tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 25 मई 1980

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 19:43 तक

फिर द्वादशी · 21:50 सोम तक

व्रत

पद्मिनी एकादशी

पारण समय
05:34⁠–⁠20:19 सोम
सोम 26 मई
व्रत आरंभ
05:35

पद्मिनी एकादशी रवि 25 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। रवि 25 मई क्यों?

पद्मिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:21 05:35 20:18अगला सूर्योदय 05:34 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:35–07:25उद्वेगअशुभ
  • 07:25–09:16चरसामान्य
  • 09:16–11:06लाभशुभ
  • 11:06–12:57अमृतशुभ
  • 12:57–14:47कालअशुभ
  • 14:47–16:37शुभ
  • 16:37–18:28रोगअशुभ
  • 18:28–20:18उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:18–21:28शुभ
  • 21:28–22:37अमृतशुभ
  • 22:37–23:47चरसामान्य
  • 23:47–00:56 सोमरोगअशुभ
  • 00:56–02:06 सोमकालअशुभ
  • 02:06–03:15 सोमलाभशुभ
  • 03:15–04:25 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:25–05:34 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 25 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–04:58, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 05:35–07:25
  • चर, सामान्य, 07:25–09:16
  • लाभ, शुभ, 09:16–11:06
  • अमृत, शुभ, 11:06–12:57
  • काल, अशुभ, 12:57–14:47
  • शुभ, 14:47–16:37
  • रोग, अशुभ, 16:37–18:28
  • उद्वेग, अशुभ, 18:28–20:18
  • शुभ, 20:18–21:28
  • अमृत, शुभ, 21:28–22:37
  • चर, सामान्य, 22:37–23:47
  • रोग, अशुभ, 23:47–00:56 सोम
  • काल, अशुभ, 00:56–02:06 सोम
  • लाभ, शुभ, 02:06–03:15 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:15–04:25 सोम
  • शुभ, 04:25–05:34 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:27–13:26, शुभ
  • यमगण्ड, 12:57–14:47, अशुभ
  • गुलिक काल, 16:37–18:28, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 18:20–19:19, अशुभ
  • राहु काल, 18:28–20:18, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:20–04:57 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में पद्मिनी एकादशी रवि 25 मई को क्यों है?

पद्मिनी एकादशी रवि 25 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

एकादशी 05:35 02:00 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 रवि 25 मई स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 03:59–05:35
एकादशी 05:35 02:00 04:00 06:00 रवि 25 मई स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 03:59–05:35
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 25 मई को सूर्योदय पर है, 05:35: रवि 25 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 17:18 शनि पर, उससे (03:59–05:35) पहले, समाप्त हुई।

पद्मिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

रवि 25 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 125.6° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 125.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 125.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:35। दशमी उससे पहले 17:18 शनि पर समाप्त हुई। एकादशी 19:43 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 14 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

रवि 25 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:21–04:58

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:21–04:58।

सूर्यास्त 20:17 शनि सूर्योदय 05:35 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 24 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:17 शनि सूर्योदय 05:35 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 24 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 24 मई की रात सूर्यास्त 20:17 शनि से सूर्योदय 05:35 तक थी, 9 घं 18 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 25 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:27–13:26

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:27–13:26।

रवि 25 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 18:20–19:19

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 18:20–19:19।

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 05:35 से 20:18, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 18:20–19:19।

रवि 25 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:35–07:25 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:35 से 20:18, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:18 से 05:34 सोम, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 25 मई को राहुकाल कब है? 18:28–20:18

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 18:28–20:18।

रवि 25 मई को यमगंड कब है? 12:57–14:47

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:57–14:47।

रवि 25 मई को गुलिक काल कब है? 16:37–18:28

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:37–18:28।

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 05:35 से 20:18 तक है, 14 घं 43 मि। इसे 1 घं 50 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 25 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:35

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 20:18, 14 घं 43 मि का दिन।

रवि 25 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:18

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 20:18, 14 घं 43 मि का दिन।

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:52 सोम चंद्रोदय 15:55
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:52 सोम चंद्रोदय 15:55
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 25 मई को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 166° पर था: हस्त, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 166.0° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 166.0° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 163°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:25 को निकलेगा, चित्रा में।

रवि 25 मई को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 206.4° थे: सिद्धि।

सूर्य 40.4° + चंद्रमा 166.0° = 206.4° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 40.4° + चंद्रमा 166.0° = 206.4° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 40.4° + 166° = 206.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 18:32 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

रवि 25 मई को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 125.6° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 125.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 125.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 06:32 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 19:43 तक।

रवि 25 मई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:35, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:35 से 05:34 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 25 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

14 मई और 13 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 14 मई 16:00 बुध से 13 जून 00:38 शुक्र तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 14 जून 16:25 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।

रवि 25 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।

अमान्त ज्येष्ठ (अधिक) पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल रवि 25 मई पूर्णिमा 30 अप्रैल अमावस्या 14 मई पूर्णिमा 30 मई अमावस्या 13 जून
अमान्त ज्येष्ठ (अधिक) पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल रवि 25 मई पूर्णिमा 30 अप्रैल अमावस्या 14 मई पूर्णिमा 30 मई अमावस्या 13 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ (अधिक) है।

रवि 25 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2037 · शक 1902

विक्रम संवत 2037 16 मार्च 1980 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 16 मार्च 1980 22:55 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 25 मई सूर्य 40.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 16 मार्च 1980 22:55 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 25 मई सूर्य 40.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 1980, 22:55 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 67.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2037 गिनता है; शक संवत 1902।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 25 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:55

चंद्रमा यहाँ 15:55 पर उदय होता है।

रवि 25 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:52 सोम

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:52 सोम चंद्रोदय 15:55
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:52 सोम चंद्रोदय 15:55
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:55 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:52 सोम पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:55 पर उदय हुआ; वह फिर 03:52 सोम पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।