Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 10 मार्च 1983
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
परमा एकादशी
परमा एकादशी गुरु 10 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। गुरु 10 मार्च क्यों?
परमा एकादशी: Sevan में हर तारीख़10 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 10 मार्च
- 05:42–06:31ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:21 से
- 07:21–08:48शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
12:00–13:25अमृत कालगुलिक काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · उत्तराषाढा में
- 12:47–13:34अभिजीत मुहूर्त
- 13:10–14:38लाभ चौघड़िया
- 14:38–16:05अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:33–19:00शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:00 के बाद
- 19:00–20:32अमृत चौघड़िया
- 01:10–02:42 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:14–05:47 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:47–07:19 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:40–06:30 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:21–08:48शुभयमगण्ड में
- 08:48–10:15रोगअशुभ
- 10:15–11:43उद्वेगअशुभ
- 11:43–13:10चरसामान्य
- 13:10–14:38लाभशुभ
- 14:38–16:05अमृतराहु काल में
- 16:05–17:33कालअशुभ
- 17:33–19:00शुभ
रात का चौघड़िया
- 19:00–20:32अमृतशुभ
- 20:32–22:05चरसामान्य
- 22:05–23:37रोगअशुभ
- 23:37–01:10 शुक्रकालअशुभ
- 01:10–02:42 शुक्रलाभशुभ
- 02:42–04:14 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 04:14–05:47 शुक्रशुभ
- 05:47–07:19 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 10 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:42–06:31, शुभ
- शुभ, 07:21–08:48
- रोग, अशुभ, 08:48–10:15
- उद्वेग, अशुभ, 10:15–11:43
- चर, सामान्य, 11:43–13:10
- लाभ, शुभ, 13:10–14:38
- अमृत, शुभ, 14:38–16:05
- काल, अशुभ, 16:05–17:33
- शुभ, 17:33–19:00
- अमृत, शुभ, 19:00–20:32
- चर, सामान्य, 20:32–22:05
- रोग, अशुभ, 22:05–23:37
- काल, अशुभ, 23:37–01:10 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:10–02:42 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:42–04:14 शुक्र
- शुभ, 04:14–05:47 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:47–07:19 शुक्र
- यमगण्ड, 07:21–08:48, अशुभ
- गुलिक काल, 10:15–11:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:14–12:00, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:47–13:34, शुभ
- राहु काल, 14:38–16:05, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:54–16:40, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:40–06:30 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में परमा एकादशी गुरु 10 मार्च को क्यों है?
परमा एकादशी गुरु 10 मार्च को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 10 मार्च को सूर्योदय पर है, 07:21: गुरु 10 मार्च। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 11:21 बुध पर, उससे (05:45–07:21) पहले, समाप्त हुई।
गुरु 10 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 309° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:21। दशमी उससे पहले 11:21 बुध पर समाप्त हुई। एकादशी 14:03 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 27 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
गुरु 10 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:42–06:31
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:42–06:31।
बुध 9 मार्च की रात सूर्यास्त 18:59 बुध से सूर्योदय 07:21 तक थी, 12 घं 22 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 10 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:47–13:34
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:47–13:34।
गुरु 10 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 11:14–12:00
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:14–12:00 और 15:54–16:40।
गुरु 10 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 15:54–16:40
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:14–12:00 और 15:54–16:40।
यहाँ दिन, 07:21 से 19:00, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:14–12:00 और 15:54–16:40।
गुरु 10 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:21–08:48 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:21 से 19:00, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:00 से 07:19 शुक्र, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 10 मार्च को राहुकाल कब है? 14:38–16:05
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:38–16:05।
गुरु 10 मार्च को यमगंड कब है? 07:21–08:48
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:21–08:48।
गुरु 10 मार्च को गुलिक काल कब है? 10:15–11:43
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:15–11:43।
यहाँ दिन 07:21 से 19:00 तक है, 11 घं 39 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 10 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 07:21
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:21, सूर्यास्त 19:00, 11 घं 39 मि का दिन।
गुरु 10 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:00
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:21, सूर्यास्त 19:00, 11 घं 39 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 10 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 274.3° पर था: उत्तराषाढा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 273°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 18:50 को निकलेगा, श्रवण में।
गुरु 10 मार्च को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 599.7° थे, एक चक्कर और 239.7°: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 325.4° + 274.3° = 599.7°, एक पूरा चक्कर और 239.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 07:53 को समाप्त होता है, फिर परिघ।
गुरु 10 मार्च को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 309° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 00:43 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 14:03 तक है।
गुरु 10 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:21, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:21 से 07:19 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 10 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन (अधिक)
13 फ़रवरी और 14 मार्च की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक फाल्गुन।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 13 फ़रवरी 04:31 रवि से 14 मार्च 21:43 सोम तक सूर्य कुंभ में रहा; मीन में वह अमावस्या के बाद 14 मार्च 22:44 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक फाल्गुन है, जो फाल्गुन से पहले आता है।
गुरु 10 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन (अधिक) है, और अमान्त गणना में फाल्गुन (अधिक)।
गुरु 10 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2039 · शक 1904
विक्रम संवत 2039 25 मार्च 1982 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1982, 14:17 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 344.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2039 गिनता है; शक संवत 1904।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 10 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:53 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 05:53 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 10 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:45
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:45 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:53 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:45 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:53 शुक्र पर उदय होगा।