Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 9 जून 1983
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि गुरु 9 जून को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। गुरु 9 जून क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़9 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 9 जून
- 05:17–05:53ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:29 से
- 06:29–08:21शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 13:29–14:29अभिजीत मुहूर्त
- 13:59–15:51लाभ चौघड़िया
- 15:51–17:44अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 19:36–21:28शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 21:28 के बाद
- 21:28–22:36अमृत चौघड़िया
- 01:59–03:06 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:14–05:21 शुक्रशुभ चौघड़िया
-
04:28–05:59 शुक्रअमृत कालकृत्तिका में
- 05:21–06:29 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:17–05:53 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:29–08:21शुभयमगण्ड में
- 08:21–10:14रोगअशुभ
- 10:14–12:06उद्वेगअशुभ
- 12:06–13:59चरसामान्य
- 13:59–15:51लाभशुभ
- 15:51–17:44अमृतराहु काल में
- 17:44–19:36कालअशुभ
- 19:36–21:28शुभ
रात का चौघड़िया
- 21:28–22:36अमृतशुभ
- 22:36–23:44चरसामान्य
- 23:44–00:51 शुक्ररोगअशुभ
- 00:51–01:59 शुक्रकालअशुभ
- 01:59–03:06 शुक्रलाभशुभ
- 03:06–04:14 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 04:14–05:21 शुक्रशुभ
- 05:21–06:29 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 9 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 05:17–05:53, शुभ
- शुभ, 06:29–08:21
- रोग, अशुभ, 08:21–10:14
- उद्वेग, अशुभ, 10:14–12:06
- चर, सामान्य, 12:06–13:59
- लाभ, शुभ, 13:59–15:51
- अमृत, शुभ, 15:51–17:44
- काल, अशुभ, 17:44–19:36
- शुभ, 19:36–21:28
- अमृत, शुभ, 21:28–22:36
- चर, सामान्य, 22:36–23:44
- रोग, अशुभ, 23:44–00:51 शुक्र
- काल, अशुभ, 00:51–01:59 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:59–03:06 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 03:06–04:14 शुक्र
- शुभ, 04:14–05:21 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:21–06:29 शुक्र
- यमगण्ड, 06:29–08:21, अशुभ
- गुलिक काल, 10:14–12:06, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:29–12:29, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:29–14:29, शुभ
- राहु काल, 15:51–17:44, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:29–18:29, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:17–05:53 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में मासिक शिवरात्रि गुरु 9 जून को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि गुरु 9 जून को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी गुरु 9 जून को 14:20 से शुक्र 10 जून को 12:12 तक है, इसलिए केवल गुरुवार की रात का निशीथ काल (01:41 शुक्र–02:17 शुक्र) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
गुरु 9 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 331.8° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:29। द्वादशी उससे पहले 15:53 बुध पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 14:20 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 26 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
गुरु 9 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:17–05:53
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:17–05:53।
बुध 8 जून की रात सूर्यास्त 21:28 बुध से सूर्योदय 06:29 तक थी, 9 घं 1 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 9 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:29–14:29
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:29–14:29।
गुरु 9 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 11:29–12:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:29–12:29 और 17:29–18:29।
गुरु 9 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 17:29–18:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:29–12:29 और 17:29–18:29।
यहाँ दिन, 06:29 से 21:28, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:29–12:29 और 17:29–18:29।
गुरु 9 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:29–08:21 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:29 से 21:28, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:28 से 06:29 शुक्र, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 9 जून को राहुकाल कब है? 15:51–17:44
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:51–17:44।
गुरु 9 जून को यमगंड कब है? 06:29–08:21
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:29–08:21।
गुरु 9 जून को गुलिक काल कब है? 10:14–12:06
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:14–12:06।
यहाँ दिन 06:29 से 21:28 तक है, 14 घं 59 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 9 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 21:28, 14 घं 59 मि का दिन।
गुरु 9 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 21:28, 14 घं 59 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 9 जून को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 25.8° पर था: भरणी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 23°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:57 को निकलेगा, कृत्तिका में।
गुरु 9 जून को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 79.9° थे: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 54.1° + 25.8° = 79.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 06:41 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
गुरु 9 जून को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 331.8° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 03:11 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 14:20 तक है।
गुरु 9 जून को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:29, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:29 से 06:29 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 9 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 13 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 11 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
गुरु 9 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
गुरु 9 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2040 · शक 1905
विक्रम संवत 2040 13 अप्रैल 1983 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 13 अप्रैल 1983, 12:58 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 54.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2040 गिनता है; शक संवत 1905।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 9 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:47 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 05:47 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 9 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:31
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:31 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:47 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:31 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:47 शुक्र पर उदय होगा।