Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 7 नवंबर 1954
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
देवउठनी एकादशी
देवउठनी एकादशी रवि 7 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। रवि 7 नवंबर क्यों?
देवउठनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़7 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 7 नवंबर
- 04:46–05:41ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:36 से
- 09:09–10:26लाभ चौघड़िया
- 10:26–11:43अमृत चौघड़िया
- 11:22–11:43अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:00–14:17शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:50 के बाद
- 16:50–18:34शुभ चौघड़िया
- 18:34–20:17अमृत चौघड़िया
- 01:27–03:10 सोमलाभ चौघड़िया
-
01:28–02:55 सोमअमृत कालउत्तर भाद्रपद में
- 04:53–06:37 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:47–05:42 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:36–07:52उद्वेगअशुभ
- 07:52–09:09चरसामान्य
- 09:09–10:26लाभशुभ
- 10:26–11:43अमृतशुभ
- 11:43–13:00कालअशुभ
- 13:00–14:17शुभ
- 14:17–15:34रोगअशुभ
- 15:34–16:50उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:50–18:34शुभ
- 18:34–20:17अमृतशुभ
- 20:17–22:00चरसामान्य
- 22:00–23:44रोगअशुभ
- 23:44–01:27 सोमकालअशुभ
- 01:27–03:10 सोमलाभशुभ
- 03:10–04:53 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:53–06:37 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 7 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:41, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:36–07:52
- चर, सामान्य, 07:52–09:09
- लाभ, शुभ, 09:09–10:26
- अमृत, शुभ, 10:26–11:43
- काल, अशुभ, 11:43–13:00
- शुभ, 13:00–14:17
- रोग, अशुभ, 14:17–15:34
- उद्वेग, अशुभ, 15:34–16:50
- शुभ, 16:50–18:34
- अमृत, शुभ, 18:34–20:17
- चर, सामान्य, 20:17–22:00
- रोग, अशुभ, 22:00–23:44
- काल, अशुभ, 23:44–01:27 सोम
- लाभ, शुभ, 01:27–03:10 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:10–04:53 सोम
- शुभ, 04:53–06:37 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:22–12:03, शुभ
- यमगण्ड, 11:43–13:00, अशुभ
- गुलिक काल, 14:17–15:34, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:28–16:09, अशुभ
- राहु काल, 15:34–16:50, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:42 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में देवउठनी एकादशी रवि 7 नवंबर को क्यों है?
देवउठनी एकादशी रवि 7 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 7 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:36: रवि 7 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:45 शनि पर, उससे (05:00–06:36) पहले, समाप्त हुई।
रवि 7 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 131.5° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:36। दशमी उससे पहले 09:45 शनि पर समाप्त हुई। एकादशी 07:29 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 26 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
द्वादशी क्षय क्यों है?
द्वादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वादशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 07:29 को शुरू हुई और 04:33 सोम को समाप्त, 06:36 और 06:37 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को एकादशी है और सोमवार को त्रयोदशी: द्वादशी यहाँ क्षय तिथि है।
रवि 7 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:41
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:41।
शनि 6 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:51 शनि से सूर्योदय 06:36 तक थी, 13 घं 45 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 7 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:22–12:03
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:22–12:03।
रवि 7 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:28–16:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 15:28–16:09।
यहाँ दिन, 06:36 से 16:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 15:28–16:09।
रवि 7 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:36–07:52 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:36 से 16:50, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:50 से 06:37 सोम, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 7 नवंबर को राहुकाल कब है? 15:34–16:50
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 15:34–16:50।
रवि 7 नवंबर को यमगंड कब है? 11:43–13:00
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:43–13:00।
रवि 7 नवंबर को गुलिक काल कब है? 14:17–15:34
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:17–15:34।
यहाँ दिन 06:36 से 16:50 तक है, 10 घं 14 मि। इसे 1 घं 16 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 7 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 16:50, 10 घं 14 मि का दिन।
रवि 7 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 16:50, 10 घं 14 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 7 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 332.5° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 330° पर उसके पद 4 में आया। वह 08:02 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
रवि 7 नवंबर को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 533.5° थे, एक चक्कर और 173.5°: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 201° + 332.5° = 533.5°, एक पूरा चक्कर और 173.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 02:53 सोम को समाप्त होता है, फिर वज्र।
रवि 7 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 131.5° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 20:42 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 07:29 तक है।
रवि 7 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:36, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:36 से 06:37 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 7 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 26 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 25 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
रवि 7 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
रवि 7 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2011 · शक 1876
विक्रम संवत 2011 3 अप्रैल 1954 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 1954, 15:24 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 211° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2011 गिनता है; शक संवत 1876।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 7 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:33
चंद्रमा यहाँ 14:33 पर उदय होता है।
रवि 7 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:43 सोम
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:33 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:43 सोम पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:33 पर उदय हुआ; वह फिर 03:43 सोम पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।