Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 4 नवंबर 1963
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
1970 से पहले के समय UTC+4:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी सोम 4 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। सोम 4 नवंबर क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Sevan में हर तारीख़4 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 4 नवंबर
- 05:43–06:37ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:32 से
- 07:32–08:50अमृत चौघड़िया
- 10:07–11:25शुभ चौघड़िया
- 12:43–13:04अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:49–16:36लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:36–17:54अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:54 के बाद
-
20:10–21:37अमृत कालमृगशिरा में
- 23:01–00:43 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:26–04:08 मंगलशुभ चौघड़िया
- 04:08–05:51 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:44–06:38 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:32–08:50अमृतशुभ
- 08:50–10:07कालअशुभ
- 10:07–11:25शुभ
- 11:25–12:43रोगअशुभ
- 12:43–14:01उद्वेगअशुभ
- 14:01–15:18चरसामान्य
- 15:18–16:36लाभशुभ
- 16:36–17:54अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:54–19:36चरसामान्य
- 19:36–21:19रोगअशुभ
- 21:19–23:01कालअशुभ
- 23:01–00:43 मंगललाभशुभ
- 00:43–02:26 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:26–04:08 मंगलशुभ
- 04:08–05:51 मंगलअमृतशुभ
- 05:51–07:33 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 4 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:43–06:37, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:32–08:50
- काल, अशुभ, 08:50–10:07
- शुभ, 10:07–11:25
- रोग, अशुभ, 11:25–12:43
- उद्वेग, अशुभ, 12:43–14:01
- चर, सामान्य, 14:01–15:18
- लाभ, शुभ, 15:18–16:36
- अमृत, शुभ, 16:36–17:54
- चर, सामान्य, 17:54–19:36
- रोग, अशुभ, 19:36–21:19
- काल, अशुभ, 21:19–23:01
- लाभ, शुभ, 23:01–00:43 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:43–02:26 मंगल
- शुभ, 02:26–04:08 मंगल
- अमृत, शुभ, 04:08–05:51 मंगल
- चर, सामान्य, 05:51–07:33 मंगल
- राहु काल, 08:50–10:07, अशुभ
- यमगण्ड, 11:25–12:43, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:04, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:04–13:45, अशुभ
- गुलिक काल, 14:01–15:18, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:08–15:49, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:44–06:38 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में संकष्टी चतुर्थी सोम 4 नवंबर को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी सोम 4 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी सोम 4 नवंबर को 06:50 से मंगल 5 नवंबर को 03:52 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल सोम 4 नवंबर को है, 20:28 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 4 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 216.4° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:32। तृतीया उससे पहले 06:50 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 03:52 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 1 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?
नई दिल्ली में तृतीया है, Sevan में चतुर्थी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:34, तृतीया की समाप्ति 08:20 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है। चतुर्थी अगले सूर्योदय से पहले, 05:22 मंगल को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्थी नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 07:32, तृतीया की समाप्ति 06:50 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
सोम 4 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:43–06:37
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:43–06:37।
रवि 3 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:55 रवि से सूर्योदय 07:32 तक थी, 13 घं 37 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 4 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:04
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:04।
सोम 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:04–13:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:04–13:45 और 15:08–15:49।
सोम 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:08–15:49
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:04–13:45 और 15:08–15:49।
यहाँ दिन, 07:32 से 17:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:04–13:45 और 15:08–15:49।
सोम 4 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:32–08:50 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:32 से 17:54, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:54 से 07:33 मंगल, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 4 नवंबर को राहुकाल कब है? 08:50–10:07
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:50–10:07।
सोम 4 नवंबर को यमगंड कब है? 11:25–12:43
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:25–12:43।
सोम 4 नवंबर को गुलिक काल कब है? 14:01–15:18
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:01–15:18।
यहाँ दिन 07:32 से 17:54 तक है, 10 घं 22 मि। इसे 1 घं 17 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 4 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:32, सूर्यास्त 17:54, 10 घं 22 मि का दिन।
सोम 4 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:32, सूर्यास्त 17:54, 10 घं 22 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 4 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 54° पर था: मृगशिरा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 53°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 04:09 मंगल को निकलेगा, आर्द्रा में।
सोम 4 नवंबर को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 251.6° थे: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 197.6° + 54° = 251.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 10:02 को समाप्त होता है, फिर शिव।
सोम 4 नवंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 216.4° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 17:17 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 03:52 मंगल तक।
सोम 4 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:32, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:32 से 07:33 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक (अधिक)
17 अक्टूबर और 16 नवंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक कार्तिक।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 अक्टूबर 16:42 गुरु से 16 नवंबर 10:50 शनि तक सूर्य तुला में रहा; वृश्चिक में वह अमावस्या के बाद 16 नवंबर 14:39 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक कार्तिक है, जो कार्तिक से पहले आता है।
सोम 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक (अधिक) है, और अमान्त गणना में कार्तिक (अधिक)।
सोम 4 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2020 · शक 1885
विक्रम संवत 2020 25 मार्च 1963 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1963, 16:09 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 216.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2020 गिनता है; शक संवत 1885।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 4 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:28
चंद्रमा यहाँ 20:28 पर उदय होता है।
सोम 4 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:38
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:38 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:28 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:38 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:28 पर उदय होगा।