tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 7 सितंबर 1964

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

1970 से पहले के समय UTC+4:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 07:08 तक

फिर द्वितीया · 06:17 मंगल तक

यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:03 06:32 19:22अगला सूर्योदय 06:33 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:32–08:08अमृतशुभ
  • 08:08–09:45कालअशुभ
  • 09:45–11:21शुभ
  • 11:21–12:57रोगअशुभ
  • 12:57–14:33उद्वेगअशुभ
  • 14:33–16:10चरसामान्य
  • 16:10–17:46लाभशुभ
  • 17:46–19:22अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:22–20:46चरसामान्य
  • 20:46–22:10रोगअशुभ
  • 22:10–23:34कालअशुभ
  • 23:34–00:58 मंगललाभशुभ
  • 00:58–02:22 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:22–03:45 मंगलशुभ
  • 03:45–05:09 मंगलअमृतशुभ
  • 05:09–06:33 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 7 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:03–05:48, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:32–08:08
  • काल, अशुभ, 08:08–09:45
  • शुभ, 09:45–11:21
  • रोग, अशुभ, 11:21–12:57
  • उद्वेग, अशुभ, 12:57–14:33
  • चर, सामान्य, 14:33–16:10
  • लाभ, शुभ, 16:10–17:46
  • अमृत, शुभ, 17:46–19:22
  • चर, सामान्य, 19:22–20:46
  • रोग, अशुभ, 20:46–22:10
  • काल, अशुभ, 22:10–23:34
  • लाभ, शुभ, 23:34–00:58 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:58–02:22 मंगल
  • शुभ, 02:22–03:45 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:45–05:09 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:09–06:33 मंगल
  • राहु काल, 08:08–09:45, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:21–12:57, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:31–13:23, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:23–14:14, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:33–16:10, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:57–16:48, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:04–05:48 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 7 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 11.7° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 11.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 11.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:32। अमावस्या उससे पहले 08:33 रवि पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 07:08 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 6 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

द्वितीया क्षय क्यों है?

द्वितीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता।

प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया सोम 7 सितंबर सुबह मंगल 8 सितंबर सुबह Sevan UTC+4 07:08 06:17 06:32 प्रतिपदा 06:33 तृतीया द्वितीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
प्रतिपदा द्वितीया द्वितीया तृतीया सोम 7 सितंबर सुबह मंगल 8 सितंबर सुबह Sevan UTC+4 07:08 06:17 06:32 प्रतिपदा 06:33 तृतीया द्वितीया इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 07:08 को शुरू हुई और 06:17 मंगल को समाप्त, 06:32 और 06:33 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को प्रतिपदा है और मंगलवार को तृतीया: द्वितीया यहाँ क्षय तिथि है।

सोम 7 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:03–05:48

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:03–05:48।

सूर्यास्त 19:24 रवि सूर्योदय 06:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 6 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:24 रवि सूर्योदय 06:32 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 6 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 6 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:24 रवि से सूर्योदय 06:32 तक थी, 11 घं 8 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 7 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:31–13:23

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:31–13:23।

सोम 7 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:23–14:14

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:23–14:14 और 15:57–16:48।

सोम 7 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:57–16:48

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:23–14:14 और 15:57–16:48।

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:32 से 19:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:23–14:14 और 15:57–16:48।

सोम 7 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:32–08:08 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:32 से 19:22, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:22 से 06:33 मंगल, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 7 सितंबर को राहुकाल कब है? 08:08–09:45

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:08–09:45।

सोम 7 सितंबर को यमगंड कब है? 11:21–12:57

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:21–12:57।

सोम 7 सितंबर को गुलिक काल कब है? 14:33–16:10

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:33–16:10।

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:32 से 19:22 तक है, 12 घं 50 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 7 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:32

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 19:22, 12 घं 50 मि का दिन।

सोम 7 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 19:22, 12 घं 50 मि का दिन।

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:25 चंद्रोदय 07:31
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:25 चंद्रोदय 07:31
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 7 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 152.8° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 152.8° अगला: हस्त पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 152.8° अगला: हस्त पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 150° पर उसके पद 2 में आया। वह 19:18 को निकलेगा, हस्त में।

सोम 7 सितंबर को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 293.9° थे: शुभ।

सूर्य 141.1° + चंद्रमा 152.8° = 293.9° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 141.1° + चंद्रमा 152.8° = 293.9° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 141.1° + 152.8° = 293.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 03:42 मंगल को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

सोम 7 सितंबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 11.7° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 11.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 11.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 19:47 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 07:08 तक है।

सोम 7 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:32, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:32 से 06:33 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 7 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 6 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 5 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

सोम 7 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद भाद्रपद कृष्ण शुक्ल सोम 7 सितंबर पूर्णिमा 23 अग॰ अमावस्या 6 सित॰ पूर्णिमा 21 सित॰ अमावस्या 5 अक्टू॰
अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद भाद्रपद कृष्ण शुक्ल सोम 7 सितंबर पूर्णिमा 23 अग॰ अमावस्या 6 सित॰ पूर्णिमा 21 सित॰ अमावस्या 5 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।

सोम 7 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2021 · शक 1886

विक्रम संवत 2021 14 मार्च 1964 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 14 मार्च 1964 06:13 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 7 सितंबर सूर्य 141.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 14 मार्च 1964 06:13 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 7 सितंबर सूर्य 141.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 14 मार्च 1964, 06:13 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 170.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2021 गिनता है; शक संवत 1886।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 7 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:31

चंद्रमा यहाँ 07:31 पर उदय होता है।

सोम 7 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:25

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:25 चंद्रोदय 07:31
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:25 चंद्रोदय 07:31
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:31 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:25 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:31 पर उदय हुआ; वह फिर 20:25 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।