Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 21 अक्टूबर 1960
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
1970 से पहले के समय UTC+4:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
भाई दूज
भाई दूज शुक्र 21 अक्टूबर को है: उस दिन द्वितीया अपराह्न को छूती है, और किसी दिन नहीं। शुक्र 21 अक्टूबर क्यों?
भाई दूज: Sevan में हर तारीख़त्योहार
गोवर्धन पूजा
गोवर्धन पूजा शुक्र 21 अक्टूबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। शुक्र 21 अक्टूबर क्यों?
गोवर्धन पूजा: Sevan में हर तारीख़21 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 21 अक्टूबर
- 05:32–06:24ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:17 से
- 08:39–10:00लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 10:11–11:22अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:44–13:06अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:44–13:06शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
12:44–13:06अमृत कालराहु काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · स्वाती में
- 13:49–14:06शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 18:11 के बाद
- 21:28–23:06लाभ चौघड़िया
- 00:44–02:23 शनिशुभ चौघड़िया
- 02:23–04:01 शनिअमृत चौघड़िया
- 05:33–06:25 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:17–08:39चरसामान्य
- 08:39–10:00लाभगुलिक काल में
- 10:00–11:22अमृतशुभ
- 11:22–12:44कालअशुभ
- 12:44–14:06शुभ
- 14:06–15:27रोगअशुभ
- 15:27–16:49उद्वेगअशुभ
- 16:49–18:11चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 18:11–19:49रोगअशुभ
- 19:49–21:28कालअशुभ
- 21:28–23:06लाभशुभ
- 23:06–00:44 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:44–02:23 शनिशुभ
- 02:23–04:01 शनिअमृतशुभ
- 04:01–05:39 शनिचरसामान्य
- 05:39–07:18 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 21 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:32–06:24, शुभ
- चर, सामान्य, 07:17–08:39
- लाभ, शुभ, 08:39–10:00
- अमृत, शुभ, 10:00–11:22
- काल, अशुभ, 11:22–12:44
- शुभ, 12:44–14:06
- रोग, अशुभ, 14:06–15:27
- उद्वेग, अशुभ, 15:27–16:49
- चर, सामान्य, 16:49–18:11
- रोग, अशुभ, 18:11–19:49
- काल, अशुभ, 19:49–21:28
- लाभ, शुभ, 21:28–23:06
- उद्वेग, अशुभ, 23:06–00:44 शनि
- शुभ, 00:44–02:23 शनि
- अमृत, शुभ, 02:23–04:01 शनि
- चर, सामान्य, 04:01–05:39 शनि
- रोग, अशुभ, 05:39–07:18 शनि
- गुलिक काल, 08:39–10:00, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:28–10:11, अशुभ
- राहु काल, 11:22–12:44, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:06, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:06–13:49, अशुभ
- यमगण्ड, 15:27–16:49, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:33–06:25 शनि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में भाई दूज शुक्र 21 अक्टूबर को क्यों है?
भाई दूज शुक्र 21 अक्टूबर को है: उस दिन द्वितीया अपराह्न को छूती है, और किसी दिन नहीं।
तिलक अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। द्वितीया शुक्र 21 अक्टूबर को 14:23 से शनि 22 अक्टूबर को 12:21 तक है, इसलिए वह केवल शुक्रवार के अपराह्न (13:49–16:00) को छूती है। भाई दूज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।
Sevan में गोवर्धन पूजा शुक्र 21 अक्टूबर को क्यों है?
गोवर्धन पूजा शुक्र 21 अक्टूबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।
गोवर्धन पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा गुरु 20 अक्टूबर को 16:02 से शुक्र 21 अक्टूबर को 14:23 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रातःकाल (07:17–09:28) उसके भीतर है। गोवर्धन पूजा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
शुक्र 21 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 8.2° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:17। अमावस्या उससे पहले 16:02 गुरु पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 14:23 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 20 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शुक्र 21 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:32–06:24
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:32–06:24।
गुरु 20 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:12 गुरु से सूर्योदय 07:17 तक थी, 13 घं 5 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 21 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:06
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:06।
शुक्र 21 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:28–10:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:28–10:11 और 13:06–13:49।
शुक्र 21 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:06–13:49
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:28–10:11 और 13:06–13:49।
यहाँ दिन, 07:17 से 18:11, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:28–10:11 और 13:06–13:49।
शुक्र 21 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:17–08:39 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:17 से 18:11, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:11 से 07:18 शनि, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 21 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 11:22–12:44
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:22–12:44।
शुक्र 21 अक्टूबर को यमगंड कब है? 15:27–16:49
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:27–16:49।
शुक्र 21 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 08:39–10:00
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:39–10:00।
यहाँ दिन 07:17 से 18:11 तक है, 10 घं 54 मि। इसे 1 घं 21 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 21 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:17
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:17, सूर्यास्त 18:11, 10 घं 54 मि का दिन।
शुक्र 21 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:17, सूर्यास्त 18:11, 10 घं 54 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 21 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 192.6° पर था: स्वाती, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 190° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:00 को निकलेगा, विशाखा में।
शुक्र 21 अक्टूबर को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 377° थे, एक चक्कर और 17°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 184.4° + 192.6° = 377°, एक पूरा चक्कर और 17°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 22:44 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
शुक्र 21 अक्टूबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 8.2° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 03:16 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 14:23 तक है।
शुक्र 21 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:17, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:17 से 07:18 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 21 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 20 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 15 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 19 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
शुक्र 21 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
शुक्र 21 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2017 · शक 1882
विक्रम संवत 2017 27 मार्च 1960 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 27 मार्च 1960, 11:37 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 201.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2017 गिनता है; शक संवत 1882।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 21 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:57
चंद्रमा यहाँ 07:57 पर उदय होता है।
शुक्र 21 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:05
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:57 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:05 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:57 पर उदय हुआ; वह फिर 19:05 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।