Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 26 फ़रवरी 1941
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
शुक्ल पक्ष · 07:31 गुरु तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें प्रतिपदा यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें26 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 26 फ़रवरी
- 04:56–05:47ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:39 से
- 06:39–08:02लाभ चौघड़िया
- 08:02–09:26अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
09:45–10:49अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · शतभिषा में
- 10:49–12:13शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:23–17:47लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:47 के बाद
- 19:23–21:00शुभ चौघड़िया
- 21:00–22:36अमृत चौघड़िया
- 03:25–05:01 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:55–05:46 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:39–08:02लाभशुभ
- 08:02–09:26अमृतयमगण्ड में
- 09:26–10:49कालअशुभ
- 10:49–12:13शुभगुलिक काल में
- 12:13–13:36रोगअशुभ
- 13:36–15:00उद्वेगअशुभ
- 15:00–16:23चरसामान्य
- 16:23–17:47लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:47–19:23उद्वेगअशुभ
- 19:23–21:00शुभ
- 21:00–22:36अमृतशुभ
- 22:36–00:12 गुरुचरसामान्य
- 00:12–01:48 गुरुरोगअशुभ
- 01:48–03:25 गुरुकालअशुभ
- 03:25–05:01 गुरुलाभशुभ
- 05:01–06:37 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 26 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:47, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:39–08:02
- अमृत, शुभ, 08:02–09:26
- काल, अशुभ, 09:26–10:49
- शुभ, 10:49–12:13
- रोग, अशुभ, 12:13–13:36
- उद्वेग, अशुभ, 13:36–15:00
- चर, सामान्य, 15:00–16:23
- लाभ, शुभ, 16:23–17:47
- उद्वेग, अशुभ, 17:47–19:23
- शुभ, 19:23–21:00
- अमृत, शुभ, 21:00–22:36
- चर, सामान्य, 22:36–00:12 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:12–01:48 गुरु
- काल, अशुभ, 01:48–03:25 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:25–05:01 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:01–06:37 गुरु
- यमगण्ड, 08:02–09:26, अशुभ
- गुलिक काल, 10:49–12:13, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:51–12:35, अशुभ
- राहु काल, 12:13–13:36, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:55–05:46 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 26 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 0.3° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:39। अमावस्या उससे पहले 06:01 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 07:31 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 26 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
प्रतिपदा दो सूर्योदयों पर क्यों है?
प्रतिपदा यहाँ बुध 26 और गुरु 27 फ़रवरी दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 06:01 को, सूर्योदय 06:39 से पहले, शुरू हुई और 07:31 गुरु को, अगले सूर्योदय 06:37 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन प्रतिपदा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?
नई दिल्ली में अमावस्या है, Sevan में प्रतिपदा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:50, अमावस्या की समाप्ति 08:31 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है।
Sevan · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 06:39, अमावस्या की समाप्ति 06:01 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
बुध 26 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:56–05:47
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:56–05:47।
मंगल 25 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:46 मंगल से सूर्योदय 06:39 तक थी, 12 घं 53 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 26 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:51–12:35
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:51–12:35।
यहाँ दिन, 06:39 से 17:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:51–12:35: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 26 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:39–08:02 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:39 से 17:47, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:47 से 06:37 गुरु, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 26 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 12:13–13:36
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:13–13:36।
बुध 26 फ़रवरी को यमगंड कब है? 08:02–09:26
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:02–09:26।
बुध 26 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 10:49–12:13
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:49–12:13।
यहाँ दिन 06:39 से 17:47 तक है, 11 घं 8 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 26 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 17:47, 11 घं 8 मि का दिन।
बुध 26 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 17:47, 11 घं 8 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 26 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा
सूर्योदय पर चंद्रमा 314.4° पर था: शतभिषा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 313°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:29 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।
बुध 26 फ़रवरी को कौन सा योग है? सिद्ध
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 628.5° थे, एक चक्कर और 268.5°: सिद्ध।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 314.1° + 314.4° = 628.5°, एक पूरा चक्कर और 268.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 03:16 गुरु को समाप्त होता है, फिर साध्य।
बुध 26 फ़रवरी को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न
सूर्योदय पर बढ़त 0.3° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 18:42 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 07:31 गुरु तक।
बुध 26 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:39, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:39 से 06:37 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 26 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 26 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 27 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
बुध 26 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।
बुध 26 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 1997 · शक 1862
विक्रम संवत 1997 7 अप्रैल 1940 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 1940, 23:18 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 319.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1997 गिनता है; शक संवत 1862।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 26 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:14
चंद्रमा यहाँ 18:14 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:14 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।