tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 3 सितंबर 1941

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

त्रयोदशी

शुक्ल पक्ष · 20:45 तक

फिर चतुर्दशी · 20:26 गुरु तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
18:29⁠–⁠20:41
प्रदोष काल 18:29⁠–⁠20:41

प्रदोष व्रत बुध 3 सितंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 3 सितंबर क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:00 05:28 18:29अगला सूर्योदय 05:29 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:28–07:06लाभशुभ
  • 07:06–08:43अमृतयमगण्ड में
  • 08:43–10:21कालअशुभ
  • 10:21–11:59शुभगुलिक काल में
  • 11:59–13:36रोगअशुभ
  • 13:36–15:14उद्वेगअशुभ
  • 15:14–16:52चरसामान्य
  • 16:52–18:29लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:29–19:52उद्वेगअशुभ
  • 19:52–21:14शुभ
  • 21:14–22:37अमृतशुभ
  • 22:37–23:59चरसामान्य
  • 23:59–01:22 गुरुरोगअशुभ
  • 01:22–02:44 गुरुकालअशुभ
  • 02:44–04:06 गुरुलाभशुभ
  • 04:06–05:29 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 3 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:00–04:44, शुभ
  • लाभ, शुभ, 05:28–07:06
  • अमृत, शुभ, 07:06–08:43
  • काल, अशुभ, 08:43–10:21
  • शुभ, 10:21–11:59
  • रोग, अशुभ, 11:59–13:36
  • उद्वेग, अशुभ, 13:36–15:14
  • चर, सामान्य, 15:14–16:52
  • लाभ, शुभ, 16:52–18:29
  • उद्वेग, अशुभ, 18:29–19:52
  • शुभ, 19:52–21:14
  • अमृत, शुभ, 21:14–22:37
  • चर, सामान्य, 22:37–23:59
  • रोग, अशुभ, 23:59–01:22 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:22–02:44 गुरु
  • लाभ, शुभ, 02:44–04:06 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:06–05:29 गुरु
  • यमगण्ड, 07:06–08:43, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:21–11:59, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:33–12:25, अशुभ
  • राहु काल, 11:59–13:36, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:01–04:45 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत बुध 3 सितंबर को क्यों है?

प्रदोष व्रत बुध 3 सितंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 21:31 17:00 18:00 19:00 20:00 मंगल 2 सितंबर प्रदोष काल 18:31–20:42 त्रयोदशी 21:31 से
द्वादशी 21:31 17:00 19:00 मंगल 2 सितंबर प्रदोष काल 18:31–20:42 त्रयोदशी 21:31 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 2 सितंबर को 21:31 से बुध 3 सितंबर को 20:45 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (18:29–20:41) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

बुध 3 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 148.1° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 148.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 148.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:28। द्वादशी उससे पहले 21:31 मंगल पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 20:45 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 22 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

बुध 3 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:00–04:44

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:00–04:44।

सूर्यास्त 18:31 मंगल सूर्योदय 05:28 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 2 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:31 मंगल सूर्योदय 05:28 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 2 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 2 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:31 मंगल से सूर्योदय 05:28 तक थी, 10 घं 57 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 3 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:33–12:25

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:33–12:25।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 05:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 05:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:28 से 18:29, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:33–12:25: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 3 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:28–07:06 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 05:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 05:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:28 से 18:29, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:29 से 05:29 गुरु, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 3 सितंबर को राहुकाल कब है? 11:59–13:36

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:59–13:36।

बुध 3 सितंबर को यमगंड कब है? 07:06–08:43

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:06–08:43।

बुध 3 सितंबर को गुलिक काल कब है? 10:21–11:59

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:21–11:59।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 05:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 05:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 05:28 से 18:29 तक है, 13 घं 1 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 3 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:28

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:29, 13 घं 1 मि का दिन।

बुध 3 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 18:29, 13 घं 1 मि का दिन।

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 05:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:55 गुरु चंद्रोदय 17:03
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 05:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:55 गुरु चंद्रोदय 17:03
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 3 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण

सूर्योदय पर चंद्रमा 285.3° पर था: श्रवण, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 285.3° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 285.3° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 283°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:58 को निकलेगा, धनिष्ठा में।

बुध 3 सितंबर को कौन सा योग है? शोभन

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 422.5° थे, एक चक्कर और 62.5°: शोभन।

सूर्य 137.2° + चंद्रमा 285.3° = 422.5° एक चक्कर + 62.5° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 137.2° + चंद्रमा 285.3° = 422.5° एक चक्कर + 62.5° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 137.2° + 285.3° = 422.5°, एक पूरा चक्कर और 62.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 12:33 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।

बुध 3 सितंबर को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 148.1° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 148.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° कौलव 144°–150° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 148.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° कौलव 144°–150° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 09:05 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 20:45 तक।

बुध 3 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:28, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 05:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 05:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:28 से 05:29 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 3 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 22 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 21 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

बुध 3 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल बुध 3 सितंबर पूर्णिमा 7 अग॰ अमावस्या 22 अग॰ पूर्णिमा 5 सित॰ अमावस्या 21 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल बुध 3 सितंबर पूर्णिमा 7 अग॰ अमावस्या 22 अग॰ पूर्णिमा 5 सित॰ अमावस्या 21 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।

बुध 3 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1998 · शक 1863

विक्रम संवत 1998 27 मार्च 1941 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 27 मार्च 1941 23:13 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 3 सितंबर सूर्य 137.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 27 मार्च 1941 23:13 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 3 सितंबर सूर्य 137.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 27 मार्च 1941, 23:13 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 153.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1998 गिनता है; शक संवत 1863।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 3 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:03

चंद्रमा यहाँ 17:03 पर उदय होता है।

बुध 3 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:55 गुरु

सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 05:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:55 गुरु चंद्रोदय 17:03
सूर्योदय 05:28 सूर्यास्त 18:29 सूर्योदय 05:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:55 गुरु चंद्रोदय 17:03
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:03 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:55 गुरु पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:03 पर उदय हुआ; वह फिर 03:55 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।