tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 30 अप्रैल 1984

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

चतुर्दशी

कृष्ण पक्ष · 07:28 तक

फिर अमावस्या · 08:45 मंगल तक

चतुर्दशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:39 07:00 20:54अगला सूर्योदय 06:59 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:00–08:44अमृतशुभ
  • 08:44–10:28कालअशुभ
  • 10:28–12:13शुभ
  • 12:13–13:57रोगअशुभ
  • 13:57–15:41उद्वेगअशुभ
  • 15:41–17:26चरसामान्य
  • 17:26–19:10लाभशुभ
  • 19:10–20:54अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:54–22:10चरसामान्य
  • 22:10–23:25रोगअशुभ
  • 23:25–00:41 मंगलकालअशुभ
  • 00:41–01:56 मंगललाभशुभ
  • 01:56–03:12 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 03:12–04:28 मंगलशुभ
  • 04:28–05:43 मंगलअमृतशुभ
  • 05:43–06:59 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 30 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 05:39–06:19, शुभ
  • अमृत, शुभ, 07:00–08:44
  • काल, अशुभ, 08:44–10:28
  • शुभ, 10:28–12:13
  • रोग, अशुभ, 12:13–13:57
  • उद्वेग, अशुभ, 13:57–15:41
  • चर, सामान्य, 15:41–17:26
  • लाभ, शुभ, 17:26–19:10
  • अमृत, शुभ, 19:10–20:54
  • चर, सामान्य, 20:54–22:10
  • रोग, अशुभ, 22:10–23:25
  • काल, अशुभ, 23:25–00:41 मंगल
  • लाभ, शुभ, 00:41–01:56 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 01:56–03:12 मंगल
  • शुभ, 03:12–04:28 मंगल
  • अमृत, शुभ, 04:28–05:43 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:43–06:59 मंगल
  • राहु काल, 08:44–10:28, अशुभ
  • यमगण्ड, 12:13–13:57, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:29–14:25, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:25–15:20, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:41–17:26, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:12–18:07, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:38–06:18 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 30 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 347.8° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 347.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 347.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:00। त्रयोदशी उससे पहले 05:46 रवि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:28 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 16 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

चतुर्दशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

चतुर्दशी यहाँ रवि 29 और सोम 30 अप्रैल दोनों के सूर्योदय पर है।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या रवि 29 अप्रैल सुबह सोम 30 अप्रैल सुबह Sevan UTC+5 05:46 07:28 07:01 चतुर्दशी 07:00 चतुर्दशी चतुर्दशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या रवि 29 अप्रैल सुबह सोम 30 अप्रैल सुबह Sevan UTC+5 05:46 07:28 07:01 चतुर्दशी 07:00 चतुर्दशी चतुर्दशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्दशी 05:46 रवि को, सूर्योदय 07:01 रवि से पहले, शुरू हुई और 07:28 को, अगले सूर्योदय 07:00 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्दशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

सोम 30 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:39–06:19

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:39–06:19।

सूर्यास्त 20:53 रवि सूर्योदय 07:00 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 29 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:53 रवि सूर्योदय 07:00 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 29 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 29 अप्रैल की रात सूर्यास्त 20:53 रवि से सूर्योदय 07:00 तक थी, 10 घं 7 मि। इसे 40 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 30 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:29–14:25

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:29–14:25।

सोम 30 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 14:25–15:20

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:25–15:20 और 17:12–18:07।

सोम 30 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 17:12–18:07

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:25–15:20 और 17:12–18:07।

सूर्योदय 07:00 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 07:00 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 07:00 से 20:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 55 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 14:25–15:20 और 17:12–18:07।

सोम 30 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:00–08:44 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:00 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 07:00 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:00 से 20:54, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:54 से 06:59 मंगल, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 30 अप्रैल को राहुकाल कब है? 08:44–10:28

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:44–10:28।

सोम 30 अप्रैल को यमगंड कब है? 12:13–13:57

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:13–13:57।

सोम 30 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 15:41–17:26

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:41–17:26।

सूर्योदय 07:00 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:00 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 07:00 से 20:54 तक है, 13 घं 54 मि। इसे 1 घं 44 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 30 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 07:00

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:00, सूर्यास्त 20:54, 13 घं 54 मि का दिन।

सोम 30 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:00, सूर्यास्त 20:54, 13 घं 54 मि का दिन।

सूर्योदय 07:00 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:13
सूर्योदय 07:00 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:13
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 30 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 4.1° पर था: अश्विनी, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 4.1° अगला: भरणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 4.1° अगला: भरणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 3°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 01:03 मंगल को निकलेगा, भरणी में।

सोम 30 अप्रैल को कौन सा योग है? प्रीति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 20.4° थे: प्रीति।

सूर्य 16.3° + चंद्रमा 4.1° = 20.4° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 16.3° + चंद्रमा 4.1° = 20.4° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 16.3° + 4.1° = 20.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 18:26 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।

सोम 30 अप्रैल को कौन सा करण है? शकुनि

सूर्योदय पर बढ़त 347.8° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।

सूर्य अमावस्या 0° 347.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 347.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 18:40 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 07:28 तक है।

सोम 30 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:00, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 07:00 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 07:00 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:00 से 06:59 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 30 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 1 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 1 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

सोम 30 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।

अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख चैत्र कृष्ण शुक्ल सोम 30 अप्रैल अमावस्या 1 अप्रैल पूर्णिमा 16 अप्रैल अमावस्या 1 मई पूर्णिमा 15 मई
अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख चैत्र कृष्ण शुक्ल सोम 30 अप्रैल अमावस्या 1 अप्रैल पूर्णिमा 16 अप्रैल अमावस्या 1 मई पूर्णिमा 15 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।

सोम 30 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2041 · शक 1906

विक्रम संवत 2041 1 अप्रैल 1984 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1984 17:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 30 अप्रैल सूर्य 16.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1984 17:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 30 अप्रैल सूर्य 16.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1984, 17:09 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 28° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2041 गिनता है; शक संवत 1906।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 30 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:13

चंद्रमा यहाँ 20:13 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 07:00 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:13
सूर्योदय 07:00 सूर्यास्त 20:54 सूर्योदय 06:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:13
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 20:13 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।