Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 2 नवंबर 1981
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
त्योहार
छठ · संध्या अर्घ्य
छठ · संध्या अर्घ्य सोम 2 नवंबर को है: उस शाम सूर्यास्त पर षष्ठी है। सोम 2 नवंबर क्यों?
छठ: Sevan में हर तारीख़2 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 2 नवंबर
- 05:42–06:36ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:30 से
- 07:30–08:48अमृत चौघड़िया
- 10:07–11:25शुभ चौघड़िया
- 12:43–13:04अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:50–16:37लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:37–17:55अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:55 के बाद
- 23:01–00:43 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:25–04:07 मंगलशुभ चौघड़िया
- 04:07–05:49 मंगलअमृत चौघड़िया
-
04:13–06:00 मंगलअमृत कालपूर्वाषाढा में
- 05:43–06:37 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:30–08:48अमृतशुभ
- 08:48–10:07कालअशुभ
- 10:07–11:25शुभ
- 11:25–12:43रोगअशुभ
- 12:43–14:01उद्वेगअशुभ
- 14:01–15:19चरसामान्य
- 15:19–16:37लाभशुभ
- 16:37–17:55अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:55–19:37चरसामान्य
- 19:37–21:19रोगअशुभ
- 21:19–23:01कालअशुभ
- 23:01–00:43 मंगललाभशुभ
- 00:43–02:25 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:25–04:07 मंगलशुभ
- 04:07–05:49 मंगलअमृतशुभ
- 05:49–07:31 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 2 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:42–06:36, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:30–08:48
- काल, अशुभ, 08:48–10:07
- शुभ, 10:07–11:25
- रोग, अशुभ, 11:25–12:43
- उद्वेग, अशुभ, 12:43–14:01
- चर, सामान्य, 14:01–15:19
- लाभ, शुभ, 15:19–16:37
- अमृत, शुभ, 16:37–17:55
- चर, सामान्य, 17:55–19:37
- रोग, अशुभ, 19:37–21:19
- काल, अशुभ, 21:19–23:01
- लाभ, शुभ, 23:01–00:43 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:43–02:25 मंगल
- शुभ, 02:25–04:07 मंगल
- अमृत, शुभ, 04:07–05:49 मंगल
- चर, सामान्य, 05:49–07:31 मंगल
- राहु काल, 08:48–10:07, अशुभ
- यमगण्ड, 11:25–12:43, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:04, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:04–13:45, अशुभ
- गुलिक काल, 14:01–15:19, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:09–15:50, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:43–06:37 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में छठ सोम 2 नवंबर को क्यों है?
छठ · संध्या अर्घ्य सोम 2 नवंबर को है: उस शाम सूर्यास्त पर षष्ठी है।
संध्या अर्घ्य सूर्यास्त पर दिया जाता है। षष्ठी सोम 2 नवंबर को 12:40 से मंगल 3 नवंबर को 14:53 तक है, इसलिए सूर्यास्त पर वह केवल सोम 2 नवंबर को है, 17:55 पर। छठ · संध्या अर्घ्य का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्यास्त Tithika की परिपाटी है।
सोम 2 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 57.7° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:30। चतुर्थी उससे पहले 10:08 रवि पर समाप्त हुई। पञ्चमी 12:40 को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 28 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 2 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:42–06:36
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:42–06:36।
रवि 1 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:57 रवि से सूर्योदय 07:30 तक थी, 13 घं 33 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 2 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:04
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:04।
सोम 2 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:04–13:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:04–13:45 और 15:09–15:50।
सोम 2 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:09–15:50
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:04–13:45 और 15:09–15:50।
यहाँ दिन, 07:30 से 17:55, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:04–13:45 और 15:09–15:50।
सोम 2 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:30–08:48 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:30 से 17:55, 1 घं 18 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:55 से 07:31 मंगल, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 2 नवंबर को राहुकाल कब है? 08:48–10:07
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:48–10:07।
सोम 2 नवंबर को यमगंड कब है? 11:25–12:43
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:25–12:43।
सोम 2 नवंबर को गुलिक काल कब है? 14:01–15:19
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:01–15:19।
यहाँ दिन 07:30 से 17:55 तक है, 10 घं 25 मि। इसे 1 घं 18 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 2 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:30, सूर्यास्त 17:55, 10 घं 25 मि का दिन।
सोम 2 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:30, सूर्यास्त 17:55, 10 घं 25 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 2 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 253.7° पर था: पूर्वाषाढा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 253°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 09:35 मंगल को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
सोम 2 नवंबर को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 449.7° थे, एक चक्कर और 89.7°: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 196° + 253.7° = 449.7°, एक पूरा चक्कर और 89.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 14:15 को समाप्त होता है, फिर धृति।
सोम 2 नवंबर को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 57.7° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 23:26 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 54° हुई; बालव 12:40 तक है।
सोम 2 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:30, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:30 से 07:31 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 2 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 28 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 26 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
सोम 2 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
सोम 2 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2038 · शक 1903
विक्रम संवत 2038 5 अप्रैल 1981 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 1981, 01:19 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 204.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2038 गिनता है; शक संवत 1903।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 2 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:15
चंद्रमा यहाँ 12:15 पर उदय होता है।
सोम 2 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:54
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:15 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:54 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:15 पर उदय हुआ; वह फिर 21:54 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।