tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 1 अप्रैल 1978

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:13 06:44 19:23अगला सूर्योदय 06:43 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:44–08:19कालअशुभ
  • 08:19–09:54शुभ
  • 09:54–11:29रोगअशुभ
  • 11:29–13:04उद्वेगअशुभ
  • 13:04–14:39चरसामान्य
  • 14:39–16:14लाभयमगण्ड में
  • 16:14–17:49अमृतशुभ
  • 17:49–19:23कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:23–20:48लाभशुभ
  • 20:48–22:13उद्वेगअशुभ
  • 22:13–23:38शुभ
  • 23:38–01:03 रविअमृतशुभ
  • 01:03–02:28 रविचरसामान्य
  • 02:28–03:53 रविरोगअशुभ
  • 03:53–05:18 रविकालअशुभ
  • 05:18–06:43 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 1 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 05:13–05:59, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:44–08:19
  • शुभ, 08:19–09:54
  • रोग, अशुभ, 09:54–11:29
  • उद्वेग, अशुभ, 11:29–13:04
  • चर, सामान्य, 13:04–14:39
  • लाभ, शुभ, 14:39–16:14
  • अमृत, शुभ, 16:14–17:49
  • काल, अशुभ, 17:49–19:23
  • लाभ, शुभ, 19:23–20:48
  • उद्वेग, अशुभ, 20:48–22:13
  • शुभ, 22:13–23:38
  • अमृत, शुभ, 23:38–01:03 रवि
  • चर, सामान्य, 01:03–02:28 रवि
  • रोग, अशुभ, 02:28–03:53 रवि
  • काल, अशुभ, 03:53–05:18 रवि
  • लाभ, शुभ, 05:18–06:43 रवि
  • गुलिक काल, 06:44–08:19, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:44–07:35, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:35–08:25, अशुभ
  • राहु काल, 09:54–11:29, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:39–13:29, शुभ
  • यमगण्ड, 14:39–16:14, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:12–05:57 रवि

हर मान कैसे निकलता है

शनि 1 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण नवमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 276.4° आगे था: कृष्ण नवमी।

सूर्य अमावस्या 0° 276.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 276.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 276°–288° चौबीसवीं है, कृष्ण नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:44। अष्टमी उससे पहले 06:03 पर समाप्त हुई। नवमी 03:53 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 288° होगी। बढ़त 24 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में अष्टमी क्यों है?

नई दिल्ली में अष्टमी है, Sevan में नवमी।

अष्टमी नवमी नवमी दशमी शनि 1 अप्रैल सुबह रवि 2 अप्रैल सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 07:33 06:03 05:23 03:53 06:12 अष्टमी 06:10 दशमी 06:44 नवमी 06:43 दशमी
अष्टमी नवमी नवमी दशमी शनि 1 अप्रैल सुबह रवि 2 अप्रैल सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 07:33 06:03 05:23 03:53 06:12 अष्टमी 06:10 दशमी 06:44 नवमी 06:43 दशमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:12, अष्टमी की समाप्ति 07:33 से पहले हुआ: यह दिन अष्टमी है। नवमी अगले सूर्योदय से पहले, 05:23 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन नवमी नहीं होता: वह क्षय है।

Sevan · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 06:44, अष्टमी की समाप्ति 06:03 के बाद हुआ: यह दिन नवमी है।

शनि 1 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:13–05:59

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:13–05:59।

सूर्यास्त 19:22 शुक्र सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 31 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:22 शुक्र सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 31 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 31 मार्च की रात सूर्यास्त 19:22 शुक्र से सूर्योदय 06:44 तक थी, 11 घं 22 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 1 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:39–13:29

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:39–13:29।

शनि 1 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 06:44–07:35

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:44–07:35 और 07:35–08:25।

शनि 1 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 07:35–08:25

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:44–07:35 और 07:35–08:25।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:43 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:43 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:44 से 19:23, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:44–07:35 और 07:35–08:25।

शनि 1 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:44–08:19 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:43 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:43 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:44 से 19:23, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:23 से 06:43 रवि, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 1 अप्रैल को राहुकाल कब है? 09:54–11:29

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:54–11:29।

शनि 1 अप्रैल को यमगंड कब है? 14:39–16:14

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:39–16:14।

शनि 1 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 06:44–08:19

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:44–08:19।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:43 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:43 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:44 से 19:23 तक है, 12 घं 39 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 1 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 19:23, 12 घं 39 मि का दिन।

शनि 1 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:23

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 19:23, 12 घं 39 मि का दिन।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:43 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:49 चंद्रोदय 03:18 रवि
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:43 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:49 चंद्रोदय 03:18 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 1 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 263.8° पर था: पूर्वाषाढा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 263.8° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 263.8° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 263°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:31 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

शनि 1 अप्रैल को कौन सा योग है? परिघ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 611.3° थे, एक चक्कर और 251.3°: परिघ।

सूर्य 347.5° + चंद्रमा 263.8° = 611.3° एक चक्कर + 251.3° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 347.5° + चंद्रमा 263.8° = 611.3° एक चक्कर + 251.3° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 347.5° + 263.8° = 611.3°, एक पूरा चक्कर और 251.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 09:57 को समाप्त होता है, फिर शिव।

शनि 1 अप्रैल को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 276.4° थी: नवमी का पहला आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 276.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° तैतिल 276°–282° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 276.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° तैतिल 276°–282° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 16:58 तक है, जब बढ़त 282° होगी; गर 03:53 रवि तक।

शनि 1 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:44, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:43 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:43 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:44 से 06:43 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 1 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 9 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 7 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

शनि 1 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल शनि 1 अप्रैल अमावस्या 9 मार्च पूर्णिमा 24 मार्च अमावस्या 7 अप्रैल पूर्णिमा 23 अप्रैल
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल शनि 1 अप्रैल अमावस्या 9 मार्च पूर्णिमा 24 मार्च अमावस्या 7 अप्रैल पूर्णिमा 23 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।

शनि 1 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2034 · शक 1899

विक्रम संवत 2034 19 मार्च 1977 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 1977 22:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 1 अप्रैल सूर्य 347.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 1977 22:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 1 अप्रैल सूर्य 347.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 1977, 22:32 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 372° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2034 गिनता है; शक संवत 1899।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 1 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:18 रवि

चंद्रमा यहाँ 03:18 रवि पर उदय होता है।

शनि 1 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:49

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:43 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:49 चंद्रोदय 03:18 रवि
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:43 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:49 चंद्रोदय 03:18 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:49 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:18 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:49 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:18 रवि पर उदय होगा।