tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 17 अगस्त 1982

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 13:52 तक

फिर चतुर्दशी · 10:44 बुध तक

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
01:43⁠–⁠02:24 बुध
निशीथ काल 01:43⁠–⁠02:24 बुध

मासिक शिवरात्रि मंगल 17 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 17 अगस्त क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:49 07:11 20:55अगला सूर्योदय 07:12 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:11–08:54रोगअशुभ
  • 08:54–10:37उद्वेगअशुभ
  • 10:37–12:20चरसामान्य
  • 12:20–14:03लाभशुभ
  • 14:03–15:46अमृतगुलिक काल में
  • 15:46–17:29कालअशुभ
  • 17:29–19:12शुभराहु काल में
  • 19:12–20:55रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:55–22:12कालअशुभ
  • 22:12–23:29लाभशुभ
  • 23:29–00:47 बुधउद्वेगअशुभ
  • 00:47–02:04 बुधशुभ
  • 02:04–03:21 बुधअमृतशुभ
  • 03:21–04:38 बुधचरसामान्य
  • 04:38–05:55 बुधरोगअशुभ
  • 05:55–07:12 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 17 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 05:49–06:30, शुभ
  • रोग, अशुभ, 07:11–08:54
  • उद्वेग, अशुभ, 08:54–10:37
  • चर, सामान्य, 10:37–12:20
  • लाभ, शुभ, 12:20–14:03
  • अमृत, शुभ, 14:03–15:46
  • काल, अशुभ, 15:46–17:29
  • शुभ, 17:29–19:12
  • रोग, अशुभ, 19:12–20:55
  • काल, अशुभ, 20:55–22:12
  • लाभ, शुभ, 22:12–23:29
  • उद्वेग, अशुभ, 23:29–00:47 बुध
  • शुभ, 00:47–02:04 बुध
  • अमृत, शुभ, 02:04–03:21 बुध
  • चर, सामान्य, 03:21–04:38 बुध
  • रोग, अशुभ, 04:38–05:55 बुध
  • काल, अशुभ, 05:55–07:12 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:56–10:51, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:37–12:20, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:36–14:31, शुभ
  • गुलिक काल, 14:03–15:46, अशुभ
  • राहु काल, 17:29–19:12, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 01:02–01:43 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:50–06:31 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में मासिक शिवरात्रि मंगल 17 अगस्त को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि मंगल 17 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 00:00 01:00 02:00 03:00 04:00 सोम 16 अगस्त निशीथ काल 01:43–02:24 मंगल
त्रयोदशी 00:00 01:00 02:00 03:00 04:00 सोम 16 अगस्त निशीथ काल 01:43–02:24 मंगल
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 17 अगस्त को 13:52 से बुध 18 अगस्त को 10:44 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (01:43 बुध–02:24 बुध) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

मंगल 17 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 332.2° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 332.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 332.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:11। द्वादशी उससे पहले 16:59 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 13:52 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 5 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

मंगल 17 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:49–06:30

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:49–06:30।

सूर्यास्त 20:56 सोम सूर्योदय 07:11 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 16 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:56 सोम सूर्योदय 07:11 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 16 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 16 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:56 सोम से सूर्योदय 07:11 तक थी, 10 घं 15 मि। इसे 41 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 17 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:36–14:31

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:36–14:31।

मंगल 17 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 09:56–10:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:56–10:51, और रात के 15 में से सातवाँ, 01:02 बुध–01:43 बुध।

मंगल 17 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 01:02–01:43 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:56–10:51, और रात के 15 में से सातवाँ, 01:02 बुध–01:43 बुध।

सूर्योदय 07:11 सूर्यास्त 20:55 सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 07:11 सूर्यास्त 20:55 सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 07:11 से 20:55, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 54 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:56–10:51 और 01:02 बुध–01:43 बुध।

मंगल 17 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:11–08:54 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:11 सूर्यास्त 20:55 सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 07:11 सूर्यास्त 20:55 सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:11 से 20:55, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:55 से 07:12 बुध, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 17 अगस्त को राहुकाल कब है? 17:29–19:12

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:29–19:12।

मंगल 17 अगस्त को यमगंड कब है? 10:37–12:20

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:37–12:20।

मंगल 17 अगस्त को गुलिक काल कब है? 14:03–15:46

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 14:03–15:46।

सूर्योदय 07:11 सूर्यास्त 20:55 सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:11 सूर्यास्त 20:55 सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 07:11 से 20:55 तक है, 13 घं 44 मि। इसे 1 घं 43 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 17 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 07:11

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:11, सूर्यास्त 20:55, 13 घं 44 मि का दिन।

मंगल 17 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:55

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:11, सूर्यास्त 20:55, 13 घं 44 मि का दिन।

सूर्योदय 07:11 सूर्यास्त 20:55 सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:00 चंद्रोदय 05:56 बुध
सूर्योदय 07:11 सूर्यास्त 20:55 सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:00 चंद्रोदय 05:56 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 17 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 92.4° पर था: पुनर्वसु, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 92.4° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 92.4° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 90° पर उसके पद 4 में आया। वह 08:42 को निकलेगा, पुष्य में।

मंगल 17 अगस्त को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 212.6° थे: सिद्धि।

सूर्य 120.2° + चंद्रमा 92.4° = 212.6° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 120.2° + चंद्रमा 92.4° = 212.6° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 120.2° + 92.4° = 212.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 08:13 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

मंगल 17 अगस्त को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 332.2° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 332.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 332.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 03:26 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 13:52 तक है।

मंगल 17 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:11, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 07:11 सूर्यास्त 20:55 सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 07:11 सूर्यास्त 20:55 सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:11 से 07:12 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 17 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 20 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 19 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

मंगल 17 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद श्रावण कृष्ण शुक्ल मंगल 17 अगस्त अमावस्या 20 जुल॰ पूर्णिमा 5 अग॰ अमावस्या 19 अग॰ पूर्णिमा 3 सित॰
अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद श्रावण कृष्ण शुक्ल मंगल 17 अगस्त अमावस्या 20 जुल॰ पूर्णिमा 5 अग॰ अमावस्या 19 अग॰ पूर्णिमा 3 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

मंगल 17 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2039 · शक 1904

विक्रम संवत 2039 25 मार्च 1982 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 1982 14:17 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 17 अगस्त सूर्य 120.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 1982 14:17 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 17 अगस्त सूर्य 120.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1982, 14:17 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 139.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2039 गिनता है; शक संवत 1904।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 17 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:56 बुध

चंद्रमा यहाँ 05:56 बुध पर उदय होता है।

मंगल 17 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:00

सूर्योदय 07:11 सूर्यास्त 20:55 सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:00 चंद्रोदय 05:56 बुध
सूर्योदय 07:11 सूर्यास्त 20:55 सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:00 चंद्रोदय 05:56 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 20:00 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:56 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 20:00 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:56 बुध पर उदय होगा।