tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 31 मार्च 1968

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

1970 से पहले के समय UTC+4:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:14 06:45 19:23अगला सूर्योदय 06:44 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:45–08:20उद्वेगअशुभ
  • 08:20–09:55चरसामान्य
  • 09:55–11:29लाभशुभ
  • 11:29–13:04अमृतशुभ
  • 13:04–14:39कालअशुभ
  • 14:39–16:13शुभ
  • 16:13–17:48रोगअशुभ
  • 17:48–19:23उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:23–20:48शुभ
  • 20:48–22:13अमृतशुभ
  • 22:13–23:38चरसामान्य
  • 23:38–01:03 सोमरोगअशुभ
  • 01:03–02:28 सोमकालअशुभ
  • 02:28–03:53 सोमलाभशुभ
  • 03:53–05:18 सोमउद्वेगअशुभ
  • 05:18–06:44 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 31 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:14–06:00, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 06:45–08:20
  • चर, सामान्य, 08:20–09:55
  • लाभ, शुभ, 09:55–11:29
  • अमृत, शुभ, 11:29–13:04
  • काल, अशुभ, 13:04–14:39
  • शुभ, 14:39–16:13
  • रोग, अशुभ, 16:13–17:48
  • उद्वेग, अशुभ, 17:48–19:23
  • शुभ, 19:23–20:48
  • अमृत, शुभ, 20:48–22:13
  • चर, सामान्य, 22:13–23:38
  • रोग, अशुभ, 23:38–01:03 सोम
  • काल, अशुभ, 01:03–02:28 सोम
  • लाभ, शुभ, 02:28–03:53 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:53–05:18 सोम
  • शुभ, 05:18–06:44 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:39–13:29, शुभ
  • यमगण्ड, 13:04–14:39, अशुभ
  • गुलिक काल, 16:13–17:48, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:42–18:32, अशुभ
  • राहु काल, 17:48–19:23, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:13–05:58 सोम

हर मान कैसे निकलता है

रवि 31 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 23.9° आगे था: शुक्ल द्वितीया।

सूर्य अमावस्या 0° 23.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 23.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:45। प्रतिपदा उससे पहले 04:40 शनि पर समाप्त हुई। द्वितीया 06:53 को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 29 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

द्वितीया दो सूर्योदयों पर क्यों है?

द्वितीया यहाँ शनि 30 और रवि 31 मार्च दोनों के सूर्योदय पर है।

प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया शनि 30 मार्च सुबह रवि 31 मार्च सुबह Sevan UTC+4 04:40 06:53 06:47 द्वितीया 06:45 द्वितीया द्वितीया इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया शनि 30 मार्च सुबह रवि 31 मार्च सुबह Sevan UTC+4 04:40 06:53 06:47 द्वितीया 06:45 द्वितीया द्वितीया इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 04:40 शनि को, सूर्योदय 06:47 शनि से पहले, शुरू हुई और 06:53 को, अगले सूर्योदय 06:45 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वितीया है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

रवि 31 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:14–06:00

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:14–06:00।

सूर्यास्त 19:22 शनि सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 30 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:22 शनि सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 30 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 30 मार्च की रात सूर्यास्त 19:22 शनि से सूर्योदय 06:45 तक थी, 11 घं 23 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 31 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:39–13:29

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:39–13:29।

रवि 31 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 17:42–18:32

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:42–18:32।

सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:44 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:44 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 06:45 से 19:23, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:42–18:32।

रवि 31 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:45–08:20 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:44 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:44 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:45 से 19:23, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:23 से 06:44 सोम, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 31 मार्च को राहुकाल कब है? 17:48–19:23

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:48–19:23।

रवि 31 मार्च को यमगंड कब है? 13:04–14:39

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:04–14:39।

रवि 31 मार्च को गुलिक काल कब है? 16:13–17:48

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:13–17:48।

सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:44 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:44 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 06:45 से 19:23 तक है, 12 घं 38 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 31 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:45

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:45, सूर्यास्त 19:23, 12 घं 38 मि का दिन।

रवि 31 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:23

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:45, सूर्यास्त 19:23, 12 घं 38 मि का दिन।

सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:44 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:00 चंद्रोदय 07:43
सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:44 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:00 चंद्रोदय 07:43
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 38 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 21 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 38 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 21 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 31 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 11° पर था: अश्विनी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 11.0° अगला: भरणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 11.0° अगला: भरणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 10° पर उसके पद 4 में आया। वह 11:29 को निकलेगा, भरणी में।

रवि 31 मार्च को कौन सा योग है? वैधृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 358° थे: वैधृति।

सूर्य 347.0° + चंद्रमा 11.0° = 358.0° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 347.0° + चंद्रमा 11.0° = 358.0° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 347° + 11° = 358°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 10:25 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।

रवि 31 मार्च को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 23.9° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 23.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° कौलव 18°–24° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 23.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° कौलव 18°–24° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 17:44 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 18° हुई; कौलव 06:53 तक है।

रवि 31 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:45, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:44 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:44 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:45 से 06:44 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 31 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 29 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 27 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

रवि 31 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र चैत्र कृष्ण शुक्ल रवि 31 मार्च पूर्णिमा 14 मार्च अमावस्या 29 मार्च पूर्णिमा 13 अप्रैल अमावस्या 27 अप्रैल
अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र चैत्र कृष्ण शुक्ल रवि 31 मार्च पूर्णिमा 14 मार्च अमावस्या 29 मार्च पूर्णिमा 13 अप्रैल अमावस्या 27 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

रवि 31 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2025 · शक 1890

विक्रम संवत 2025 29 मार्च 1968 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 1968 02:47 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 31 मार्च सूर्य 347.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 1968 02:47 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 31 मार्च सूर्य 347.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 1968, 02:47 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 2.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2025 गिनता है; शक संवत 1890।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 31 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:43

चंद्रमा यहाँ 07:43 पर उदय होता है।

रवि 31 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:00

सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:44 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:00 चंद्रोदय 07:43
सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त 19:23 सूर्योदय 06:44 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:00 चंद्रोदय 07:43
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:43 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:00 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:43 पर उदय हुआ; वह फिर 22:00 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।