tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 16 दिसंबर 1963

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

1970 से पहले के समय UTC+4:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:18 08:16 17:34अगला सूर्योदय 08:17 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 08:16–09:26अमृतशुभ
  • 09:26–10:35कालअशुभ
  • 10:35–11:45शुभ
  • 11:45–12:55रोगअशुभ
  • 12:55–14:05उद्वेगअशुभ
  • 14:05–15:14चरसामान्य
  • 15:14–16:24लाभशुभ
  • 16:24–17:34अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:34–19:24चरसामान्य
  • 19:24–21:14रोगअशुभ
  • 21:14–23:05कालअशुभ
  • 23:05–00:55 मंगललाभशुभ
  • 00:55–02:45 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:45–04:36 मंगलशुभ
  • 04:36–06:26 मंगलअमृतशुभ
  • 06:26–08:17 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 16 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:18–07:17, शुभ
  • अमृत, शुभ, 08:16–09:26
  • काल, अशुभ, 09:26–10:35
  • शुभ, 10:35–11:45
  • रोग, अशुभ, 11:45–12:55
  • उद्वेग, अशुभ, 12:55–14:05
  • चर, सामान्य, 14:05–15:14
  • लाभ, शुभ, 15:14–16:24
  • अमृत, शुभ, 16:24–17:34
  • चर, सामान्य, 17:34–19:24
  • रोग, अशुभ, 19:24–21:14
  • काल, अशुभ, 21:14–23:05
  • लाभ, शुभ, 23:05–00:55 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:55–02:45 मंगल
  • शुभ, 02:45–04:36 मंगल
  • अमृत, शुभ, 04:36–06:26 मंगल
  • चर, सामान्य, 06:26–08:17 मंगल
  • राहु काल, 09:26–10:35, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:45–12:55, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:36–13:13, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:13–13:51, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:05–15:14, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:05–15:42, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:19–07:18 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 16 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 1° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 1.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 1.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:16। अमावस्या उससे पहले 06:06 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 08:17 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 16 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

प्रतिपदा दो सूर्योदयों पर क्यों है?

प्रतिपदा यहाँ सोम 16 और मंगल 17 दिसंबर दोनों के सूर्योदय पर है।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 16 दिसंबर सुबह मंगल 17 दिसंबर सुबह Sevan UTC+4 06:06 08:17 08:16 प्रतिपदा 08:17 प्रतिपदा प्रतिपदा इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 16 दिसंबर सुबह मंगल 17 दिसंबर सुबह Sevan UTC+4 06:06 08:17 08:16 प्रतिपदा 08:17 प्रतिपदा प्रतिपदा इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 06:06 को, सूर्योदय 08:16 से पहले, शुरू हुई और 08:17 मंगल को, अगले सूर्योदय 08:17 मंगल के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन प्रतिपदा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?

नई दिल्ली में अमावस्या है, Sevan में प्रतिपदा।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 16 दिसंबर सुबह मंगल 17 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 07:36 06:06 09:47 08:17 07:06 अमावस्या 07:06 प्रतिपदा 08:16 प्रतिपदा 08:17 प्रतिपदा
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 16 दिसंबर सुबह मंगल 17 दिसंबर सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 07:36 06:06 09:47 08:17 07:06 अमावस्या 07:06 प्रतिपदा 08:16 प्रतिपदा 08:17 प्रतिपदा
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:06, अमावस्या की समाप्ति 07:36 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है।

Sevan · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 08:16, अमावस्या की समाप्ति 06:06 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

सोम 16 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:18–07:17

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:18–07:17।

सूर्यास्त 17:33 रवि सूर्योदय 08:16 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 15 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:33 रवि सूर्योदय 08:16 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 15 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 15 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:33 रवि से सूर्योदय 08:16 तक थी, 14 घं 43 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 16 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:36–13:13

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:36–13:13।

सोम 16 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:13–13:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:13–13:51 और 15:05–15:42।

सोम 16 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:05–15:42

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:13–13:51 और 15:05–15:42।

सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 17:34 सूर्योदय 08:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 17:34 सूर्योदय 08:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 08:16 से 17:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:13–13:51 और 15:05–15:42।

सोम 16 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

08:16–09:26 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 17:34 सूर्योदय 08:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 17:34 सूर्योदय 08:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:16 से 17:34, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:34 से 08:17 मंगल, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 16 दिसंबर को राहुकाल कब है? 09:26–10:35

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:26–10:35।

सोम 16 दिसंबर को यमगंड कब है? 11:45–12:55

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:45–12:55।

सोम 16 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 14:05–15:14

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:05–15:14।

सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 17:34 सूर्योदय 08:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 17:34 सूर्योदय 08:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 08:16 से 17:34 तक है, 9 घं 18 मि। इसे 1 घं 9 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 16 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 08:16

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:16, सूर्यास्त 17:34, 9 घं 18 मि का दिन।

सोम 16 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:34

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:16, सूर्यास्त 17:34, 9 घं 18 मि का दिन।

सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 17:34 सूर्योदय 08:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:56 चंद्रोदय 08:20
सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 17:34 सूर्योदय 08:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:56 चंद्रोदय 08:20
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 16 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? मूल

सूर्योदय पर चंद्रमा 241.1° पर था: मूल, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 241.1° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 241.1° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 240° पर उसके पद 1 में आया। वह 08:40 मंगल को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।

सोम 16 दिसंबर को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 481.2° थे, एक चक्कर और 121.2°: गण्ड।

सूर्य 240.1° + चंद्रमा 241.1° = 481.2° एक चक्कर + 121.2° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 240.1° + चंद्रमा 241.1° = 481.2° एक चक्कर + 121.2° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 240.1° + 241.1° = 481.2°, एक पूरा चक्कर और 121.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 06:32 मंगल को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

सोम 16 दिसंबर को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न

सूर्योदय पर बढ़त 1° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।

सूर्य अमावस्या 0° 1.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 1.0° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 19:14 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 08:17 मंगल तक।

सोम 16 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 08:16, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 17:34 सूर्योदय 08:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 17:34 सूर्योदय 08:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:16 से 08:17 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 16 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 16 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 15 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

सोम 16 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।

अमान्त पूर्णिमान्त पौष पौष कृष्ण शुक्ल सोम 16 दिसंबर पूर्णिमा 1 दिस॰ अमावस्या 16 दिस॰ पूर्णिमा 30 दिस॰ अमावस्या 15 जन॰
अमान्त पूर्णिमान्त पौष पौष कृष्ण शुक्ल सोम 16 दिसंबर पूर्णिमा 1 दिस॰ अमावस्या 16 दिस॰ पूर्णिमा 30 दिस॰ अमावस्या 15 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।

सोम 16 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2020 · शक 1885

विक्रम संवत 2020 25 मार्च 1963 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 1963 16:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 16 दिसंबर सूर्य 240.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 1963 16:09 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 16 दिसंबर सूर्य 240.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1963, 16:09 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 259.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2020 गिनता है; शक संवत 1885।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 16 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:20

चंद्रमा यहाँ 08:20 पर उदय होता है।

सोम 16 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:56

सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 17:34 सूर्योदय 08:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:56 चंद्रोदय 08:20
सूर्योदय 08:16 सूर्यास्त 17:34 सूर्योदय 08:17 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:56 चंद्रोदय 08:20
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:20 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 17:56 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:20 पर उदय हुआ; वह फिर 17:56 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।