Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 16 नवंबर 1963
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
1970 से पहले के समय UTC+4:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
अमावस्या
अमावस्या शनि 16 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शनि 16 नवंबर क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़16 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 16 नवंबर
- 05:54–06:50ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:46 से
- 09:05–10:15शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
09:05–09:49अमृत कालगुलिक काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · विशाखा में
- 12:24–13:04अभिजीत मुहूर्त
- 13:58–15:13लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:13–16:28अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:42 के बाद
- 17:42–19:28लाभ चौघड़िया
- 21:13–22:59शुभ चौघड़िया
- 22:59–00:45 रविअमृत चौघड़िया
- 06:01–07:47 रविलाभ चौघड़िया
- 05:54–06:51 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:46–09:00कालअशुभ
- 09:00–10:15शुभ
- 10:15–11:29रोगअशुभ
- 11:29–12:44उद्वेगअशुभ
- 12:44–13:58चरसामान्य
- 13:58–15:13लाभयमगण्ड में
- 15:13–16:28अमृतशुभ
- 16:28–17:42कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:42–19:28लाभशुभ
- 19:28–21:13उद्वेगअशुभ
- 21:13–22:59शुभ
- 22:59–00:45 रविअमृतशुभ
- 00:45–02:30 रविचरसामान्य
- 02:30–04:16 रविरोगअशुभ
- 04:16–06:01 रविकालअशुभ
- 06:01–07:47 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 16 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:54–06:50, शुभ
- काल, अशुभ, 07:46–09:00
- शुभ, 09:00–10:15
- रोग, अशुभ, 10:15–11:29
- उद्वेग, अशुभ, 11:29–12:44
- चर, सामान्य, 12:44–13:58
- लाभ, शुभ, 13:58–15:13
- अमृत, शुभ, 15:13–16:28
- काल, अशुभ, 16:28–17:42
- लाभ, शुभ, 17:42–19:28
- उद्वेग, अशुभ, 19:28–21:13
- शुभ, 21:13–22:59
- अमृत, शुभ, 22:59–00:45 रवि
- चर, सामान्य, 00:45–02:30 रवि
- रोग, अशुभ, 02:30–04:16 रवि
- काल, अशुभ, 04:16–06:01 रवि
- लाभ, शुभ, 06:01–07:47 रवि
- गुलिक काल, 07:46–09:00, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:46–08:26, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:26–09:05, अशुभ
- राहु काल, 10:15–11:29, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:24–13:04, शुभ
- यमगण्ड, 13:58–15:13, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:54–06:51 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में अमावस्या शनि 16 नवंबर को क्यों है?
अमावस्या शनि 16 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शुक्र 15 नवंबर को 08:16 से शनि 16 नवंबर को 10:50 तक है, इसलिए वह केवल शनि 16 नवंबर के सूर्योदय (07:46) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 16 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 358.6° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:46। चतुर्दशी उससे पहले 08:16 शुक्र पर समाप्त हुई। अमावस्या 10:50 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 1 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 16 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:54–06:50
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:54–06:50।
शुक्र 15 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:43 शुक्र से सूर्योदय 07:46 तक थी, 14 घं 3 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 16 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:24–13:04
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:24–13:04।
शनि 16 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:46–08:26
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:46–08:26 और 08:26–09:05।
शनि 16 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:26–09:05
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:46–08:26 और 08:26–09:05।
यहाँ दिन, 07:46 से 17:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:46–08:26 और 08:26–09:05।
शनि 16 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:46–09:00 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:46 से 17:42, 1 घं 14 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:42 से 07:47 रवि, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 16 नवंबर को राहुकाल कब है? 10:15–11:29
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:15–11:29।
शनि 16 नवंबर को यमगंड कब है? 13:58–15:13
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:58–15:13।
शनि 16 नवंबर को गुलिक काल कब है? 07:46–09:00
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:46–09:00।
यहाँ दिन 07:46 से 17:42 तक है, 9 घं 56 मि। इसे 1 घं 14 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 16 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:46
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:46, सूर्यास्त 17:42, 9 घं 56 मि का दिन।
शनि 16 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:46, सूर्यास्त 17:42, 9 घं 56 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 16 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 208.3° पर था: विशाखा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 206°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:55 को निकलेगा, अनुराधा में।
शनि 16 नवंबर को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 418° थे, एक चक्कर और 58°: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 209.7° + 208.3° = 418°, एक पूरा चक्कर और 58°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 23:54 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
शनि 16 नवंबर को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 358.6° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 21:32 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 10:50 तक है।
शनि 16 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:46, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:46 से 07:47 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 16 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक (अधिक)
17 अक्टूबर और 16 नवंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक कार्तिक।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 अक्टूबर 16:42 गुरु से 16 नवंबर 10:50 तक सूर्य तुला में रहा; वृश्चिक में वह अमावस्या के बाद 16 नवंबर 14:39 को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक कार्तिक है, जो कार्तिक से पहले आता है।
शनि 16 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक (अधिक) है, और अमान्त गणना में कार्तिक (अधिक)।
शनि 16 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2020 · शक 1885
विक्रम संवत 2020 25 मार्च 1963 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1963, 16:09 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 228.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2020 गिनता है; शक संवत 1885।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 16 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:04
चंद्रमा यहाँ 18:04 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:04 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।