Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 9 नवंबर 1950
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
दीवाली · लक्ष्मी पूजा
दीवाली · लक्ष्मी पूजा गुरु 9 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं। गुरु 9 नवंबर क्यों?
दीवाली: Sevan में हर तारीख़त्योहार
नरक चतुर्दशी
नरक चतुर्दशी गुरु 9 नवंबर को है: उस सुबह चतुर्दशी अरुणोदय को छूती है, और किसी सुबह नहीं। गुरु 9 नवंबर क्यों?
नरक चतुर्दशी: Sevan में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या गुरु 9 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। गुरु 9 नवंबर क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़9 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 9 नवंबर
- 04:47–05:43ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:38 से
- 06:38–07:54शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:23–12:03अभिजीत मुहूर्त
- 11:43–12:59लाभ चौघड़िया
-
12:37–12:59अमृत कालराहु काल छोड़कर · स्वाती में
- 12:59–14:16अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 15:32–16:48शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:48 के बाद
- 16:48–18:32अमृत चौघड़िया
- 23:44–01:28 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:11–04:55 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:55–06:39 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:48–05:44 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:38–07:54शुभयमगण्ड में
- 07:54–09:11रोगअशुभ
- 09:11–10:27उद्वेगअशुभ
- 10:27–11:43चरसामान्य
- 11:43–12:59लाभशुभ
- 12:59–14:16अमृतराहु काल में
- 14:16–15:32कालअशुभ
- 15:32–16:48शुभ
रात का चौघड़िया
- 16:48–18:32अमृतशुभ
- 18:32–20:16चरसामान्य
- 20:16–22:00रोगअशुभ
- 22:00–23:44कालअशुभ
- 23:44–01:28 शुक्रलाभशुभ
- 01:28–03:11 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:11–04:55 शुक्रशुभ
- 04:55–06:39 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 9 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:43, शुभ
- शुभ, 06:38–07:54
- रोग, अशुभ, 07:54–09:11
- उद्वेग, अशुभ, 09:11–10:27
- चर, सामान्य, 10:27–11:43
- लाभ, शुभ, 11:43–12:59
- अमृत, शुभ, 12:59–14:16
- काल, अशुभ, 14:16–15:32
- शुभ, 15:32–16:48
- अमृत, शुभ, 16:48–18:32
- चर, सामान्य, 18:32–20:16
- रोग, अशुभ, 20:16–22:00
- काल, अशुभ, 22:00–23:44
- लाभ, शुभ, 23:44–01:28 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:28–03:11 शुक्र
- शुभ, 03:11–04:55 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:55–06:39 शुक्र
- यमगण्ड, 06:38–07:54, अशुभ
- गुलिक काल, 09:11–10:27, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:01–10:42, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:23–12:03, शुभ
- राहु काल, 12:59–14:16, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:06–14:46, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:48–05:44 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में दीवाली गुरु 9 नवंबर को क्यों है?
दीवाली · लक्ष्मी पूजा गुरु 9 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है, और किसी शाम नहीं।
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या गुरु 9 नवंबर को 06:05 से शुक्र 10 नवंबर को 02:25 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (16:48–19:34) उसके भीतर है। हर मत यही दिन लेता है।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 16:48–19:34। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 17:03 से 18:51 तक उदित रहता है।
Sevan में नरक चतुर्दशी गुरु 9 नवंबर को क्यों है?
नरक चतुर्दशी गुरु 9 नवंबर को है: उस सुबह चतुर्दशी अरुणोदय को छूती है, और किसी सुबह नहीं।
अभ्यंग स्नान अरुणोदय में होता है, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। चतुर्दशी बुध 8 नवंबर को 09:25 से गुरु 9 नवंबर को 06:05 तक है, इसलिए वह केवल गुरुवार के अरुणोदय (05:02–06:38) को छूती है। नरक चतुर्दशी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अरुणोदय Tithika की परिपाटी है।
Sevan में अमावस्या गुरु 9 नवंबर को क्यों है?
अमावस्या गुरु 9 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या गुरु 9 नवंबर को 06:05 से शुक्र 10 नवंबर को 02:25 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 9 नवंबर के सूर्योदय (06:38) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 9 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 348.3° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:38। चतुर्दशी उससे पहले 06:05 पर समाप्त हुई। अमावस्या 02:25 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 25 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Sevan में अमावस्या।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:38, चतुर्दशी की समाप्ति 08:35 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है। अमावस्या अगले सूर्योदय से पहले, 04:55 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 06:38, चतुर्दशी की समाप्ति 06:05 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।
गुरु 9 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:47–05:43
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:47–05:43।
बुध 8 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:49 बुध से सूर्योदय 06:38 तक थी, 13 घं 49 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 9 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:23–12:03
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:23–12:03।
गुरु 9 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:01–10:42
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:01–10:42 और 14:06–14:46।
गुरु 9 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:06–14:46
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:01–10:42 और 14:06–14:46।
यहाँ दिन, 06:38 से 16:48, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:01–10:42 और 14:06–14:46।
गुरु 9 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:38–07:54 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:38 से 16:48, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:48 से 06:39 शुक्र, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 9 नवंबर को राहुकाल कब है? 12:59–14:16
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 12:59–14:16।
गुरु 9 नवंबर को यमगंड कब है? 06:38–07:54
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:38–07:54।
गुरु 9 नवंबर को गुलिक काल कब है? 09:11–10:27
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:11–10:27।
यहाँ दिन 06:38 से 16:48 तक है, 10 घं 10 मि। इसे 1 घं 16 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 9 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:38
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 16:48, 10 घं 10 मि का दिन।
गुरु 9 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 16:48, 10 घं 10 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 9 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 191.3° पर था: स्वाती, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 190° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:23 को निकलेगा, विशाखा में।
गुरु 9 नवंबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 394.3° थे, एक चक्कर और 34.3°: आयुष्मान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 203° + 191.3° = 394.3°, एक पूरा चक्कर और 34.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 15:05 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।
गुरु 9 नवंबर को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 348.3° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 16:17 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 02:25 शुक्र तक।
गुरु 9 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:38, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:38 से 06:39 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 9 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 11 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 10 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
गुरु 9 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
गुरु 9 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2007 · शक 1872
विक्रम संवत 2007 18 मार्च 1950 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 1950, 18:20 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 228.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2007 गिनता है; शक संवत 1872।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 9 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:08
चंद्रमा यहाँ 16:08 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 16:08 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।