Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 6 नवंबर 1963
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
1970 से पहले के समय UTC+4:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
6 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 6 नवंबर
- 05:45–06:39ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:34 से
- 07:34–08:51लाभ चौघड़िया
- 08:51–10:09अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:26–12:43शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:34–17:52लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:52 के बाद
- 19:35–21:18शुभ चौघड़िया
- 21:18–23:01अमृत चौघड़िया
-
23:14–00:46 गुरुअमृत कालपुनर्वसु में
- 04:09–05:52 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:46–06:40 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:34–08:51लाभशुभ
- 08:51–10:09अमृतयमगण्ड में
- 10:09–11:26कालअशुभ
- 11:26–12:43शुभगुलिक काल में
- 12:43–14:00रोगअशुभ
- 14:00–15:17उद्वेगअशुभ
- 15:17–16:34चरसामान्य
- 16:34–17:52लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:52–19:35उद्वेगअशुभ
- 19:35–21:18शुभ
- 21:18–23:01अमृतशुभ
- 23:01–00:43 गुरुचरसामान्य
- 00:43–02:26 गुरुरोगअशुभ
- 02:26–04:09 गुरुकालअशुभ
- 04:09–05:52 गुरुलाभशुभ
- 05:52–07:35 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 6 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:45–06:39, शुभ
- लाभ, शुभ, 07:34–08:51
- अमृत, शुभ, 08:51–10:09
- काल, अशुभ, 10:09–11:26
- शुभ, 11:26–12:43
- रोग, अशुभ, 12:43–14:00
- उद्वेग, अशुभ, 14:00–15:17
- चर, सामान्य, 15:17–16:34
- लाभ, शुभ, 16:34–17:52
- उद्वेग, अशुभ, 17:52–19:35
- शुभ, 19:35–21:18
- अमृत, शुभ, 21:18–23:01
- चर, सामान्य, 23:01–00:43 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:43–02:26 गुरु
- काल, अशुभ, 02:26–04:09 गुरु
- लाभ, शुभ, 04:09–05:52 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:52–07:35 गुरु
- यमगण्ड, 08:51–10:09, अशुभ
- गुलिक काल, 11:26–12:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:22–13:03, अशुभ
- राहु काल, 12:43–14:00, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:46–06:40 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 6 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 243.3° आगे था: कृष्ण षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:34। पञ्चमी उससे पहले 01:28 पर समाप्त हुई। षष्ठी 23:46 को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 1 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 6 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:45–06:39
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:45–06:39।
मंगल 5 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:53 मंगल से सूर्योदय 07:34 तक थी, 13 घं 41 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 6 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:22–13:03
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:22–13:03।
यहाँ दिन, 07:34 से 17:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:22–13:03: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 6 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:34–08:51 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:34 से 17:52, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:52 से 07:35 गुरु, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 6 नवंबर को राहुकाल कब है? 12:43–14:00
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:43–14:00।
बुध 6 नवंबर को यमगंड कब है? 08:51–10:09
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:51–10:09।
बुध 6 नवंबर को गुलिक काल कब है? 11:26–12:43
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:26–12:43।
यहाँ दिन 07:34 से 17:52 तक है, 10 घं 18 मि। इसे 1 घं 17 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 6 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:34, सूर्यास्त 17:52, 10 घं 18 मि का दिन।
बुध 6 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:34, सूर्यास्त 17:52, 10 घं 18 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 6 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 83° पर था: पुनर्वसु, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 80° पर उसके पद 1 में आया। वह 01:32 गुरु को निकलेगा, पुष्य में।
बुध 6 नवंबर को कौन सा योग है? साध्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 282.6° थे: साध्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 199.6° + 83° = 282.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 00:53 गुरु को समाप्त होता है, फिर शुभ।
बुध 6 नवंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 243.3° थी: षष्ठी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 12:32 तक है, जब बढ़त 246° होगी; वणिज 23:46 तक।
बुध 6 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:34, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:34 से 07:35 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 6 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक (अधिक)
17 अक्टूबर और 16 नवंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक कार्तिक।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 अक्टूबर 16:42 गुरु से 16 नवंबर 10:50 शनि तक सूर्य तुला में रहा; वृश्चिक में वह अमावस्या के बाद 16 नवंबर 14:39 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक कार्तिक है, जो कार्तिक से पहले आता है।
बुध 6 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक (अधिक) है, और अमान्त गणना में कार्तिक (अधिक)।
बुध 6 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2020 · शक 1885
विक्रम संवत 2020 25 मार्च 1963 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1963, 16:09 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 218.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2020 गिनता है; शक संवत 1885।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 6 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:26
चंद्रमा यहाँ 22:26 पर उदय होता है।
बुध 6 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:47
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:47 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:26 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:47 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:26 पर उदय होगा।