39, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:31–13:09, शुभ
  • गुलिक काल, 12:50–14:00, अशुभ
  • राहु काल, 15:11–16:22, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:23–00:21 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:11–07:09 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में मोक्षदा एकादशी मंगल 4 दिसंबर को क्यों है?

मोक्षदा एकादशी मंगल 4 दिसंबर को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।

दशमी एकादशी 08:06 06:12 05:00 07:00 09:00 11:00 सोम 3 दिसंबर अरुणोदय 06:30–08:06
दशमी एकादशी 08:06 06:12 09:00 11:00 सोम 3 दिसंबर अरुणोदय 06:30–08:06
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, सोम 3 दिसंबर को 08:06 और मंगल 4 दिसंबर को 08:07। एकादशी (सोम 3 दिसंबर 06:12 से मंगल 4 दिसंबर 08:43 तक) और द्वादशी (मंगल 4 दिसंबर 08:43 से बुध 5 दिसंबर 10:58 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: मंगल 4 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दो सूर्योदयों पर हो तो वे भी दूसरे दिन व्रत रखते हैं।

मोक्षदा एकादशी: Sevan में हर तारीख़

मंगल 4 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 131.7° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 131.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 131.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:07। दशमी उससे पहले 06:12 सोम पर समाप्त हुई। एकादशी 08:43 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 23 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

एकादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

एकादशी यहाँ सोम 3 और मंगल 4 दिसंबर दोनों के सूर्योदय पर है।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी सोम 3 दिसंबर सुबह मंगल 4 दिसंबर सुबह Sevan UTC+4 06:12 08:43 08:06 एकादशी 08:07 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी सोम 3 दिसंबर सुबह मंगल 4 दिसंबर सुबह Sevan UTC+4 06:12 08:43 08:06 एकादशी 08:07 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 06:12 सोम को, सूर्योदय 08:06 सोम से पहले, शुरू हुई और 08:43 को, अगले सूर्योदय 08:07 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन एकादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

मंगल 4 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:10–07:08

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:10–07:08।

सूर्यास्त 17:33 सोम सूर्योदय 08:07 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 3 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:33 सोम सूर्योदय 08:07 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 3 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 3 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:33 सोम से सूर्योदय 08:07 तक थी, 14 घं 34 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 4 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:31–13:09

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:31–13:09।

मंगल 4 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:00–10:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 10:00–10:38, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:23–00:21 बुध।

मंगल 4 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:23–00:21 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 10:00–10:38, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:23–00:21 बुध।

सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:07 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:07 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 08:07 से 17:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 10:00–10:38 और 23:23–00:21 बुध।

मंगल 4 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

08:07–09:17 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:07 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:07 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:07 से 17:33, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:33 से 08:07 बुध, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 4 दिसंबर को राहुकाल कब है? 15:11–16:22

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:11–16:22।

मंगल 4 दिसंबर को यमगंड कब है? 10:28–11:39

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:28–11:39।

मंगल 4 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 12:50–14:00

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:50–14:00।

सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:07 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:07 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 08:07 से 17:33 तक है, 9 घं 26 मि। इसे 1 घं 10 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 4 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 08:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:07, सूर्यास्त 17:33, 9 घं 26 मि का दिन।

मंगल 4 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:07, सूर्यास्त 17:33, 9 घं 26 मि का दिन।

सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:07 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:52 बुध चंद्रोदय 15:24
सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:07 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:52 बुध चंद्रोदय 15:24
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 4 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 0.3° पर था: अश्विनी, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 0.3° अगला: भरणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 0.3° अगला: भरणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 0° पर उसके पद 1 में आया। वह 10:16 बुध को निकलेगा, भरणी में।

मंगल 4 दिसंबर को कौन सा योग है? वरीयान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 228.9° थे: वरीयान्।

सूर्य 228.6° + चंद्रमा 0.3° = 228.9° वरीयान् 226°40′–240°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 228.6° + चंद्रमा 0.3° = 228.9° वरीयान् 226°40′–240°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 228.6° + 0.3° = 228.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 04:46 बुध को समाप्त होता है, फिर परिघ।

मंगल 4 दिसंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 131.7° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 131.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 131.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 19:29 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 08:43 तक है।

मंगल 4 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 08:07, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:07 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:07 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:07 से 08:07 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 4 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 23 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 22 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

मंगल 4 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल मंगल 4 दिसंबर पूर्णिमा 8 नव॰ अमावस्या 23 नव॰ पूर्णिमा 8 दिस॰ अमावस्या 22 दिस॰
अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल मंगल 4 दिसंबर पूर्णिमा 8 नव॰ अमावस्या 23 नव॰ पूर्णिमा 8 दिस॰ अमावस्या 22 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।

मंगल 4 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2041 · शक 1906

विक्रम संवत 2041 1 अप्रैल 1984 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1984 17:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 4 दिसंबर सूर्य 228.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1984 17:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 4 दिसंबर सूर्य 228.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1984, 17:09 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 240.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2041 गिनता है; शक संवत 1906।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 4 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:24

चंद्रमा यहाँ 15:24 पर उदय होता है।

मंगल 4 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:52 बुध

सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:07 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:52 बुध चंद्रोदय 15:24
सूर्योदय 08:07 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 08:07 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 04:52 बुध चंद्रोदय 15:24
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:24 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:52 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:24 पर उदय हुआ; वह फिर 04:52 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।