tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 18 अगस्त 1938

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सप्तमी

कृष्ण पक्ष · 12:08 तक

फिर अष्टमी · 10:44 शुक्र तक

त्योहार

जन्माष्टमी

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:43⁠–⁠00:24 शुक्र
निशीथ काल 23:43⁠–⁠00:24 शुक्र

जन्माष्टमी गुरु 18 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं। गुरु 18 अगस्त क्यों?

जन्माष्टमी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:50 05:12 18:54अगला सूर्योदय 05:13 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:12–06:55शुभयमगण्ड में
  • 06:55–08:38रोगअशुभ
  • 08:38–10:20उद्वेगअशुभ
  • 10:20–12:03चरसामान्य
  • 12:03–13:46लाभशुभ
  • 13:46–15:29अमृतराहु काल में
  • 15:29–17:11कालअशुभ
  • 17:11–18:54शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:54–20:11अमृतशुभ
  • 20:11–21:29चरसामान्य
  • 21:29–22:46रोगअशुभ
  • 22:46–00:04 शुक्रकालअशुभ
  • 00:04–01:21 शुक्रलाभशुभ
  • 01:21–02:38 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:38–03:56 शुक्रशुभ
  • 03:56–05:13 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 18 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 03:50–04:31, शुभ
  • शुभ, 05:12–06:55
  • रोग, अशुभ, 06:55–08:38
  • उद्वेग, अशुभ, 08:38–10:20
  • चर, सामान्य, 10:20–12:03
  • लाभ, शुभ, 12:03–13:46
  • अमृत, शुभ, 13:46–15:29
  • काल, अशुभ, 15:29–17:11
  • शुभ, 17:11–18:54
  • अमृत, शुभ, 18:54–20:11
  • चर, सामान्य, 20:11–21:29
  • रोग, अशुभ, 21:29–22:46
  • काल, अशुभ, 22:46–00:04 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:04–01:21 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:21–02:38 शुक्र
  • शुभ, 02:38–03:56 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 03:56–05:13 शुक्र
  • यमगण्ड, 05:12–06:55, अशुभ
  • गुलिक काल, 08:38–10:20, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:46–10:41, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:36–12:30, शुभ
  • राहु काल, 13:46–15:29, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:15–16:10, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:50–04:32 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में जन्माष्टमी गुरु 18 अगस्त को क्यों है?

जन्माष्टमी गुरु 18 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में अष्टमी है, और किसी रात नहीं।

सप्तमी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 बुध 17 अगस्त निशीथ काल 23:43–00:24 गुरु
सप्तमी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 बुध 17 अगस्त निशीथ काल 23:43–00:24 गुरु
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

कृष्ण जन्म निशीथ काल में मनाया जाता है, आधी रात का मुहूर्त। अष्टमी गुरु 18 अगस्त को 12:08 से शुक्र 19 अगस्त को 10:44 तक है, इसलिए केवल गुरुवार की रात का निशीथ काल (23:43–00:24 शुक्र) उसके भीतर है।

जन्माष्टमी: Sevan में हर तारीख़

गुरु 18 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 260.4° आगे था: कृष्ण सप्तमी।

सूर्य अमावस्या 0° 260.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 260.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:12। षष्ठी उससे पहले 13:00 बुध पर समाप्त हुई। सप्तमी 12:08 को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 11 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 18 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:50–04:31

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:50–04:31।

सूर्यास्त 18:56 बुध सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 17 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:56 बुध सूर्योदय 05:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 17 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 17 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:56 बुध से सूर्योदय 05:12 तक थी, 10 घं 16 मि। इसे 41 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 18 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:36–12:30

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:36–12:30।

गुरु 18 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 09:46–10:41

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:46–10:41 और 15:15–16:10।

गुरु 18 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 15:15–16:10

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:46–10:41 और 15:15–16:10।

सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 05:12 से 18:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 54 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:46–10:41 और 15:15–16:10।

गुरु 18 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:12–06:55 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:12 से 18:54, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:54 से 05:13 शुक्र, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 18 अगस्त को राहुकाल कब है? 13:46–15:29

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:46–15:29।

गुरु 18 अगस्त को यमगंड कब है? 05:12–06:55

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:12–06:55।

गुरु 18 अगस्त को गुलिक काल कब है? 08:38–10:20

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:38–10:20।

सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 05:12 से 18:54 तक है, 13 घं 42 मि। इसे 1 घं 42 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 18 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:12

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:12, सूर्यास्त 18:54, 13 घं 42 मि का दिन।

गुरु 18 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:54

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:12, सूर्यास्त 18:54, 13 घं 42 मि का दिन।

सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:23 चंद्रोदय 22:37
सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:23 चंद्रोदय 22:37
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 18 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? भरणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 21.9° पर था: भरणी, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 21.9° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 21.9° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 20° पर उसके पद 3 में आया। वह 13:45 को निकलेगा, कृत्तिका में।

गुरु 18 अगस्त को कौन सा योग है? वृद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 143.4° थे: वृद्धि।

सूर्य 121.5° + चंद्रमा 21.9° = 143.4° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 121.5° + चंद्रमा 21.9° = 143.4° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 121.5° + 21.9° = 143.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 10:44 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।

गुरु 18 अगस्त को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 260.4° थी: सप्तमी का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 260.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° बव 258°–264° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 260.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° बव 258°–264° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 00:38 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 258° हुई; बव 12:08 तक है।

गुरु 18 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:12, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:12 से 05:13 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 18 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 27 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 25 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

गुरु 18 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 18 अगस्त अमावस्या 27 जुल॰ पूर्णिमा 11 अग॰ अमावस्या 25 अग॰ पूर्णिमा 9 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल गुरु 18 अगस्त अमावस्या 27 जुल॰ पूर्णिमा 11 अग॰ अमावस्या 25 अग॰ पूर्णिमा 9 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

गुरु 18 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 1995 · शक 1860

विक्रम संवत 1995 31 मार्च 1938 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 31 मार्च 1938 21:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 18 अगस्त सूर्य 121.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 31 मार्च 1938 21:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 18 अगस्त सूर्य 121.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 31 मार्च 1938, 21:51 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 134.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1995 गिनता है; शक संवत 1860।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 18 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:37

चंद्रमा यहाँ 22:37 पर उदय होता है।

गुरु 18 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:23

सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:23 चंद्रोदय 22:37
सूर्योदय 05:12 सूर्यास्त 18:54 सूर्योदय 05:13 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:23 चंद्रोदय 22:37
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:23 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:37 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:23 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:37 पर उदय होगा।