Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 12 मई 1942
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
कृष्ण पक्ष · 05:04 बुध तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें त्रयोदशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंव्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत मंगल 12 मई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 12 मई क्यों?
प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़12 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 12 मई
- 03:29–04:08ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:47 से
- 10:09–11:56लाभ चौघड़िया
- 11:27–11:56अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:56–13:43अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:31–17:18शुभ चौघड़ियाराहु काल में
-
17:24–19:07अमृत कालरेवती में
- सूर्यास्त 19:05 के बाद
- 20:18–21:30लाभ चौघड़िया
- 22:43–22:58शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:36–23:56शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:56–01:08 बुधअमृत चौघड़िया
- 03:28–04:07 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:47–06:34रोगअशुभ
- 06:34–08:21उद्वेगअशुभ
- 08:21–10:09चरसामान्य
- 10:09–11:56लाभशुभ
- 11:56–13:43अमृतगुलिक काल में
- 13:43–15:31कालअशुभ
- 15:31–17:18शुभराहु काल में
- 17:18–19:05रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:05–20:18कालअशुभ
- 20:18–21:30लाभशुभ
- 21:30–22:43उद्वेगअशुभ
- 22:43–23:56शुभ
- 23:56–01:08 बुधअमृतशुभ
- 01:08–02:21 बुधचरसामान्य
- 02:21–03:33 बुधरोगअशुभ
- 03:33–04:46 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 12 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:29–04:08, शुभ
- रोग, अशुभ, 04:47–06:34
- उद्वेग, अशुभ, 06:34–08:21
- चर, सामान्य, 08:21–10:09
- लाभ, शुभ, 10:09–11:56
- अमृत, शुभ, 11:56–13:43
- काल, अशुभ, 13:43–15:31
- शुभ, 15:31–17:18
- रोग, अशुभ, 17:18–19:05
- काल, अशुभ, 19:05–20:18
- लाभ, शुभ, 20:18–21:30
- उद्वेग, अशुभ, 21:30–22:43
- शुभ, 22:43–23:56
- अमृत, शुभ, 23:56–01:08 बुध
- चर, सामान्य, 01:08–02:21 बुध
- रोग, अशुभ, 02:21–03:33 बुध
- काल, अशुभ, 03:33–04:46 बुध
- दुर्मुहूर्त, 07:38–08:36, अशुभ
- यमगण्ड, 08:21–10:09, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:27–12:25, शुभ
- गुलिक काल, 11:56–13:43, अशुभ
- राहु काल, 15:31–17:18, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:58–23:36, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:28–04:07 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में प्रदोष व्रत मंगल 12 मई को क्यों है?
प्रदोष व्रत मंगल 12 मई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 12 मई को 03:40 से बुध 13 मई को 05:04 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (19:05–21:01) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 12 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 324.5° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:47। द्वादशी उससे पहले 03:40 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 05:04 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 1 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
त्रयोदशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
त्रयोदशी यहाँ मंगल 12 और बुध 13 मई दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 03:40 को, सूर्योदय 04:47 से पहले, शुरू हुई और 05:04 बुध को, अगले सूर्योदय 04:46 बुध के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन त्रयोदशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Sevan में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:32, द्वादशी की समाप्ति 07:10 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।
Sevan · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 04:47, द्वादशी की समाप्ति 03:40 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
मंगल 12 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:29–04:08
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:29–04:08।
सोम 11 मई की रात सूर्यास्त 19:04 सोम से सूर्योदय 04:47 तक थी, 9 घं 43 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 12 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:27–12:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:27–12:25।
मंगल 12 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:38–08:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:38–08:36, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:58–23:36।
मंगल 12 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 22:58–23:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:38–08:36, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:58–23:36।
यहाँ दिन, 04:47 से 19:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:38–08:36 और 22:58–23:36।
मंगल 12 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:47–06:34 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:47 से 19:05, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:05 से 04:46 बुध, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 12 मई को राहुकाल कब है? 15:31–17:18
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:31–17:18।
मंगल 12 मई को यमगंड कब है? 08:21–10:09
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:21–10:09।
मंगल 12 मई को गुलिक काल कब है? 11:56–13:43
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:56–13:43।
यहाँ दिन 04:47 से 19:05 तक है, 14 घं 18 मि। इसे 1 घं 47 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 12 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:47, सूर्यास्त 19:05, 14 घं 18 मि का दिन।
मंगल 12 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:47, सूर्यास्त 19:05, 14 घं 18 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 12 मई को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 352.2° पर था: रेवती, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 350° पर उसके पद 2 में आया। वह 19:59 को निकलेगा, अश्विनी में।
मंगल 12 मई को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 379.9° थे, एक चक्कर और 19.9°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 27.7° + 352.2° = 379.9°, एक पूरा चक्कर और 19.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 17:05 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
मंगल 12 मई को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 324.5° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 16:19 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 05:04 बुध तक।
मंगल 12 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 04:47, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:47 से 04:46 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 12 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 15 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 15 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
मंगल 12 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
मंगल 12 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 1999 · शक 1864
विक्रम संवत 1999 17 मार्च 1942 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 1942, 02:49 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 55° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1999 गिनता है; शक संवत 1864।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 12 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:01 बुध
चंद्रमा यहाँ 04:01 बुध पर उदय होता है।
मंगल 12 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:21
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:21 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:01 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:21 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:01 बुध पर उदय होगा।