Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 21 जनवरी 1941
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
21 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 21 जनवरी
- 05:24–06:21ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:18 से
- 10:58–12:11लाभ चौघड़िया
- 11:52–12:11अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:11–13:24अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:37–15:51शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:04 के बाद
- 18:50–20:37लाभ चौघड़िया
- 22:24–22:45शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:42–00:11 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:11–01:57 बुधअमृत चौघड़िया
-
01:42–03:13 बुधअमृत कालविशाखा में
- 05:24–06:21 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:18–08:31रोगअशुभ
- 08:31–09:45उद्वेगअशुभ
- 09:45–10:58चरसामान्य
- 10:58–12:11लाभशुभ
- 12:11–13:24अमृतगुलिक काल में
- 13:24–14:37कालअशुभ
- 14:37–15:51शुभराहु काल में
- 15:51–17:04रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:04–18:50कालअशुभ
- 18:50–20:37लाभशुभ
- 20:37–22:24उद्वेगअशुभ
- 22:24–00:11 बुधशुभ
- 00:11–01:57 बुधअमृतशुभ
- 01:57–03:44 बुधचरसामान्य
- 03:44–05:31 बुधरोगअशुभ
- 05:31–07:18 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 21 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:24–06:21, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:18–08:31
- उद्वेग, अशुभ, 08:31–09:45
- चर, सामान्य, 09:45–10:58
- लाभ, शुभ, 10:58–12:11
- अमृत, शुभ, 12:11–13:24
- काल, अशुभ, 13:24–14:37
- शुभ, 14:37–15:51
- रोग, अशुभ, 15:51–17:04
- काल, अशुभ, 17:04–18:50
- लाभ, शुभ, 18:50–20:37
- उद्वेग, अशुभ, 20:37–22:24
- शुभ, 22:24–00:11 बुध
- अमृत, शुभ, 00:11–01:57 बुध
- चर, सामान्य, 01:57–03:44 बुध
- रोग, अशुभ, 03:44–05:31 बुध
- काल, अशुभ, 05:31–07:18 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:15–09:54, अशुभ
- यमगण्ड, 09:45–10:58, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:52–12:31, शुभ
- गुलिक काल, 12:11–13:24, अशुभ
- राहु काल, 14:37–15:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:45–23:42, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:24–06:21 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 21 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण नवमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 280° आगे था: कृष्ण नवमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 276°–288° चौबीसवीं है, कृष्ण नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:18। अष्टमी उससे पहले 00:02 पर समाप्त हुई। नवमी 22:06 को समाप्त होगी, जब बढ़त 288° होगी। बढ़त 13 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 21 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:24–06:21
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:24–06:21।
सोम 20 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:03 सोम से सूर्योदय 07:18 तक थी, 14 घं 15 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 21 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:52–12:31
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:52–12:31।
मंगल 21 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:15–09:54
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:15–09:54, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:45–23:42।
मंगल 21 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 22:45–23:42
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:15–09:54, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:45–23:42।
यहाँ दिन, 07:18 से 17:04, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:15–09:54 और 22:45–23:42।
मंगल 21 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:18–08:31 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:18 से 17:04, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:04 से 07:18 बुध, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 21 जनवरी को राहुकाल कब है? 14:37–15:51
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:37–15:51।
मंगल 21 जनवरी को यमगंड कब है? 09:45–10:58
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:45–10:58।
मंगल 21 जनवरी को गुलिक काल कब है? 12:11–13:24
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:11–13:24।
यहाँ दिन 07:18 से 17:04 तक है, 9 घं 46 मि। इसे 1 घं 13 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 21 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:18, सूर्यास्त 17:04, 9 घं 46 मि का दिन।
मंगल 21 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:18, सूर्यास्त 17:04, 9 घं 46 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 197.7° पर था: स्वाती, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 196°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:16 को निकलेगा, विशाखा में।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा योग है? शूल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 475.4° थे, एक चक्कर और 115.4°: शूल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 277.7° + 197.7° = 475.4°, एक पूरा चक्कर और 115.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 14:38 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 280° थी: नवमी का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 11:04 तक है, जब बढ़त 282° होगी; गर 22:06 तक।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:18, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:18 से 07:18 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 28 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 13 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 27 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
मंगल 21 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 1997 · शक 1862
विक्रम संवत 1997 7 अप्रैल 1940 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 1940, 23:18 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 282.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1997 गिनता है; शक संवत 1862।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 21 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:09 बुध
चंद्रमा यहाँ 02:09 बुध पर उदय होता है।
मंगल 21 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:01
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:01 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:09 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:01 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:09 बुध पर उदय होगा।