Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 26 सितंबर 1947
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
शुक्ल पक्ष · 06:55 शनि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें द्वादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंव्रत का पारण
पार्श्व एकादशी
26 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 26 सितंबर
- 04:14–05:02ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:50 से
- 07:20–08:50लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:02–10:21अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:51–12:15अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:51–12:15शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:03–13:21शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 17:52 के बाद
- 20:52–22:21लाभ चौघड़िया
- 23:51–01:21 शनिशुभ चौघड़िया
-
00:34–02:20 शनिअमृत कालधनिष्ठा में
- 01:21–02:51 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:15–05:03 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:50–07:20चरसामान्य
- 07:20–08:50लाभगुलिक काल में
- 08:50–10:21अमृतशुभ
- 10:21–11:51कालअशुभ
- 11:51–13:21शुभ
- 13:21–14:51रोगअशुभ
- 14:51–16:22उद्वेगअशुभ
- 16:22–17:52चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 17:52–19:22रोगअशुभ
- 19:22–20:52कालअशुभ
- 20:52–22:21लाभशुभ
- 22:21–23:51उद्वेगअशुभ
- 23:51–01:21 शनिशुभ
- 01:21–02:51 शनिअमृतशुभ
- 02:51–04:21 शनिचरसामान्य
- 04:21–05:51 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 26 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:14–05:02, शुभ
- चर, सामान्य, 05:50–07:20
- लाभ, शुभ, 07:20–08:50
- अमृत, शुभ, 08:50–10:21
- काल, अशुभ, 10:21–11:51
- शुभ, 11:51–13:21
- रोग, अशुभ, 13:21–14:51
- उद्वेग, अशुभ, 14:51–16:22
- चर, सामान्य, 16:22–17:52
- रोग, अशुभ, 17:52–19:22
- काल, अशुभ, 19:22–20:52
- लाभ, शुभ, 20:52–22:21
- उद्वेग, अशुभ, 22:21–23:51
- शुभ, 23:51–01:21 शनि
- अमृत, शुभ, 01:21–02:51 शनि
- चर, सामान्य, 02:51–04:21 शनि
- रोग, अशुभ, 04:21–05:51 शनि
- गुलिक काल, 07:20–08:50, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:14–09:02, अशुभ
- राहु काल, 10:21–11:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:27–12:15, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:15–13:03, अशुभ
- यमगण्ड, 14:51–16:22, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:15–05:03 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 26 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 132.4° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:50। एकादशी उससे पहले 05:02 पर समाप्त हुई। द्वादशी 06:55 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 14 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
द्वादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
द्वादशी यहाँ शुक्र 26 और शनि 27 सितंबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 05:02 को, सूर्योदय 05:50 से पहले, शुरू हुई और 06:55 शनि को, अगले सूर्योदय 05:51 शनि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में एकादशी क्यों है?
नई दिल्ली में एकादशी है, Sevan में द्वादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:10, एकादशी की समाप्ति 07:32 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है।
Sevan · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 05:50, एकादशी की समाप्ति 05:02 के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।
शुक्र 26 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:14–05:02
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:14–05:02।
गुरु 25 सितंबर की रात सूर्यास्त 17:53 गुरु से सूर्योदय 05:50 तक थी, 11 घं 57 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 26 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:27–12:15
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:27–12:15।
शुक्र 26 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:14–09:02
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:14–09:02 और 12:15–13:03।
शुक्र 26 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:15–13:03
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:14–09:02 और 12:15–13:03।
यहाँ दिन, 05:50 से 17:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:14–09:02 और 12:15–13:03।
शुक्र 26 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:50–07:20 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:50 से 17:52, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:52 से 05:51 शनि, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 26 सितंबर को राहुकाल कब है? 10:21–11:51
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:21–11:51।
शुक्र 26 सितंबर को यमगंड कब है? 14:51–16:22
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:51–16:22।
शुक्र 26 सितंबर को गुलिक काल कब है? 07:20–08:50
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:20–08:50।
यहाँ दिन 05:50 से 17:52 तक है, 12 घं 2 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 26 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:52, 12 घं 2 मि का दिन।
शुक्र 26 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:52, 12 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 26 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 291.4° पर था: श्रवण, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 290° पर उसके पद 4 में आया। वह 09:38 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
शुक्र 26 सितंबर को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 450.5° थे, एक चक्कर और 90.5°: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 159.1° + 291.4° = 450.5°, एक पूरा चक्कर और 90.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 11:06 को समाप्त होता है, फिर धृति।
शुक्र 26 सितंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 132.4° थी: द्वादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 18:02 तक है, जब बढ़त 138° होगी; बालव 06:55 शनि तक।
शुक्र 26 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:50, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:50 से 05:51 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 26 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 14 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 14 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
शुक्र 26 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
शुक्र 26 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2004 · शक 1869
विक्रम संवत 2004 22 मार्च 1947 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 1947, 19:34 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 181° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2004 गिनता है; शक संवत 1869।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 26 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:29
चंद्रमा यहाँ 16:29 पर उदय होता है।
शुक्र 26 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:31 शनि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:29 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:31 शनि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:29 पर उदय हुआ; वह फिर 02:31 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।