tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 30 सितंबर 1955

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 23:54 तक

फिर पूर्णिमा · 22:17 शनि तक

त्योहार

अनंत चतुर्दशी

अनंत चतुर्दशी शुक्र 30 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर चतुर्दशी है। शुक्र 30 सितंबर क्यों?

अनंत चतुर्दशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:17 05:54 17:45अगला सूर्योदय 05:55 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:54–07:23चरसामान्य
  • 07:23–08:52लाभगुलिक काल में
  • 08:52–10:21अमृतशुभ
  • 10:21–11:49कालअशुभ
  • 11:49–13:18शुभ
  • 13:18–14:47रोगअशुभ
  • 14:47–16:16उद्वेगअशुभ
  • 16:16–17:45चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 17:45–19:16रोगअशुभ
  • 19:16–20:47कालअशुभ
  • 20:47–22:19लाभशुभ
  • 22:19–23:50उद्वेगअशुभ
  • 23:50–01:21 शनिशुभ
  • 01:21–02:52 शनिअमृतशुभ
  • 02:52–04:24 शनिचरसामान्य
  • 04:24–05:55 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 30 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:17–05:05, शुभ
  • चर, सामान्य, 05:54–07:23
  • लाभ, शुभ, 07:23–08:52
  • अमृत, शुभ, 08:52–10:21
  • काल, अशुभ, 10:21–11:49
  • शुभ, 11:49–13:18
  • रोग, अशुभ, 13:18–14:47
  • उद्वेग, अशुभ, 14:47–16:16
  • चर, सामान्य, 16:16–17:45
  • रोग, अशुभ, 17:45–19:16
  • काल, अशुभ, 19:16–20:47
  • लाभ, शुभ, 20:47–22:19
  • उद्वेग, अशुभ, 22:19–23:50
  • शुभ, 23:50–01:21 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:21–02:52 शनि
  • चर, सामान्य, 02:52–04:24 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:24–05:55 शनि
  • गुलिक काल, 07:23–08:52, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:16–09:03, अशुभ
  • राहु काल, 10:21–11:49, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:26–12:13, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:13–13:01, अशुभ
  • यमगण्ड, 14:47–16:16, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:18–05:06 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में अनंत चतुर्दशी शुक्र 30 सितंबर को क्यों है?

अनंत चतुर्दशी शुक्र 30 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर चतुर्दशी है।

चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 शुक्र 30 सितंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:54
चतुर्दशी 04:00 05:00 06:00 07:00 शुक्र 30 सितंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:54
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अनंत चतुर्दशी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। चतुर्दशी शुक्र 30 सितंबर को 00:58 से शुक्र 30 सितंबर को 23:54 तक है, इसलिए वह केवल शुक्र 30 सितंबर के सूर्योदय (05:54) पर है। अनंत चतुर्दशी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अनंत चतुर्दशी: Sevan में हर तारीख़

शुक्र 30 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 158.6° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 158.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 158.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:54। त्रयोदशी उससे पहले 00:58 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 23:54 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 16 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शुक्र 30 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:17–05:05

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:17–05:05।

सूर्यास्त 17:47 गुरु सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 29 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:47 गुरु सूर्योदय 05:54 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 29 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 29 सितंबर की रात सूर्यास्त 17:47 गुरु से सूर्योदय 05:54 तक थी, 12 घं 7 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 30 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:26–12:13

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:26–12:13।

शुक्र 30 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:16–09:03

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:16–09:03 और 12:13–13:01।

शुक्र 30 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:13–13:01

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:16–09:03 और 12:13–13:01।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 05:54 से 17:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:16–09:03 और 12:13–13:01।

शुक्र 30 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:54–07:23 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:54 से 17:45, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:45 से 05:55 शनि, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 30 सितंबर को राहुकाल कब है? 10:21–11:49

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:21–11:49।

शुक्र 30 सितंबर को यमगंड कब है? 14:47–16:16

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:47–16:16।

शुक्र 30 सितंबर को गुलिक काल कब है? 07:23–08:52

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:23–08:52।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 05:54 से 17:45 तक है, 11 घं 51 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 30 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 17:45, 11 घं 51 मि का दिन।

शुक्र 30 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:45

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 17:45, 11 घं 51 मि का दिन।

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:20 शनि चंद्रोदय 16:41
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:20 शनि चंद्रोदय 16:41
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 30 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 321.5° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 321.5° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 321.5° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 320° पर उसके पद 1 में आया। वह 02:48 शनि को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

शुक्र 30 सितंबर को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 484.4° थे, एक चक्कर और 124.4°: गण्ड।

सूर्य 162.9° + चंद्रमा 321.5° = 484.4° एक चक्कर + 124.4° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 162.9° + चंद्रमा 321.5° = 484.4° एक चक्कर + 124.4° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 162.9° + 321.5° = 484.4°, एक पूरा चक्कर और 124.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 20:37 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

शुक्र 30 सितंबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 158.6° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 158.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 158.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° गर 156°–162° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 12:31 तक है, जब बढ़त 162° होगी; वणिज 23:54 तक।

शुक्र 30 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:54, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:54 से 05:55 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 30 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 16 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 15 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

शुक्र 30 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शुक्र 30 सितंबर पूर्णिमा 2 सित॰ अमावस्या 16 सित॰ पूर्णिमा 1 अक्टू॰ अमावस्या 15 अक्टू॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शुक्र 30 सितंबर पूर्णिमा 2 सित॰ अमावस्या 16 सित॰ पूर्णिमा 1 अक्टू॰ अमावस्या 15 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।

शुक्र 30 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2012 · शक 1877

विक्रम संवत 2012 24 मार्च 1955 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1955 06:42 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 30 सितंबर सूर्य 162.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1955 06:42 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 30 सितंबर सूर्य 162.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1955, 06:42 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 183.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2012 गिनता है; शक संवत 1877।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 30 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:41

चंद्रमा यहाँ 16:41 पर उदय होता है।

शुक्र 30 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:20 शनि

सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:20 शनि चंद्रोदय 16:41
सूर्योदय 05:54 सूर्यास्त 17:45 सूर्योदय 05:55 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:20 शनि चंद्रोदय 16:41
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:41 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:20 शनि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:41 पर उदय हुआ; वह फिर 05:20 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।