tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 11 जून 1983

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 09:37 तक

फिर प्रतिपदा · 06:42 रवि तक

त्योहार

वट सावित्री व्रत

वट सावित्री व्रत शनि 11 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शनि 11 जून क्यों?

वट सावित्री व्रत: Sevan में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या शनि 11 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शनि 11 जून क्यों?

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:17 06:29 21:30अगला सूर्योदय 06:28 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:29–08:21कालअशुभ
  • 08:21–10:14शुभ
  • 10:14–12:06रोगअशुभ
  • 12:06–13:59उद्वेगअशुभ
  • 13:59–15:52चरसामान्य
  • 15:52–17:44लाभयमगण्ड में
  • 17:44–19:37अमृतशुभ
  • 19:37–21:30कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 21:30–22:37लाभशुभ
  • 22:37–23:44उद्वेगअशुभ
  • 23:44–00:52 रविशुभ
  • 00:52–01:59 रविअमृतशुभ
  • 01:59–03:06 रविचरसामान्य
  • 03:06–04:14 रविरोगअशुभ
  • 04:14–05:21 रविकालअशुभ
  • 05:21–06:28 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 11 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 05:17–05:53, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:29–08:21
  • शुभ, 08:21–10:14
  • रोग, अशुभ, 10:14–12:06
  • उद्वेग, अशुभ, 12:06–13:59
  • चर, सामान्य, 13:59–15:52
  • लाभ, शुभ, 15:52–17:44
  • अमृत, शुभ, 17:44–19:37
  • काल, अशुभ, 19:37–21:30
  • लाभ, शुभ, 21:30–22:37
  • उद्वेग, अशुभ, 22:37–23:44
  • शुभ, 23:44–00:52 रवि
  • अमृत, शुभ, 00:52–01:59 रवि
  • चर, सामान्य, 01:59–03:06 रवि
  • रोग, अशुभ, 03:06–04:14 रवि
  • काल, अशुभ, 04:14–05:21 रवि
  • लाभ, शुभ, 05:21–06:28 रवि
  • गुलिक काल, 06:29–08:21, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:29–07:29, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:29–08:29, अशुभ
  • राहु काल, 10:14–12:06, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:29–14:29, शुभ
  • यमगण्ड, 15:52–17:44, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:17–05:53 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में वट सावित्री व्रत शनि 11 जून को क्यों है?

वट सावित्री व्रत शनि 11 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 शुक्र 10 जून सूर्योदय 06:29
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 शुक्र 10 जून सूर्योदय 06:29
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शुक्र 10 जून को 12:12 से शनि 11 जून को 09:37 तक है, इसलिए वह केवल शनि 11 जून के सूर्योदय (06:29) पर है। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

वट सावित्री व्रत: Sevan में हर तारीख़

Sevan में अमावस्या शनि 11 जून को क्यों है?

अमावस्या शनि 11 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 शुक्र 10 जून सूर्योदय 06:29
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 शुक्र 10 जून सूर्योदय 06:29
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शुक्र 10 जून को 12:12 से शनि 11 जून को 09:37 तक है, इसलिए वह केवल शनि 11 जून के सूर्योदय (06:29) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

शनि 11 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 358.2° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 358.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 358.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:29। चतुर्दशी उससे पहले 12:12 शुक्र पर समाप्त हुई। अमावस्या 09:37 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 26 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शनि 11 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:17–05:53

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:17–05:53।

सूर्यास्त 21:29 शुक्र सूर्योदय 06:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 10 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:29 शुक्र सूर्योदय 06:29 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 10 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 10 जून की रात सूर्यास्त 21:29 शुक्र से सूर्योदय 06:29 तक थी, 9 घं 0 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 11 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:29–14:29

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:29–14:29।

शनि 11 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 06:29–07:29

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:29–07:29 और 07:29–08:29।

शनि 11 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 07:29–08:29

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:29–07:29 और 07:29–08:29।

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:29 से 21:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:29–07:29 और 07:29–08:29।

शनि 11 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:29–08:21 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:29 से 21:30, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:30 से 06:28 रवि, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 11 जून को राहुकाल कब है? 10:14–12:06

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:14–12:06।

शनि 11 जून को यमगंड कब है? 15:52–17:44

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:52–17:44।

शनि 11 जून को गुलिक काल कब है? 06:29–08:21

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:29–08:21।

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:29 से 21:30 तक है, 15 घं 1 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 11 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 21:30, 15 घं 1 मि का दिन।

शनि 11 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:30

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 21:30, 15 घं 1 मि का दिन।

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:56 चंद्रोदय 06:31
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:56 चंद्रोदय 06:31
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 11 जून को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा

सूर्योदय पर चंद्रमा 54.2° पर था: मृगशिरा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 54.2° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 54.2° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 53°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:00 रवि को निकलेगा, आर्द्रा में।

शनि 11 जून को कौन सा योग है? शूल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 110.2° थे: शूल।

सूर्य 56.0° + चंद्रमा 54.2° = 110.2° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 56.0° + चंद्रमा 54.2° = 110.2° शूल 106°40′–120°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 56° + 54.2° = 110.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 21:42 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।

शनि 11 जून को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 358.2° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 358.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 358.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 22:58 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 09:37 तक है।

शनि 11 जून को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:29, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:29 से 06:28 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 11 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 13 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 11 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

शनि 11 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ वैशाख कृष्ण शुक्ल शनि 11 जून अमावस्या 13 मई पूर्णिमा 26 मई अमावस्या 11 जून पूर्णिमा 25 जून
अमान्त पूर्णिमान्त ज्येष्ठ वैशाख कृष्ण शुक्ल शनि 11 जून अमावस्या 13 मई पूर्णिमा 26 मई अमावस्या 11 जून पूर्णिमा 25 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।

शनि 11 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2040 · शक 1905

विक्रम संवत 2040 13 अप्रैल 1983 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 13 अप्रैल 1983 12:58 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 11 जून सूर्य 56.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 13 अप्रैल 1983 12:58 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 11 जून सूर्य 56.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 13 अप्रैल 1983, 12:58 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 56.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2040 गिनता है; शक संवत 1905।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 11 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:31

चंद्रमा यहाँ 06:31 पर उदय होता है।

शनि 11 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:56

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:56 चंद्रोदय 06:31
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:56 चंद्रोदय 06:31
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:31 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:56 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:31 पर उदय हुआ; वह फिर 21:56 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।