tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 1 अक्टूबर 1982

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 05:49 शनि तक

फिर पूर्णिमा · 05:08 रवि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:18 06:55 18:43अगला सूर्योदय 06:56 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:55–08:24चरसामान्य
  • 08:24–09:52लाभगुलिक काल में
  • 09:52–11:21अमृतशुभ
  • 11:21–12:49कालअशुभ
  • 12:49–14:17शुभ
  • 14:17–15:46रोगअशुभ
  • 15:46–17:14उद्वेगअशुभ
  • 17:14–18:43चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:43–20:14रोगअशुभ
  • 20:14–21:46कालअशुभ
  • 21:46–23:18लाभशुभ
  • 23:18–00:49 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:49–02:21 शनिशुभ
  • 02:21–03:53 शनिअमृतशुभ
  • 03:53–05:25 शनिचरसामान्य
  • 05:25–06:56 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 1 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:18–06:07, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:55–08:24
  • लाभ, शुभ, 08:24–09:52
  • अमृत, शुभ, 09:52–11:21
  • काल, अशुभ, 11:21–12:49
  • शुभ, 12:49–14:17
  • रोग, अशुभ, 14:17–15:46
  • उद्वेग, अशुभ, 15:46–17:14
  • चर, सामान्य, 17:14–18:43
  • रोग, अशुभ, 18:43–20:14
  • काल, अशुभ, 20:14–21:46
  • लाभ, शुभ, 21:46–23:18
  • उद्वेग, अशुभ, 23:18–00:49 शनि
  • शुभ, 00:49–02:21 शनि
  • अमृत, शुभ, 02:21–03:53 शनि
  • चर, सामान्य, 03:53–05:25 शनि
  • रोग, अशुभ, 05:25–06:56 शनि
  • गुलिक काल, 08:24–09:52, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:17–10:04, अशुभ
  • राहु काल, 11:21–12:49, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:25–13:13, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:13–14:00, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:46–17:14, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:18–06:07 शनि

हर मान कैसे निकलता है

शुक्र 1 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 156.5° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 156.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 156.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:55। त्रयोदशी उससे पहले 05:56 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 05:49 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 17 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?

नई दिल्ली में त्रयोदशी है, Sevan में चतुर्दशी।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी पूर्णिमा शुक्र 1 अक्टूबर सुबह शनि 2 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 07:26 05:56 07:19 05:49 06:13 त्रयोदशी 06:14 चतुर्दशी 06:55 चतुर्दशी 06:56 पूर्णिमा
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी पूर्णिमा शुक्र 1 अक्टूबर सुबह शनि 2 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 07:26 05:56 07:19 05:49 06:13 त्रयोदशी 06:14 चतुर्दशी 06:55 चतुर्दशी 06:56 पूर्णिमा
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:13, त्रयोदशी की समाप्ति 07:26 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

Sevan · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 06:55, त्रयोदशी की समाप्ति 05:56 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

शुक्र 1 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:18–06:07

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:18–06:07।

सूर्यास्त 19:44 गुरु सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 30 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:44 गुरु सूर्योदय 06:55 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 30 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 30 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:44 गुरु से सूर्योदय 06:55 तक थी, 12 घं 11 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 1 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:25–13:13

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:25–13:13।

शुक्र 1 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:17–10:04

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:17–10:04 और 13:13–14:00।

शुक्र 1 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:13–14:00

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:17–10:04 और 13:13–14:00।

सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:55 से 18:43, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:17–10:04 और 13:13–14:00।

शुक्र 1 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:55–08:24 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:55 से 18:43, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:43 से 06:56 शनि, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 1 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 11:21–12:49

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:21–12:49।

शुक्र 1 अक्टूबर को यमगंड कब है? 15:46–17:14

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:46–17:14।

शुक्र 1 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 08:24–09:52

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:24–09:52।

सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:55 से 18:43 तक है, 11 घं 48 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 1 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:55

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:55, सूर्यास्त 18:43, 11 घं 48 मि का दिन।

शुक्र 1 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:43

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:55, सूर्यास्त 18:43, 11 घं 48 मि का दिन।

सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:52 शनि चंद्रोदय 18:20
सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:52 शनि चंद्रोदय 18:20
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 1 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 320.5° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 320.5° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 320.5° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 320° पर उसके पद 1 में आया। वह 06:33 शनि को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

शुक्र 1 अक्टूबर को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 484.5° थे, एक चक्कर और 124.5°: गण्ड।

सूर्य 164.0° + चंद्रमा 320.5° = 484.5° एक चक्कर + 124.5° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 164.0° + चंद्रमा 320.5° = 484.5° एक चक्कर + 124.5° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 164° + 320.5° = 484.5°, एक पूरा चक्कर और 124.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 22:07 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

शुक्र 1 अक्टूबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 156.5° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 156.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 156.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 17:57 तक है, जब बढ़त 162° होगी; वणिज 05:49 शनि तक।

शुक्र 1 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:55, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:55 से 06:56 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 1 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन (अधिक)

17 सितंबर और 17 अक्टूबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 सितंबर 17:09 शुक्र से 17 अक्टूबर 04:04 रवि तक सूर्य कन्या में रहा; तुला में वह अमावस्या के बाद 17 अक्टूबर 11:46 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आश्विन है, जो आश्विन से पहले आता है।

शुक्र 1 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन (अधिक) का है।

अमान्त आश्विन (अधिक) पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल शुक्र 1 अक्टूबर पूर्णिमा 3 सित॰ अमावस्या 17 सित॰ पूर्णिमा 3 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰
अमान्त आश्विन (अधिक) पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल शुक्र 1 अक्टूबर पूर्णिमा 3 सित॰ अमावस्या 17 सित॰ पूर्णिमा 3 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन (अधिक) है।

शुक्र 1 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2039 · शक 1904

विक्रम संवत 2039 25 मार्च 1982 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 1982 14:17 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 1 अक्टूबर सूर्य 164.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 1982 14:17 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 1 अक्टूबर सूर्य 164.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1982, 14:17 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 183.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2039 गिनता है; शक संवत 1904।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 1 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:20

चंद्रमा यहाँ 18:20 पर उदय होता है।

शुक्र 1 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:52 शनि

सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:52 शनि चंद्रोदय 18:20
सूर्योदय 06:55 सूर्यास्त 18:43 सूर्योदय 06:56 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:52 शनि चंद्रोदय 18:20
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:20 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:52 शनि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:20 पर उदय हुआ; वह फिर 05:52 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।