tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 13 जुलाई 1950

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 06:03 तक

फिर चतुर्दशी · 07:18 शुक्र तक

त्रयोदशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:47⁠–⁠00:24 शुक्र
निशीथ काल 23:47⁠–⁠00:24 शुक्र

मासिक शिवरात्रि गुरु 13 जुलाई को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। गुरु 13 जुलाई क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:26 04:39 19:30अगला सूर्योदय 04:40 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:39–06:31शुभयमगण्ड में
  • 06:31–08:22रोगअशुभ
  • 08:22–10:14उद्वेगअशुभ
  • 10:14–12:05चरसामान्य
  • 12:05–13:56लाभशुभ
  • 13:56–15:48अमृतराहु काल में
  • 15:48–17:39कालअशुभ
  • 17:39–19:30शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:30–20:39अमृतशुभ
  • 20:39–21:48चरसामान्य
  • 21:48–22:56रोगअशुभ
  • 22:56–00:05 शुक्रकालअशुभ
  • 00:05–01:14 शुक्रलाभशुभ
  • 01:14–02:23 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:23–03:31 शुक्रशुभ
  • 03:31–04:40 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 13 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:26–04:03, शुभ
  • शुभ, 04:39–06:31
  • रोग, अशुभ, 06:31–08:22
  • उद्वेग, अशुभ, 08:22–10:14
  • चर, सामान्य, 10:14–12:05
  • लाभ, शुभ, 12:05–13:56
  • अमृत, शुभ, 13:56–15:48
  • काल, अशुभ, 15:48–17:39
  • शुभ, 17:39–19:30
  • अमृत, शुभ, 19:30–20:39
  • चर, सामान्य, 20:39–21:48
  • रोग, अशुभ, 21:48–22:56
  • काल, अशुभ, 22:56–00:05 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:05–01:14 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:14–02:23 शुक्र
  • शुभ, 02:23–03:31 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 03:31–04:40 शुक्र
  • यमगण्ड, 04:39–06:31, अशुभ
  • गुलिक काल, 08:22–10:14, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:36–10:36, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:35–12:35, शुभ
  • राहु काल, 13:56–15:48, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:33–16:32, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:27–04:04 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में मासिक शिवरात्रि गुरु 13 जुलाई को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि गुरु 13 जुलाई को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 बुध 12 जुलाई निशीथ काल 23:47–00:23 गुरु
त्रयोदशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 बुध 12 जुलाई निशीथ काल 23:47–00:23 गुरु
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी गुरु 13 जुलाई को 06:03 से शुक्र 14 जुलाई को 07:18 तक है, इसलिए केवल गुरुवार की रात का निशीथ काल (23:47–00:24 शुक्र) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

गुरु 13 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 335.3° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 335.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 335.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:39। द्वादशी उससे पहले 04:20 बुध पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 06:03 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 29 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

त्रयोदशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

त्रयोदशी यहाँ बुध 12 और गुरु 13 जुलाई दोनों के सूर्योदय पर है।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी बुध 12 जुलाई सुबह गुरु 13 जुलाई सुबह Sevan UTC+3 04:20 06:03 04:39 त्रयोदशी 04:39 त्रयोदशी त्रयोदशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी बुध 12 जुलाई सुबह गुरु 13 जुलाई सुबह Sevan UTC+3 04:20 06:03 04:39 त्रयोदशी 04:39 त्रयोदशी त्रयोदशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 04:20 बुध को, सूर्योदय 04:39 बुध से पहले, शुरू हुई और 06:03 को, अगले सूर्योदय 04:39 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन त्रयोदशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

गुरु 13 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:26–04:03

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:26–04:03।

सूर्यास्त 19:31 बुध सूर्योदय 04:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 12 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:31 बुध सूर्योदय 04:39 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 12 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 12 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:31 बुध से सूर्योदय 04:39 तक थी, 9 घं 8 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 13 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:35–12:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:35–12:35।

गुरु 13 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 09:36–10:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:36–10:36 और 15:33–16:32।

गुरु 13 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 15:33–16:32

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:36–10:36 और 15:33–16:32।

सूर्योदय 04:39 सूर्यास्त 19:30 सूर्योदय 04:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 04:39 सूर्यास्त 19:30 सूर्योदय 04:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 04:39 से 19:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:36–10:36 और 15:33–16:32।

गुरु 13 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:39–06:31 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 04:39 सूर्यास्त 19:30 सूर्योदय 04:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 04:39 सूर्यास्त 19:30 सूर्योदय 04:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:39 से 19:30, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:30 से 04:40 शुक्र, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 13 जुलाई को राहुकाल कब है? 13:56–15:48

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:56–15:48।

गुरु 13 जुलाई को यमगंड कब है? 04:39–06:31

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 04:39–06:31।

गुरु 13 जुलाई को गुलिक काल कब है? 08:22–10:14

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:22–10:14।

सूर्योदय 04:39 सूर्यास्त 19:30 सूर्योदय 04:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:39 सूर्यास्त 19:30 सूर्योदय 04:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 04:39 से 19:30 तक है, 14 घं 51 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 13 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:39

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:39, सूर्यास्त 19:30, 14 घं 51 मि का दिन।

गुरु 13 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:30

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:39, सूर्यास्त 19:30, 14 घं 51 मि का दिन।

सूर्योदय 04:39 सूर्यास्त 19:30 सूर्योदय 04:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:37 चंद्रोदय 03:18 शुक्र
सूर्योदय 04:39 सूर्यास्त 19:30 सूर्योदय 04:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:37 चंद्रोदय 03:18 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा

सूर्योदय पर चंद्रमा 62.3° पर था: मृगशिरा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 62.3° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 62.3° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 60° पर उसके पद 3 में आया। वह 13:13 को निकलेगा, आर्द्रा में।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा योग है? ध्रुव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 149.2° थे: ध्रुव।

सूर्य 86.9° + चंद्रमा 62.3° = 149.2° ध्रुव 146°40′–160°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 86.9° + चंद्रमा 62.3° = 149.2° ध्रुव 146°40′–160°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 86.9° + 62.3° = 149.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 00:08 शुक्र को समाप्त होता है, फिर व्याघात।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 335.3° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 335.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 335.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 17:15 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 06:03 तक है।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 04:39, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 04:39 सूर्यास्त 19:30 सूर्योदय 04:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 04:39 सूर्यास्त 19:30 सूर्योदय 04:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:39 से 04:40 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)

15 जून और 15 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 जून 18:52 गुरु से 15 जुलाई 08:05 शनि तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 16 जुलाई 09:41 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 13 जुलाई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 29 जून अमावस्या 15 जुल॰ पूर्णिमा 29 जुल॰
अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 13 जुलाई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 29 जून अमावस्या 15 जुल॰ पूर्णिमा 29 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ (अधिक) है, और अमान्त गणना में आषाढ़ (अधिक)।

गुरु 13 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2007 · शक 1872

विक्रम संवत 2007 18 मार्च 1950 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 1950 18:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 13 जुलाई सूर्य 86.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 18 मार्च 1950 18:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 13 जुलाई सूर्य 86.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 1950, 18:20 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 112.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2007 गिनता है; शक संवत 1872।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 13 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:18 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 03:18 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 13 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:37

सूर्योदय 04:39 सूर्यास्त 19:30 सूर्योदय 04:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:37 चंद्रोदय 03:18 शुक्र
सूर्योदय 04:39 सूर्यास्त 19:30 सूर्योदय 04:40 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:37 चंद्रोदय 03:18 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:37 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:18 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:37 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:18 शुक्र पर उदय होगा।