Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 30 जुलाई 1950
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
30 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 30 जुलाई
- 03:37–04:15ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:54 से
- 08:30–10:18लाभ चौघड़िया
- 10:18–12:06अमृत चौघड़िया
- 11:37–12:06अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:54–15:41शुभ चौघड़िया
- 15:46–17:20अमृत कालधनिष्ठा मेंगुलिक काल में
- सूर्यास्त 19:17 के बाद
- 19:17–20:29शुभ चौघड़िया
- 20:29–21:42अमृत चौघड़िया
- 01:18–02:30 सोमलाभ चौघड़िया
- 03:43–04:55 सोमशुभ चौघड़िया
- 03:38–04:16 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:54–06:42उद्वेगअशुभ
- 06:42–08:30चरसामान्य
- 08:30–10:18लाभशुभ
- 10:18–12:06अमृतशुभ
- 12:06–13:54कालअशुभ
- 13:54–15:41शुभ
- 15:41–17:29रोगअशुभ
- 17:29–19:17उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:17–20:29शुभ
- 20:29–21:42अमृतशुभ
- 21:42–22:54चरसामान्य
- 22:54–00:06 सोमरोगअशुभ
- 00:06–01:18 सोमकालअशुभ
- 01:18–02:30 सोमलाभशुभ
- 02:30–03:43 सोमउद्वेगअशुभ
- 03:43–04:55 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 30 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:37–04:15, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 04:54–06:42
- चर, सामान्य, 06:42–08:30
- लाभ, शुभ, 08:30–10:18
- अमृत, शुभ, 10:18–12:06
- काल, अशुभ, 12:06–13:54
- शुभ, 13:54–15:41
- रोग, अशुभ, 15:41–17:29
- उद्वेग, अशुभ, 17:29–19:17
- शुभ, 19:17–20:29
- अमृत, शुभ, 20:29–21:42
- चर, सामान्य, 21:42–22:54
- रोग, अशुभ, 22:54–00:06 सोम
- काल, अशुभ, 00:06–01:18 सोम
- लाभ, शुभ, 01:18–02:30 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 02:30–03:43 सोम
- शुभ, 03:43–04:55 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:37–12:34, शुभ
- यमगण्ड, 12:06–13:54, अशुभ
- गुलिक काल, 15:41–17:29, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:22–18:20, अशुभ
- राहु काल, 17:29–19:17, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:38–04:16 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 30 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 191.6° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:54। पूर्णिमा उससे पहले 07:17 शनि पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 05:39 को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 29 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
द्वितीया क्षय क्यों है?
द्वितीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 05:39 को शुरू हुई और 04:37 सोम को समाप्त, 04:54 और 04:55 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को प्रतिपदा है और सोमवार को तृतीया: द्वितीया यहाँ क्षय तिथि है।
रवि 30 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:37–04:15
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:37–04:15।
शनि 29 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:18 शनि से सूर्योदय 04:54 तक थी, 9 घं 36 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 30 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:37–12:34
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:37–12:34।
रवि 30 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 17:22–18:20
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:22–18:20।
यहाँ दिन, 04:54 से 19:17, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:22–18:20।
रवि 30 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:54–06:42 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:54 से 19:17, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:17 से 04:55 सोम, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 30 जुलाई को राहुकाल कब है? 17:29–19:17
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:29–19:17।
रवि 30 जुलाई को यमगंड कब है? 12:06–13:54
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:06–13:54।
रवि 30 जुलाई को गुलिक काल कब है? 15:41–17:29
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:41–17:29।
यहाँ दिन 04:54 से 19:17 तक है, 14 घं 23 मि। इसे 1 घं 47 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 30 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:54, सूर्यास्त 19:17, 14 घं 23 मि का दिन।
रवि 30 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:17
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:54, सूर्यास्त 19:17, 14 घं 23 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 30 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 294.8° पर था: धनिष्ठा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 293°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:00 सोम को निकलेगा, शतभिषा में।
रवि 30 जुलाई को कौन सा योग है? आयुष्मान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 398° थे, एक चक्कर और 38°: आयुष्मान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 103.2° + 294.8° = 398°, एक पूरा चक्कर और 38°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 08:15 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।
रवि 30 जुलाई को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 191.6° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 18:24 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 186° हुई; कौलव 05:39 तक है।
रवि 30 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 04:54, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:54 से 04:55 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 30 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 15 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 13 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
रवि 30 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
रवि 30 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2007 · शक 1872
विक्रम संवत 2007 18 मार्च 1950 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 1950, 18:20 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 128.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2007 गिनता है; शक संवत 1872।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 30 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:22
चंद्रमा यहाँ 20:22 पर उदय होता है।
रवि 30 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:52
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:52 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:22 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:52 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:22 पर उदय होगा।