Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 15 मई 1946
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
शुक्ल पक्ष · 05:52 गुरु तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें पूर्णिमा यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंत्योहार
बुद्ध पूर्णिमा
बुद्ध पूर्णिमा बुध 15 मई को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। बुध 15 मई क्यों?
बुद्ध पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा बुध 15 मई को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। बुध 15 मई क्यों?
पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़15 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 15 मई
- 03:27–04:05ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:44 से
- 04:44–06:32लाभ चौघड़िया
- 06:32–08:20अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:08–11:56शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:20–19:08लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:08 के बाद
- 20:20–21:32शुभ चौघड़िया
- 21:32–22:44अमृत चौघड़िया
-
23:37–01:25 गुरुअमृत कालविशाखा में
- 02:19–03:31 गुरुलाभ चौघड़िया
- 03:26–04:04 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:44–06:32लाभशुभ
- 06:32–08:20अमृतयमगण्ड में
- 08:20–10:08कालअशुभ
- 10:08–11:56शुभगुलिक काल में
- 11:56–13:44रोगअशुभ
- 13:44–15:32उद्वेगअशुभ
- 15:32–17:20चरसामान्य
- 17:20–19:08लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:08–20:20उद्वेगअशुभ
- 20:20–21:32शुभ
- 21:32–22:44अमृतशुभ
- 22:44–23:56चरसामान्य
- 23:56–01:07 गुरुरोगअशुभ
- 01:07–02:19 गुरुकालअशुभ
- 02:19–03:31 गुरुलाभशुभ
- 03:31–04:43 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 15 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:27–04:05, शुभ
- लाभ, शुभ, 04:44–06:32
- अमृत, शुभ, 06:32–08:20
- काल, अशुभ, 08:20–10:08
- शुभ, 10:08–11:56
- रोग, अशुभ, 11:56–13:44
- उद्वेग, अशुभ, 13:44–15:32
- चर, सामान्य, 15:32–17:20
- लाभ, शुभ, 17:20–19:08
- उद्वेग, अशुभ, 19:08–20:20
- शुभ, 20:20–21:32
- अमृत, शुभ, 21:32–22:44
- चर, सामान्य, 22:44–23:56
- रोग, अशुभ, 23:56–01:07 गुरु
- काल, अशुभ, 01:07–02:19 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:19–03:31 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 03:31–04:43 गुरु
- यमगण्ड, 06:32–08:20, अशुभ
- गुलिक काल, 10:08–11:56, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:27–12:25, अशुभ
- राहु काल, 11:56–13:44, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:26–04:04 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में बुद्ध पूर्णिमा बुध 15 मई को क्यों है?
बुद्ध पूर्णिमा बुध 15 मई को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा दोनों सूर्योदयों पर है, बुध 15 मई को 04:44 और गुरु 16 मई को 04:43। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: बुध 15 मई। बुद्ध पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Sevan में पूर्णिमा बुध 15 मई को क्यों है?
पूर्णिमा बुध 15 मई को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा दोनों सूर्योदयों पर है, बुध 15 मई को 04:44 और गुरु 16 मई को 04:43। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: बुध 15 मई। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 15 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 168.6° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:44। चतुर्दशी उससे पहले 03:25 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 05:52 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 1 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर क्यों है?
पूर्णिमा यहाँ बुध 15 और गुरु 16 मई दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 03:25 को, सूर्योदय 04:44 से पहले, शुरू हुई और 05:52 गुरु को, अगले सूर्योदय 04:43 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन पूर्णिमा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Sevan में पूर्णिमा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:30, चतुर्दशी की समाप्ति 05:55 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
Sevan · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 04:44, चतुर्दशी की समाप्ति 03:25 के बाद हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।
बुध 15 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:27–04:05
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:27–04:05।
मंगल 14 मई की रात सूर्यास्त 19:07 मंगल से सूर्योदय 04:44 तक थी, 9 घं 37 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 15 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:27–12:25
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:27–12:25।
यहाँ दिन, 04:44 से 19:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:27–12:25: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 15 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:44–06:32 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:44 से 19:08, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:08 से 04:43 गुरु, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 15 मई को राहुकाल कब है? 11:56–13:44
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:56–13:44।
बुध 15 मई को यमगंड कब है? 06:32–08:20
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:32–08:20।
बुध 15 मई को गुलिक काल कब है? 10:08–11:56
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:08–11:56।
यहाँ दिन 04:44 से 19:08 तक है, 14 घं 24 मि। इसे 1 घं 48 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 15 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:44, सूर्यास्त 19:08, 14 घं 24 मि का दिन।
बुध 15 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:44, सूर्यास्त 19:08, 14 घं 24 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 35 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 15 मई को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 199.1° पर था: स्वाती, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 196°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 06:30 को निकलेगा, विशाखा में।
बुध 15 मई को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 229.6° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 30.5° + 199.1° = 229.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 00:06 गुरु को समाप्त होता है, फिर परिघ।
बुध 15 मई को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 168.6° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 16:37 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 05:52 गुरु तक।
बुध 15 मई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 04:44, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:44 से 04:43 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 15 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 1 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 30 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
बुध 15 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
बुध 15 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2003 · शक 1868
विक्रम संवत 2003 2 अप्रैल 1946 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 1946, 07:37 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 41.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2003 गिनता है; शक संवत 1868।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 15 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:31
चंद्रमा यहाँ 18:31 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:31 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।