tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 21 अप्रैल 1982

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 08:06 तक

फिर त्रयोदशी · 06:28 गुरु तक

यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
20:44⁠–⁠22:50
प्रदोष काल 20:44⁠–⁠22:50

प्रदोष व्रत बुध 21 अप्रैल को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 21 अप्रैल क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

व्रत का पारण

वरूथिनी एकादशी

पारण बुध 21 अप्रैल, 07:13⁠–⁠08:06
वरूथिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:49 07:13 20:44अगला सूर्योदय 07:12 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:13–08:54लाभशुभ
  • 08:54–10:36अमृतयमगण्ड में
  • 10:36–12:17कालअशुभ
  • 12:17–13:59शुभगुलिक काल में
  • 13:59–15:40रोगअशुभ
  • 15:40–17:21उद्वेगअशुभ
  • 17:21–19:03चरसामान्य
  • 19:03–20:44लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:44–22:03उद्वेगअशुभ
  • 22:03–23:21शुभ
  • 23:21–00:39 गुरुअमृतशुभ
  • 00:39–01:58 गुरुचरसामान्य
  • 01:58–03:16 गुरुरोगअशुभ
  • 03:16–04:35 गुरुकालअशुभ
  • 04:35–05:53 गुरुलाभशुभ
  • 05:53–07:12 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 21 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 05:49–06:31, शुभ
  • लाभ, शुभ, 07:13–08:54
  • अमृत, शुभ, 08:54–10:36
  • काल, अशुभ, 10:36–12:17
  • शुभ, 12:17–13:59
  • रोग, अशुभ, 13:59–15:40
  • उद्वेग, अशुभ, 15:40–17:21
  • चर, सामान्य, 17:21–19:03
  • लाभ, शुभ, 19:03–20:44
  • उद्वेग, अशुभ, 20:44–22:03
  • शुभ, 22:03–23:21
  • अमृत, शुभ, 23:21–00:39 गुरु
  • चर, सामान्य, 00:39–01:58 गुरु
  • रोग, अशुभ, 01:58–03:16 गुरु
  • काल, अशुभ, 03:16–04:35 गुरु
  • लाभ, शुभ, 04:35–05:53 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:53–07:12 गुरु
  • यमगण्ड, 08:54–10:36, अशुभ
  • गुलिक काल, 12:17–13:59, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:32–14:26, अशुभ
  • राहु काल, 13:59–15:40, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:48–06:30 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत बुध 21 अप्रैल को क्यों है?

प्रदोष व्रत बुध 21 अप्रैल को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 मंगल 20 अप्रैल प्रदोष काल 20:43–22:49
द्वादशी 19:00 21:00 23:00 मंगल 20 अप्रैल प्रदोष काल 20:43–22:49
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 21 अप्रैल को 08:06 से गुरु 22 अप्रैल को 06:28 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (20:44–22:50) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

बुध 21 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 323.5° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 323.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 323.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:13। एकादशी उससे पहले 08:58 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 08:06 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 8 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

त्रयोदशी क्षय क्यों है?

त्रयोदशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी बुध 21 अप्रैल सुबह गुरु 22 अप्रैल सुबह Sevan UTC+5 08:06 06:28 07:13 द्वादशी 07:12 चतुर्दशी त्रयोदशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी बुध 21 अप्रैल सुबह गुरु 22 अप्रैल सुबह Sevan UTC+5 08:06 06:28 07:13 द्वादशी 07:12 चतुर्दशी त्रयोदशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 08:06 को शुरू हुई और 06:28 गुरु को समाप्त, 07:13 और 07:12 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को द्वादशी है और गुरुवार को चतुर्दशी: त्रयोदशी यहाँ क्षय तिथि है।

बुध 21 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:49–06:31

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:49–06:31।

सूर्यास्त 20:43 मंगल सूर्योदय 07:13 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 20 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:43 मंगल सूर्योदय 07:13 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 20 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 20 अप्रैल की रात सूर्यास्त 20:43 मंगल से सूर्योदय 07:13 तक थी, 10 घं 30 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 21 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 13:32–14:26

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 13:32–14:26।

सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 20:44 सूर्योदय 07:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 20:44 सूर्योदय 07:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:13 से 20:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 54 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 13:32–14:26: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 21 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:13–08:54 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 20:44 सूर्योदय 07:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 20:44 सूर्योदय 07:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:13 से 20:44, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:44 से 07:12 गुरु, 1 घं 18 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 21 अप्रैल को राहुकाल कब है? 13:59–15:40

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:59–15:40।

बुध 21 अप्रैल को यमगंड कब है? 08:54–10:36

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:54–10:36।

बुध 21 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 12:17–13:59

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:17–13:59।

सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 20:44 सूर्योदय 07:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 20:44 सूर्योदय 07:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 07:13 से 20:44 तक है, 13 घं 31 मि। इसे 1 घं 41 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 21 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 07:13

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:13, सूर्यास्त 20:44, 13 घं 31 मि का दिन।

बुध 21 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:13, सूर्यास्त 20:44, 13 घं 31 मि का दिन।

सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 20:44 सूर्योदय 07:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:56 चंद्रोदय 06:42 गुरु
सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 20:44 सूर्योदय 07:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:56 चंद्रोदय 06:42 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 21 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 330.6° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 330.6° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 330.6° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 330° पर उसके पद 4 में आया। वह 12:02 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

बुध 21 अप्रैल को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 337.7° थे: इन्द्र।

सूर्य 7.1° + चंद्रमा 330.6° = 337.7° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 7.1° + चंद्रमा 330.6° = 337.7° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 7.1° + 330.6° = 337.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 21:55 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

बुध 21 अप्रैल को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 323.5° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 323.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 323.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 20:38 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 08:06 तक है।

बुध 21 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:13, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 20:44 सूर्योदय 07:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 20:44 सूर्योदय 07:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:13 से 07:12 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 21 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 25 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 24 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

बुध 21 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।

अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख चैत्र कृष्ण शुक्ल बुध 21 अप्रैल अमावस्या 25 मार्च पूर्णिमा 8 अप्रैल अमावस्या 24 अप्रैल पूर्णिमा 8 मई
अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख चैत्र कृष्ण शुक्ल बुध 21 अप्रैल अमावस्या 25 मार्च पूर्णिमा 8 अप्रैल अमावस्या 24 अप्रैल पूर्णिमा 8 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।

बुध 21 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2039 · शक 1904

विक्रम संवत 2039 25 मार्च 1982 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 1982 14:17 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 21 अप्रैल सूर्य 7.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 1982 14:17 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 21 अप्रैल सूर्य 7.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1982, 14:17 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 26.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2039 गिनता है; शक संवत 1904।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 21 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:42 गुरु

चंद्रमा यहाँ 06:42 गुरु पर उदय होता है।

बुध 21 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:56

सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 20:44 सूर्योदय 07:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:56 चंद्रोदय 06:42 गुरु
सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 20:44 सूर्योदय 07:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:56 चंद्रोदय 06:42 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:56 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:42 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:56 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:42 गुरु पर उदय होगा।