tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 6 मार्च 1966

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

1970 से पहले के समय UTC+4:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 09:37 तक

फिर पूर्णिमा · 05:45 सोम तक

यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं कारण जानें

त्योहार

होलिका दहन

होलिका दहन मुहूर्त
19:40⁠–⁠21:26
भद्रा के बाद 19:40⁠–⁠21:26

होलिका दहन रवि 6 मार्च को है, भद्रा समाप्त होने (19:40) के बाद। रवि 6 मार्च क्यों?

होलिका दहन: Sevan में हर तारीख़

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा रवि 6 मार्च को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। रवि 6 मार्च क्यों?

पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:46 07:27 18:56अगला सूर्योदय 07:25 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:27–08:53उद्वेगअशुभ
  • 08:53–10:19चरसामान्य
  • 10:19–11:45लाभशुभ
  • 11:45–13:11अमृतशुभ
  • 13:11–14:37कालअशुभ
  • 14:37–16:04शुभ
  • 16:04–17:30रोगअशुभ
  • 17:30–18:56उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:56–20:29शुभ
  • 20:29–22:03अमृतशुभ
  • 22:03–23:37चरसामान्य
  • 23:37–01:10 सोमरोगअशुभ
  • 01:10–02:44 सोमकालअशुभ
  • 02:44–04:18 सोमलाभशुभ
  • 04:18–05:51 सोमउद्वेगअशुभ
  • 05:51–07:25 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 6 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:46–06:37, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 07:27–08:53
  • चर, सामान्य, 08:53–10:19
  • लाभ, शुभ, 10:19–11:45
  • अमृत, शुभ, 11:45–13:11
  • काल, अशुभ, 13:11–14:37
  • शुभ, 14:37–16:04
  • रोग, अशुभ, 16:04–17:30
  • उद्वेग, अशुभ, 17:30–18:56
  • शुभ, 18:56–20:29
  • अमृत, शुभ, 20:29–22:03
  • चर, सामान्य, 22:03–23:37
  • रोग, अशुभ, 23:37–01:10 सोम
  • काल, अशुभ, 01:10–02:44 सोम
  • लाभ, शुभ, 02:44–04:18 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 04:18–05:51 सोम
  • शुभ, 05:51–07:25 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:48–13:34, शुभ
  • यमगण्ड, 13:11–14:37, अशुभ
  • गुलिक काल, 16:04–17:30, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:24–18:10, अशुभ
  • राहु काल, 17:30–18:56, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:45–06:35 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में होलिका दहन रवि 6 मार्च को क्यों है?

होलिका दहन रवि 6 मार्च को है, भद्रा समाप्त होने (19:40) के बाद।

चतुर्दशी 17:00 19:00 21:00 23:00 शनि 5 मार्च प्रदोष काल 18:55–21:25
चतुर्दशी 17:00 19:00 21:00 23:00 शनि 5 मार्च प्रदोष काल 18:55–21:25
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

होलिका दहन प्रदोष काल में, भद्रा के बाहर, होता है: सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। पूर्णिमा रवि 6 मार्च को 09:37 से सोम 7 मार्च को 05:45 तक है, इसलिए केवल रविवार का प्रदोष काल (18:56–21:26) उसके भीतर है। भद्रा 19:40 तक है, और धर्मसिंधु विधि भद्रा में नहीं करवाता: यह 19:40 से होती है।

होलिका दहन मुहूर्त: भद्रा के बाद का समय, 19:40–21:26।

होलिका दहन: Sevan में हर तारीख़

Sevan में पूर्णिमा रवि 6 मार्च को क्यों है?

पूर्णिमा रवि 6 मार्च को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी 09:37 05:00 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 6 मार्च स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:27 पूर्णिमा 09:37 से
चतुर्दशी 09:37 05:00 07:00 रवि 6 मार्च स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:27 पूर्णिमा 09:37 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 6 मार्च को 09:37 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और सोम 7 मार्च को 05:45 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: रवि 6 मार्च। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़

रवि 6 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 166.7° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 166.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 166.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:27। त्रयोदशी उससे पहले 13:26 शनि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 09:37 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 20 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

पूर्णिमा क्षय क्यों है?

पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।

चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा रवि 6 मार्च सुबह सोम 7 मार्च सुबह Sevan UTC+4 09:37 05:45 07:27 चतुर्दशी 07:25 प्रतिपदा पूर्णिमा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्दशी पूर्णिमा पूर्णिमा प्रतिपदा रवि 6 मार्च सुबह सोम 7 मार्च सुबह Sevan UTC+4 09:37 05:45 07:27 चतुर्दशी 07:25 प्रतिपदा पूर्णिमा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 09:37 को शुरू हुई और 05:45 सोम को समाप्त, 07:27 और 07:25 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को चतुर्दशी है और सोमवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।

रवि 6 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:46–06:37

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:46–06:37।

सूर्यास्त 18:55 शनि सूर्योदय 07:27 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 5 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:55 शनि सूर्योदय 07:27 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 5 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 5 मार्च की रात सूर्यास्त 18:55 शनि से सूर्योदय 07:27 तक थी, 12 घं 32 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 6 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:48–13:34

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:48–13:34।

रवि 6 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 17:24–18:10

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:24–18:10।

सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 07:25 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 07:25 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 07:27 से 18:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:24–18:10।

रवि 6 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:27–08:53 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 07:25 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 07:25 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:27 से 18:56, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:56 से 07:25 सोम, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 6 मार्च को राहुकाल कब है? 17:30–18:56

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:30–18:56।

रवि 6 मार्च को यमगंड कब है? 13:11–14:37

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:11–14:37।

रवि 6 मार्च को गुलिक काल कब है? 16:04–17:30

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:04–17:30।

सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 07:25 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 07:25 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 07:27 से 18:56 तक है, 11 घं 29 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 6 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 07:27

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:27, सूर्यास्त 18:56, 11 घं 29 मि का दिन।

रवि 6 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:56

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:27, सूर्यास्त 18:56, 11 घं 29 मि का दिन।

सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 07:25 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:09
सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 07:25 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:09
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 6 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? मघा

सूर्योदय पर चंद्रमा 128.4° पर था: मघा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 128.4° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 128.4° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 126°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:07 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।

रवि 6 मार्च को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 450.1° थे, एक चक्कर और 90.1°: सुकर्मा।

सूर्य 321.7° + चंद्रमा 128.4° = 450.1° एक चक्कर + 90.1° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 321.7° + चंद्रमा 128.4° = 450.1° एक चक्कर + 90.1° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 321.7° + 128.4° = 450.1°, एक पूरा चक्कर और 90.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 12:07 को समाप्त होता है, फिर धृति।

रवि 6 मार्च को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 166.7° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 166.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 166.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 23:33 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 09:37 तक है।

रवि 6 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 07:27, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 07:25 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 07:25 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:27 से 07:25 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 6 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 20 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 22 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

रवि 6 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।

अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल रवि 6 मार्च पूर्णिमा 5 फ़र॰ अमावस्या 20 फ़र॰ पूर्णिमा 7 मार्च अमावस्या 22 मार्च
अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल रवि 6 मार्च पूर्णिमा 5 फ़र॰ अमावस्या 20 फ़र॰ पूर्णिमा 7 मार्च अमावस्या 22 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।

रवि 6 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2022 · शक 1887

विक्रम संवत 2022 2 अप्रैल 1965 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 1965 04:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 6 मार्च सूर्य 321.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 1965 04:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 6 मार्च सूर्य 321.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 1965, 04:20 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 333° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2022 गिनता है; शक संवत 1887।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 6 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:09

चंद्रमा यहाँ 18:09 पर उदय होता है।

सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 07:25 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:09
सूर्योदय 07:27 सूर्यास्त 18:56 सूर्योदय 07:25 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 18:09
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 18:09 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।