Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 26 मई 1945
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
शुक्ल पक्ष · 04:48 रवि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें पूर्णिमा यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंत्योहार
बुद्ध पूर्णिमा
बुद्ध पूर्णिमा शनि 26 मई को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। शनि 26 मई क्यों?
बुद्ध पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा शनि 26 मई को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। शनि 26 मई क्यों?
पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़26 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 26 मई
- 03:20–03:58ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:35 से
- 06:32–08:16शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:27–12:26अभिजीत मुहूर्त
- 13:47–15:38लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:38–17:28अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:19 के बाद
- 19:19–20:28लाभ चौघड़िया
- 21:37–22:47शुभ चौघड़िया
- 22:47–23:56अमृत चौघड़िया
-
01:58–03:42 रविअमृत कालअनुराधा में
- 03:25–04:34 रविलाभ चौघड़िया
- 03:20–03:57 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:35–06:25कालअशुभ
- 06:25–08:16शुभ
- 08:16–10:06रोगअशुभ
- 10:06–11:57उद्वेगअशुभ
- 11:57–13:47चरसामान्य
- 13:47–15:38लाभयमगण्ड में
- 15:38–17:28अमृतशुभ
- 17:28–19:19कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:19–20:28लाभशुभ
- 20:28–21:37उद्वेगअशुभ
- 21:37–22:47शुभ
- 22:47–23:56अमृतशुभ
- 23:56–01:06 रविचरसामान्य
- 01:06–02:15 रविरोगअशुभ
- 02:15–03:25 रविकालअशुभ
- 03:25–04:34 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 26 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:20–03:58, शुभ
- काल, अशुभ, 04:35–06:25
- शुभ, 06:25–08:16
- रोग, अशुभ, 08:16–10:06
- उद्वेग, अशुभ, 10:06–11:57
- चर, सामान्य, 11:57–13:47
- लाभ, शुभ, 13:47–15:38
- अमृत, शुभ, 15:38–17:28
- काल, अशुभ, 17:28–19:19
- लाभ, शुभ, 19:19–20:28
- उद्वेग, अशुभ, 20:28–21:37
- शुभ, 21:37–22:47
- अमृत, शुभ, 22:47–23:56
- चर, सामान्य, 23:56–01:06 रवि
- रोग, अशुभ, 01:06–02:15 रवि
- काल, अशुभ, 02:15–03:25 रवि
- लाभ, शुभ, 03:25–04:34 रवि
- गुलिक काल, 04:35–06:25, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 04:35–05:34, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:34–06:32, अशुभ
- राहु काल, 08:16–10:06, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:27–12:26, शुभ
- यमगण्ड, 13:47–15:38, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:20–03:57 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में बुद्ध पूर्णिमा शनि 26 मई को क्यों है?
बुद्ध पूर्णिमा शनि 26 मई को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा दोनों सूर्योदयों पर है, शनि 26 मई को 04:35 और रवि 27 मई को 04:34। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: शनि 26 मई। बुद्ध पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Sevan में पूर्णिमा शनि 26 मई को क्यों है?
पूर्णिमा शनि 26 मई को है: पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा दोनों सूर्योदयों पर है, शनि 26 मई को 04:35 और रवि 27 मई को 04:34। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: शनि 26 मई। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 26 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 168.7° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:35। चतुर्दशी उससे पहले 03:07 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 04:48 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 11 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पूर्णिमा दो सूर्योदयों पर क्यों है?
पूर्णिमा यहाँ शनि 26 और रवि 27 मई दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 03:07 को, सूर्योदय 04:35 से पहले, शुरू हुई और 04:48 रवि को, अगले सूर्योदय 04:34 रवि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन पूर्णिमा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?
नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Sevan में पूर्णिमा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:25, चतुर्दशी की समाप्ति 06:37 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
Sevan · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 04:35, चतुर्दशी की समाप्ति 03:07 के बाद हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।
शनि 26 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:20–03:58
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:20–03:58।
शुक्र 25 मई की रात सूर्यास्त 19:18 शुक्र से सूर्योदय 04:35 तक थी, 9 घं 17 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 26 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:27–12:26
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:27–12:26।
शनि 26 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 04:35–05:34
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 04:35–05:34 और 05:34–06:32।
शनि 26 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 05:34–06:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 04:35–05:34 और 05:34–06:32।
यहाँ दिन, 04:35 से 19:19, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 04:35–05:34 और 05:34–06:32।
शनि 26 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:35–06:25 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:35 से 19:19, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:19 से 04:34 रवि, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 26 मई को राहुकाल कब है? 08:16–10:06
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:16–10:06।
शनि 26 मई को यमगंड कब है? 13:47–15:38
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:47–15:38।
शनि 26 मई को गुलिक काल कब है? 04:35–06:25
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 04:35–06:25।
यहाँ दिन 04:35 से 19:19 तक है, 14 घं 44 मि। इसे 1 घं 50 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 26 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:35
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:35, सूर्यास्त 19:19, 14 घं 44 मि का दिन।
शनि 26 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:19
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:35, सूर्यास्त 19:19, 14 घं 44 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 15 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 26 मई को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 210° पर था: विशाखा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 210° पर उसके पद 4 में आया। वह 11:07 को निकलेगा, अनुराधा में।
शनि 26 मई को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 251.3° थे: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 41.3° + 210° = 251.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 08:10 को समाप्त होता है, फिर शिव।
शनि 26 मई को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 168.7° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 16:00 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 04:48 रवि तक।
शनि 26 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 04:35, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:35 से 04:34 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 26 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 11 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 10 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
शनि 26 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
शनि 26 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2002 · शक 1867
विक्रम संवत 2002 14 मार्च 1945 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 14 मार्च 1945, 06:50 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 71.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2002 गिनता है; शक संवत 1867।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 26 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:40
चंद्रमा यहाँ 18:40 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:40 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।