Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 7 अक्टूबर 1943
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
दुर्गा अष्टमी
दुर्गा अष्टमी गुरु 7 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अष्टमी है। गुरु 7 अक्टूबर क्यों?
दुर्गा अष्टमी: Sevan में हर तारीख़7 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 7 अक्टूबर
- 04:21–05:11ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:01 से
- 06:01–07:27शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
07:27–08:09अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · पूर्वाषाढा में
- 11:24–12:10अभिजीत मुहूर्त
- 11:47–13:14लाभ चौघड़िया
- 13:14–14:41अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:07–17:34शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:34 के बाद
- 17:34–19:07अमृत चौघड़िया
- 23:48–01:21 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:55–04:28 शुक्रशुभ चौघड़िया
-
03:48–05:18 शुक्रअमृत कालउत्तराषाढा में
- 04:28–06:02 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:22–05:12 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:01–07:27शुभयमगण्ड में
- 07:27–08:54रोगअशुभ
- 08:54–10:21उद्वेगअशुभ
- 10:21–11:47चरसामान्य
- 11:47–13:14लाभशुभ
- 13:14–14:41अमृतराहु काल में
- 14:41–16:07कालअशुभ
- 16:07–17:34शुभ
रात का चौघड़िया
- 17:34–19:07अमृतशुभ
- 19:07–20:41चरसामान्य
- 20:41–22:14रोगअशुभ
- 22:14–23:48कालअशुभ
- 23:48–01:21 शुक्रलाभशुभ
- 01:21–02:55 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:55–04:28 शुक्रशुभ
- 04:28–06:02 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 7 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:21–05:11, शुभ
- शुभ, 06:01–07:27
- रोग, अशुभ, 07:27–08:54
- उद्वेग, अशुभ, 08:54–10:21
- चर, सामान्य, 10:21–11:47
- लाभ, शुभ, 11:47–13:14
- अमृत, शुभ, 13:14–14:41
- काल, अशुभ, 14:41–16:07
- शुभ, 16:07–17:34
- अमृत, शुभ, 17:34–19:07
- चर, सामान्य, 19:07–20:41
- रोग, अशुभ, 20:41–22:14
- काल, अशुभ, 22:14–23:48
- लाभ, शुभ, 23:48–01:21 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:21–02:55 शुक्र
- शुभ, 02:55–04:28 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:28–06:02 शुक्र
- यमगण्ड, 06:01–07:27, अशुभ
- गुलिक काल, 08:54–10:21, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:52–10:38, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:24–12:10, शुभ
- राहु काल, 13:14–14:41, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:29–15:15, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:22–05:12 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में दुर्गा अष्टमी गुरु 7 अक्टूबर को क्यों है?
दुर्गा अष्टमी गुरु 7 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अष्टमी है।
दुर्गा अष्टमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अष्टमी बुध 6 अक्टूबर को 12:01 से गुरु 7 अक्टूबर को 10:13 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 7 अक्टूबर के सूर्योदय (06:01) पर है। दुर्गा अष्टमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 7 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 93.7° आगे था: शुक्ल अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:01। सप्तमी उससे पहले 12:01 बुध पर समाप्त हुई। अष्टमी 10:13 को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 29 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
गुरु 7 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:21–05:11
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:21–05:11।
बुध 6 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:35 बुध से सूर्योदय 06:01 तक थी, 12 घं 26 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 7 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:24–12:10
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:24–12:10।
गुरु 7 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:52–10:38
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:52–10:38 और 14:29–15:15।
गुरु 7 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:29–15:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:52–10:38 और 14:29–15:15।
यहाँ दिन, 06:01 से 17:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:52–10:38 और 14:29–15:15।
गुरु 7 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:01–07:27 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:01 से 17:34, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:34 से 06:02 शुक्र, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 7 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 13:14–14:41
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:14–14:41।
गुरु 7 अक्टूबर को यमगंड कब है? 06:01–07:27
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:01–07:27।
गुरु 7 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 08:54–10:21
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:54–10:21।
यहाँ दिन 06:01 से 17:34 तक है, 11 घं 33 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 7 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 17:34, 11 घं 33 मि का दिन।
गुरु 7 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 17:34, 11 घं 33 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 263.6° पर था: पूर्वाषाढा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 263°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:13 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।
गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 433.5° थे, एक चक्कर और 73.5°: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 169.9° + 263.6° = 433.5°, एक पूरा चक्कर और 73.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 16:19 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 93.7° थी: अष्टमी का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 23:09 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 90° हुई; बव 10:13 तक है।
गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:01, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:01 से 06:02 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 29 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 29 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2000 · शक 1865
विक्रम संवत 2000 5 अप्रैल 1943 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 1943, 00:52 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 178.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2000 गिनता है; शक संवत 1865।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 7 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 13:42
चंद्रमा यहाँ 13:42 पर उदय होता है।
गुरु 7 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:42
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:42 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:42 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:42 पर उदय हुआ; वह फिर 23:42 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।