Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 11 जुलाई 1950
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत का पारण
परमा एकादशी
11 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 11 जुलाई
- 03:25–04:02ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:38 से
-
05:42–07:30अमृत कालकृत्तिका में
- 10:13–12:05लाभ चौघड़िया
- 11:35–12:05अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:05–13:56अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:48–17:40शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:31 के बाद
- 20:40–21:48लाभ चौघड़िया
- 22:57–23:10शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:47–00:05 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:05–01:13 बुधअमृत चौघड़िया
- 03:26–04:02 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:38–06:30रोगअशुभ
- 06:30–08:21उद्वेगअशुभ
- 08:21–10:13चरसामान्य
- 10:13–12:05लाभशुभ
- 12:05–13:56अमृतगुलिक काल में
- 13:56–15:48कालअशुभ
- 15:48–17:40शुभराहु काल में
- 17:40–19:31रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:31–20:40कालअशुभ
- 20:40–21:48लाभशुभ
- 21:48–22:57उद्वेगअशुभ
- 22:57–00:05 बुधशुभ
- 00:05–01:13 बुधअमृतशुभ
- 01:13–02:22 बुधचरसामान्य
- 02:22–03:30 बुधरोगअशुभ
- 03:30–04:39 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 11 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:25–04:02, शुभ
- रोग, अशुभ, 04:38–06:30
- उद्वेग, अशुभ, 06:30–08:21
- चर, सामान्य, 08:21–10:13
- लाभ, शुभ, 10:13–12:05
- अमृत, शुभ, 12:05–13:56
- काल, अशुभ, 13:56–15:48
- शुभ, 15:48–17:40
- रोग, अशुभ, 17:40–19:31
- काल, अशुभ, 19:31–20:40
- लाभ, शुभ, 20:40–21:48
- उद्वेग, अशुभ, 21:48–22:57
- शुभ, 22:57–00:05 बुध
- अमृत, शुभ, 00:05–01:13 बुध
- चर, सामान्य, 01:13–02:22 बुध
- रोग, अशुभ, 02:22–03:30 बुध
- काल, अशुभ, 03:30–04:39 बुध
- दुर्मुहूर्त, 07:37–08:36, अशुभ
- यमगण्ड, 08:21–10:13, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:35–12:34, शुभ
- गुलिक काल, 12:05–13:56, अशुभ
- राहु काल, 15:48–17:40, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:10–23:47, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:26–04:02 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 11 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 313.1° आगे था: कृष्ण द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:38। एकादशी उससे पहले 02:13 पर समाप्त हुई। द्वादशी 04:20 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 29 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 11 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:25–04:02
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:25–04:02।
सोम 10 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:32 सोम से सूर्योदय 04:38 तक थी, 9 घं 6 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 11 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:35–12:34
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:35–12:34।
मंगल 11 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:37–08:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:37–08:36, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:10–23:47।
मंगल 11 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:10–23:47
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:37–08:36, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:10–23:47।
यहाँ दिन, 04:38 से 19:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:37–08:36 और 23:10–23:47।
मंगल 11 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:38–06:30 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:38 से 19:31, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:31 से 04:39 बुध, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 11 जुलाई को राहुकाल कब है? 15:48–17:40
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:48–17:40।
मंगल 11 जुलाई को यमगंड कब है? 08:21–10:13
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:21–10:13।
मंगल 11 जुलाई को गुलिक काल कब है? 12:05–13:56
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:05–13:56।
यहाँ दिन 04:38 से 19:31 तक है, 14 घं 53 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 11 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:38
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:38, सूर्यास्त 19:31, 14 घं 53 मि का दिन।
मंगल 11 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:31
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:38, सूर्यास्त 19:31, 14 घं 53 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 11 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 38.1° पर था: कृत्तिका, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 36°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:23 को निकलेगा, रोहिणी में।
मंगल 11 जुलाई को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 123.1° थे: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 85° + 38.1° = 123.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 23:31 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
मंगल 11 जुलाई को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 313.1° थी: द्वादशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 15:19 तक है, जब बढ़त 318° होगी; तैतिल 04:20 बुध तक।
मंगल 11 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 04:38, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:38 से 04:39 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 11 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)
15 जून और 15 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 जून 18:52 गुरु से 15 जुलाई 08:05 शनि तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 16 जुलाई 09:41 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।
मंगल 11 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ (अधिक) है, और अमान्त गणना में आषाढ़ (अधिक)।
मंगल 11 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2007 · शक 1872
विक्रम संवत 2007 18 मार्च 1950 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 1950, 18:20 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 110.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2007 गिनता है; शक संवत 1872।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 11 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:39 बुध
चंद्रमा यहाँ 01:39 बुध पर उदय होता है।
मंगल 11 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:41
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:41 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:39 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:41 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:39 बुध पर उदय होगा।