tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 30 मई 1984

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 21:47 तक

फिर प्रतिपदा · 21:15 गुरु तक

त्योहार

वट सावित्री व्रत

वट सावित्री व्रत बुध 30 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 30 मई क्यों?

वट सावित्री व्रत: Sevan में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या बुध 30 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 30 मई क्यों?

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:19 06:32 21:22अगला सूर्योदय 06:32 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:32–08:23लाभशुभ
  • 08:23–10:15अमृतयमगण्ड में
  • 10:15–12:06कालअशुभ
  • 12:06–13:57शुभगुलिक काल में
  • 13:57–15:48रोगअशुभ
  • 15:48–17:40उद्वेगअशुभ
  • 17:40–19:31चरसामान्य
  • 19:31–21:22लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 21:22–22:31उद्वेगअशुभ
  • 22:31–23:40शुभ
  • 23:40–00:48 गुरुअमृतशुभ
  • 00:48–01:57 गुरुचरसामान्य
  • 01:57–03:06 गुरुरोगअशुभ
  • 03:06–04:14 गुरुकालअशुभ
  • 04:14–05:23 गुरुलाभशुभ
  • 05:23–06:32 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 30 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:19–05:55, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:32–08:23
  • अमृत, शुभ, 08:23–10:15
  • काल, अशुभ, 10:15–12:06
  • शुभ, 12:06–13:57
  • रोग, अशुभ, 13:57–15:48
  • उद्वेग, अशुभ, 15:48–17:40
  • चर, सामान्य, 17:40–19:31
  • लाभ, शुभ, 19:31–21:22
  • उद्वेग, अशुभ, 21:22–22:31
  • शुभ, 22:31–23:40
  • अमृत, शुभ, 23:40–00:48 गुरु
  • चर, सामान्य, 00:48–01:57 गुरु
  • रोग, अशुभ, 01:57–03:06 गुरु
  • काल, अशुभ, 03:06–04:14 गुरु
  • लाभ, शुभ, 04:14–05:23 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:23–06:32 गुरु
  • यमगण्ड, 08:23–10:15, अशुभ
  • गुलिक काल, 12:06–13:57, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:28–14:27, अशुभ
  • राहु काल, 13:57–15:48, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:18–05:55 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में वट सावित्री व्रत बुध 30 मई को क्यों है?

वट सावित्री व्रत बुध 30 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

अमावस्या 05:00 06:00 07:00 08:00 बुध 30 मई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:32
अमावस्या 05:00 06:00 07:00 08:00 बुध 30 मई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:32
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 29 मई को 21:48 से बुध 30 मई को 21:47 तक है, इसलिए वह केवल बुध 30 मई के सूर्योदय (06:32) पर है। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

वट सावित्री व्रत: Sevan में हर तारीख़

Sevan में अमावस्या बुध 30 मई को क्यों है?

अमावस्या बुध 30 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

अमावस्या 05:00 06:00 07:00 08:00 बुध 30 मई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:32
अमावस्या 05:00 06:00 07:00 08:00 बुध 30 मई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:32
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 29 मई को 21:48 से बुध 30 मई को 21:47 तक है, इसलिए वह केवल बुध 30 मई के सूर्योदय (06:32) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

बुध 30 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 352.3° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 352.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 352.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:32। चतुर्दशी उससे पहले 21:48 मंगल पर समाप्त हुई। अमावस्या 21:47 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 15 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

बुध 30 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:19–05:55

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:19–05:55।

सूर्यास्त 21:21 मंगल सूर्योदय 06:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 29 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:21 मंगल सूर्योदय 06:32 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 29 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 29 मई की रात सूर्यास्त 21:21 मंगल से सूर्योदय 06:32 तक थी, 9 घं 11 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 30 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:28–14:27

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 13:28–14:27।

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 06:32 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 06:32 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:32 से 21:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 13:28–14:27: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 30 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:32–08:23 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 06:32 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 06:32 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:32 से 21:22, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:22 से 06:32 गुरु, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 30 मई को राहुकाल कब है? 13:57–15:48

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:57–15:48।

बुध 30 मई को यमगंड कब है? 08:23–10:15

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:23–10:15।

बुध 30 मई को गुलिक काल कब है? 12:06–13:57

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:06–13:57।

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 06:32 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 06:32 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:32 से 21:22 तक है, 14 घं 50 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 30 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:32

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 21:22, 14 घं 50 मि का दिन।

बुध 30 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 21:22, 14 घं 50 मि का दिन।

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 06:32 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:16
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 06:32 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:16
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 30 मई को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका

सूर्योदय पर चंद्रमा 37.5° पर था: कृत्तिका, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 37.5° अगला: रोहिणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° कृत्तिका चंद्रमा 37.5° अगला: रोहिणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 36°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:07 को निकलेगा, रोहिणी में।

बुध 30 मई को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 82.7° थे: सुकर्मा।

सूर्य 45.2° + चंद्रमा 37.5° = 82.7° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 45.2° + चंद्रमा 37.5° = 82.7° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 45.2° + 37.5° = 82.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 00:44 गुरु को समाप्त होता है, फिर धृति।

बुध 30 मई को कौन सा करण है? चतुष्पाद

सूर्योदय पर बढ़त 352.3° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।

सूर्य अमावस्या 0° 352.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 352.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 09:52 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 21:47 तक।

बुध 30 मई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:32, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 06:32 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 06:32 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:32 से 06:32 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 30 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 1 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 30 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

बुध 30 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ वैशाख कृष्ण शुक्ल बुध 30 मई अमावस्या 1 मई पूर्णिमा 15 मई अमावस्या 30 मई पूर्णिमा 13 जून
अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ वैशाख कृष्ण शुक्ल बुध 30 मई अमावस्या 1 मई पूर्णिमा 15 मई अमावस्या 30 मई पूर्णिमा 13 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।

बुध 30 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2041 · शक 1906

विक्रम संवत 2041 1 अप्रैल 1984 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1984 17:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 30 मई सूर्य 45.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1984 17:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 30 मई सूर्य 45.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1984, 17:09 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 56.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2041 गिनता है; शक संवत 1906।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 30 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:16

चंद्रमा यहाँ 21:16 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 06:32 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:16
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 21:22 सूर्योदय 06:32 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:16
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 21:16 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।