tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 28 अक्टूबर 1954

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

द्वितीया

शुक्ल पक्ष · 01:55 शुक्र तक

फिर तृतीया · 04:31 शनि तक

त्योहार

भाई दूज

भाई दूज तिलक मुहूर्त
12:47⁠–⁠14:55
अपराह्न 12:47⁠–⁠14:55

भाई दूज गुरु 28 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में द्वितीया है, और किसी दिन नहीं। गुरु 28 अक्टूबर क्यों?

भाई दूज: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:37 06:24 17:02अगला सूर्योदय 06:25 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:24–07:44शुभयमगण्ड में
  • 07:44–09:04रोगअशुभ
  • 09:04–10:23उद्वेगअशुभ
  • 10:23–11:43चरसामान्य
  • 11:43–13:03लाभशुभ
  • 13:03–14:23अमृतराहु काल में
  • 14:23–15:42कालअशुभ
  • 15:42–17:02शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:02–18:43अमृतशुभ
  • 18:43–20:23चरसामान्य
  • 20:23–22:03रोगअशुभ
  • 22:03–23:44कालअशुभ
  • 23:44–01:24 शुक्रलाभशुभ
  • 01:24–03:04 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:04–04:45 शुक्रशुभ
  • 04:45–06:25 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 28 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:37–05:31, शुभ
  • शुभ, 06:24–07:44
  • रोग, अशुभ, 07:44–09:04
  • उद्वेग, अशुभ, 09:04–10:23
  • चर, सामान्य, 10:23–11:43
  • लाभ, शुभ, 11:43–13:03
  • अमृत, शुभ, 13:03–14:23
  • काल, अशुभ, 14:23–15:42
  • शुभ, 15:42–17:02
  • अमृत, शुभ, 17:02–18:43
  • चर, सामान्य, 18:43–20:23
  • रोग, अशुभ, 20:23–22:03
  • काल, अशुभ, 22:03–23:44
  • लाभ, शुभ, 23:44–01:24 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:24–03:04 शुक्र
  • शुभ, 03:04–04:45 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:45–06:25 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:24–07:44, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:04–10:23, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:57–10:39, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:22–12:04, शुभ
  • राहु काल, 13:03–14:23, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:12–14:55, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:38–05:32 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में भाई दूज गुरु 28 अक्टूबर को क्यों है?

भाई दूज गुरु 28 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में द्वितीया है, और किसी दिन नहीं।

प्रतिपदा 11:00 12:00 13:00 14:00 15:00 16:00 बुध 27 अक्टूबर अपराह्न 12:47–14:55
प्रतिपदा 11:00 13:00 15:00 बुध 27 अक्टूबर अपराह्न 12:47–14:55
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: अपराह्न। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

तिलक अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। द्वितीया बुध 27 अक्टूबर को 23:18 से शुक्र 29 अक्टूबर को 01:55 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का अपराह्न (12:47–14:55) उसके भीतर है। भाई दूज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।

भाई दूज: Sevan में हर तारीख़

गुरु 28 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 15.2° आगे था: शुक्ल द्वितीया।

सूर्य अमावस्या 0° 15.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 15.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:24। प्रतिपदा उससे पहले 23:18 बुध पर समाप्त हुई। द्वितीया 01:55 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 26 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

गुरु 28 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:37–05:31

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:37–05:31।

सूर्यास्त 17:04 बुध सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 27 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:04 बुध सूर्योदय 06:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 27 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 27 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:04 बुध से सूर्योदय 06:24 तक थी, 13 घं 20 मि। इसे 53 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 28 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:22–12:04

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:22–12:04।

गुरु 28 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:57–10:39

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:57–10:39 और 14:12–14:55।

गुरु 28 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:12–14:55

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:57–10:39 और 14:12–14:55।

सूर्योदय 06:24 सूर्यास्त 17:02 सूर्योदय 06:25 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:24 सूर्यास्त 17:02 सूर्योदय 06:25 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:24 से 17:02, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 42 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:57–10:39 और 14:12–14:55।

गुरु 28 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:24–07:44 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:24 सूर्यास्त 17:02 सूर्योदय 06:25 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:24 सूर्यास्त 17:02 सूर्योदय 06:25 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:24 से 17:02, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:02 से 06:25 शुक्र, 1 घं 40 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 28 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 13:03–14:23

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:03–14:23।

गुरु 28 अक्टूबर को यमगंड कब है? 06:24–07:44

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:24–07:44।

गुरु 28 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 09:04–10:23

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:04–10:23।

सूर्योदय 06:24 सूर्यास्त 17:02 सूर्योदय 06:25 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:24 सूर्यास्त 17:02 सूर्योदय 06:25 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:24 से 17:02 तक है, 10 घं 38 मि। इसे 1 घं 19 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 28 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:24

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:24, सूर्यास्त 17:02, 10 घं 38 मि का दिन।

गुरु 28 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:02

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:24, सूर्यास्त 17:02, 10 घं 38 मि का दिन।

सूर्योदय 06:24 सूर्यास्त 17:02 सूर्योदय 06:25 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:38 चंद्रोदय 08:01
सूर्योदय 06:24 सूर्यास्त 17:02 सूर्योदय 06:25 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:38 चंद्रोदय 08:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 38 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 38 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 206.1° पर था: विशाखा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 206.1° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 206.1° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 203°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:59 को निकलेगा, अनुराधा में।

गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 397° थे, एक चक्कर और 37°: आयुष्मान्।

सूर्य 190.9° + चंद्रमा 206.1° = 397.0° एक चक्कर + 37.0° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 190.9° + चंद्रमा 206.1° = 397.0° एक चक्कर + 37.0° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 190.9° + 206.1° = 397°, एक पूरा चक्कर और 37°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 11:50 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।

गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 15.2° थी: द्वितीया का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 15.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° बालव 12°–18° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 15.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वितीया 12°–24° बालव 12°–18° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 12:36 तक है, जब बढ़त 18° होगी; कौलव 01:55 शुक्र तक।

गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:24, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:24 सूर्यास्त 17:02 सूर्योदय 06:25 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:24 सूर्यास्त 17:02 सूर्योदय 06:25 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:24 से 06:25 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 26 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 25 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक कार्तिक कृष्ण शुक्ल गुरु 28 अक्टूबर पूर्णिमा 12 अक्टू॰ अमावस्या 26 अक्टू॰ पूर्णिमा 10 नव॰ अमावस्या 25 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक कार्तिक कृष्ण शुक्ल गुरु 28 अक्टूबर पूर्णिमा 12 अक्टू॰ अमावस्या 26 अक्टू॰ पूर्णिमा 10 नव॰ अमावस्या 25 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

गुरु 28 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2011 · शक 1876

विक्रम संवत 2011 3 अप्रैल 1954 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 1954 15:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 28 अक्टूबर सूर्य 190.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 1954 15:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 28 अक्टूबर सूर्य 190.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 1954, 15:24 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 200.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2011 गिनता है; शक संवत 1876।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 28 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:01

चंद्रमा यहाँ 08:01 पर उदय होता है।

गुरु 28 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:38

सूर्योदय 06:24 सूर्यास्त 17:02 सूर्योदय 06:25 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:38 चंद्रोदय 08:01
सूर्योदय 06:24 सूर्यास्त 17:02 सूर्योदय 06:25 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:38 चंद्रोदय 08:01
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:01 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 17:38 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:01 पर उदय हुआ; वह फिर 17:38 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।