Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 9 मार्च 1940
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
शुक्ल पक्ष · 08:02 रवि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें प्रतिपदा यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें9 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 9 मार्च
- 04:42–05:32ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:22 से
- 07:55–09:16शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:47–12:34अभिजीत मुहूर्त
-
12:34–13:38अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · पूर्व भाद्रपद में
- 13:38–15:05लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:05–16:32अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:59 के बाद
- 17:59–19:32लाभ चौघड़िया
- 21:05–22:37शुभ चौघड़िया
- 22:37–00:10 रविअमृत चौघड़िया
- 04:47–06:20 रविलाभ चौघड़िया
- 04:41–05:31 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:22–07:49कालअशुभ
- 07:49–09:16शुभ
- 09:16–10:43रोगअशुभ
- 10:43–12:10उद्वेगअशुभ
- 12:10–13:38चरसामान्य
- 13:38–15:05लाभयमगण्ड में
- 15:05–16:32अमृतशुभ
- 16:32–17:59कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:59–19:32लाभशुभ
- 19:32–21:05उद्वेगअशुभ
- 21:05–22:37शुभ
- 22:37–00:10 रविअमृतशुभ
- 00:10–01:42 रविचरसामान्य
- 01:42–03:15 रविरोगअशुभ
- 03:15–04:47 रविकालअशुभ
- 04:47–06:20 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 9 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:32, शुभ
- काल, अशुभ, 06:22–07:49
- शुभ, 07:49–09:16
- रोग, अशुभ, 09:16–10:43
- उद्वेग, अशुभ, 10:43–12:10
- चर, सामान्य, 12:10–13:38
- लाभ, शुभ, 13:38–15:05
- अमृत, शुभ, 15:05–16:32
- काल, अशुभ, 16:32–17:59
- लाभ, शुभ, 17:59–19:32
- उद्वेग, अशुभ, 19:32–21:05
- शुभ, 21:05–22:37
- अमृत, शुभ, 22:37–00:10 रवि
- चर, सामान्य, 00:10–01:42 रवि
- रोग, अशुभ, 01:42–03:15 रवि
- काल, अशुभ, 03:15–04:47 रवि
- लाभ, शुभ, 04:47–06:20 रवि
- गुलिक काल, 06:22–07:49, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:22–07:08, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:08–07:55, अशुभ
- राहु काल, 09:16–10:43, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:47–12:34, शुभ
- यमगण्ड, 13:38–15:05, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:31 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 9 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 0.4° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:22। अमावस्या उससे पहले 05:22 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 08:02 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 9 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
प्रतिपदा दो सूर्योदयों पर क्यों है?
प्रतिपदा यहाँ शनि 9 और रवि 10 मार्च दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 05:22 को, सूर्योदय 06:22 से पहले, शुरू हुई और 08:02 रवि को, अगले सूर्योदय 06:20 रवि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन प्रतिपदा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?
नई दिल्ली में अमावस्या है, Sevan में प्रतिपदा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:38, अमावस्या की समाप्ति 07:52 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है।
Sevan · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 06:22, अमावस्या की समाप्ति 05:22 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
शनि 9 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:32
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:32।
शुक्र 8 मार्च की रात सूर्यास्त 17:58 शुक्र से सूर्योदय 06:22 तक थी, 12 घं 24 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 9 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:47–12:34
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:47–12:34।
शनि 9 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 06:22–07:08
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:22–07:08 और 07:08–07:55।
शनि 9 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 07:08–07:55
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:22–07:08 और 07:08–07:55।
यहाँ दिन, 06:22 से 17:59, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:22–07:08 और 07:08–07:55।
शनि 9 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:22–07:49 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:22 से 17:59, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:59 से 06:20 रवि, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 9 मार्च को राहुकाल कब है? 09:16–10:43
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:16–10:43।
शनि 9 मार्च को यमगंड कब है? 13:38–15:05
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:38–15:05।
शनि 9 मार्च को गुलिक काल कब है? 06:22–07:49
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:22–07:49।
यहाँ दिन 06:22 से 17:59 तक है, 11 घं 37 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 9 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 17:59, 11 घं 37 मि का दिन।
शनि 9 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:59
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:22, सूर्यास्त 17:59, 11 घं 37 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 21 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 21 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 9 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 325.8° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 323°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:36 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
शनि 9 मार्च को कौन सा योग है? साध्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 651.2° थे, एक चक्कर और 291.2°: साध्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 325.4° + 325.8° = 651.2°, एक पूरा चक्कर और 291.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 10:18 को समाप्त होता है, फिर शुभ।
शनि 9 मार्च को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न
सूर्योदय पर बढ़त 0.4° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 18:42 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 08:02 रवि तक।
शनि 9 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:22, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:22 से 06:20 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 9 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 9 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 13 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 7 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
शनि 9 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।
शनि 9 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 1996 · शक 1861
विक्रम संवत 1996 21 मार्च 1939 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 1939, 04:49 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 348.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1996 गिनता है; शक संवत 1861।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 9 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:28
चंद्रमा यहाँ 18:28 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:28 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।