Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 22 अक्टूबर 1968
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
1970 से पहले के समय UTC+4:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा मंगल 22 अक्टूबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। मंगल 22 अक्टूबर क्यों?
गोवर्धन पूजा: Sevan में हर तारीख़22 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 22 अक्टूबर
- 05:33–06:25ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:18 से
- 11:22–12:44लाभ चौघड़िया
- 12:22–12:44अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:44–14:05अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:27–16:48शुभ चौघड़ियाराहु काल में
-
17:55–19:21अमृत कालस्वाती में
- सूर्यास्त 18:10 के बाद
- 19:48–21:27लाभ चौघड़िया
- 23:06–23:25शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:18–00:44 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:44–02:23 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:34–06:26 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:18–08:39रोगअशुभ
- 08:39–10:01उद्वेगअशुभ
- 10:01–11:22चरसामान्य
- 11:22–12:44लाभशुभ
- 12:44–14:05अमृतगुलिक काल में
- 14:05–15:27कालअशुभ
- 15:27–16:48शुभराहु काल में
- 16:48–18:10रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:10–19:48कालअशुभ
- 19:48–21:27लाभशुभ
- 21:27–23:06उद्वेगअशुभ
- 23:06–00:44 बुधशुभ
- 00:44–02:23 बुधअमृतशुभ
- 02:23–04:02 बुधचरसामान्य
- 04:02–05:40 बुधरोगअशुभ
- 05:40–07:19 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 22 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:33–06:25, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:18–08:39
- उद्वेग, अशुभ, 08:39–10:01
- चर, सामान्य, 10:01–11:22
- लाभ, शुभ, 11:22–12:44
- अमृत, शुभ, 12:44–14:05
- काल, अशुभ, 14:05–15:27
- शुभ, 15:27–16:48
- रोग, अशुभ, 16:48–18:10
- काल, अशुभ, 18:10–19:48
- लाभ, शुभ, 19:48–21:27
- उद्वेग, अशुभ, 21:27–23:06
- शुभ, 23:06–00:44 बुध
- अमृत, शुभ, 00:44–02:23 बुध
- चर, सामान्य, 02:23–04:02 बुध
- रोग, अशुभ, 04:02–05:40 बुध
- काल, अशुभ, 05:40–07:19 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:28–10:12, अशुभ
- यमगण्ड, 10:01–11:22, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:05, शुभ
- गुलिक काल, 12:44–14:05, अशुभ
- राहु काल, 15:27–16:48, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:25–00:18 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:34–06:26 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में गोवर्धन पूजा मंगल 22 अक्टूबर को क्यों है?
गोवर्धन पूजा मंगल 22 अक्टूबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।
गोवर्धन पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा मंगल 22 अक्टूबर को 01:44 से मंगल 22 अक्टूबर को 22:37 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रातःकाल (07:18–09:28) उसके भीतर है। गोवर्धन पूजा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 3.2° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:18। अमावस्या उससे पहले 01:44 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 22:37 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 22 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 22 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:33–06:25
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:33–06:25।
सोम 21 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:11 सोम से सूर्योदय 07:18 तक थी, 13 घं 7 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 22 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:05
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:05।
मंगल 22 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:28–10:12
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:28–10:12, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:25–00:18 बुध।
मंगल 22 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:25–00:18 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:28–10:12, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:25–00:18 बुध।
यहाँ दिन, 07:18 से 18:10, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:28–10:12 और 23:25–00:18 बुध।
मंगल 22 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:18–08:39 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:18 से 18:10, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:10 से 07:19 बुध, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 22 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:27–16:48
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:27–16:48।
मंगल 22 अक्टूबर को यमगंड कब है? 10:01–11:22
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:01–11:22।
मंगल 22 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 12:44–14:05
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:44–14:05।
यहाँ दिन 07:18 से 18:10 तक है, 10 घं 52 मि। इसे 1 घं 21 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 22 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:18, सूर्यास्त 18:10, 10 घं 52 मि का दिन।
मंगल 22 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:18, सूर्यास्त 18:10, 10 घं 52 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 52 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 52 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 9 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 188.6° पर था: स्वाती, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 186°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:50 बुध को निकलेगा, विशाखा में।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 374° थे, एक चक्कर और 14°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 185.4° + 188.6° = 374°, एक पूरा चक्कर और 14°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 02:38 बुध को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न
सूर्योदय पर बढ़त 3.2° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 12:12 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 22:37 तक।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:18, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:18 से 07:19 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 22 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 15 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 20 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2025 · शक 1890
विक्रम संवत 2025 29 मार्च 1968 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 1968, 02:47 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 200.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2025 गिनता है; शक संवत 1890।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 22 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:45
चंद्रमा यहाँ 07:45 पर उदय होता है।
मंगल 22 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:16
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:45 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:16 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:45 पर उदय हुआ; वह फिर 18:16 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।