Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 2 अक्टूबर 1936
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
2 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 2 अक्टूबर
- 04:19–05:07ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:56 से
- 07:24–08:53लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:04–10:21अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:49–12:12अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:49–12:12शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:59–13:17शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
16:13–16:29अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · अश्विनी में
- सूर्यास्त 17:41 के बाद
- 20:45–22:17लाभ चौघड़िया
- 23:49–01:21 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:21–02:53 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:19–05:08 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:56–07:24चरसामान्य
- 07:24–08:53लाभगुलिक काल में
- 08:53–10:21अमृतशुभ
- 10:21–11:49कालअशुभ
- 11:49–13:17शुभ
- 13:17–14:45रोगअशुभ
- 14:45–16:13उद्वेगअशुभ
- 16:13–17:41चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 17:41–19:13रोगअशुभ
- 19:13–20:45कालअशुभ
- 20:45–22:17लाभशुभ
- 22:17–23:49उद्वेगअशुभ
- 23:49–01:21 शनिशुभ
- 01:21–02:53 शनिअमृतशुभ
- 02:53–04:25 शनिचरसामान्य
- 04:25–05:57 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 2 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:19–05:07, शुभ
- चर, सामान्य, 05:56–07:24
- लाभ, शुभ, 07:24–08:53
- अमृत, शुभ, 08:53–10:21
- काल, अशुभ, 10:21–11:49
- शुभ, 11:49–13:17
- रोग, अशुभ, 13:17–14:45
- उद्वेग, अशुभ, 14:45–16:13
- चर, सामान्य, 16:13–17:41
- रोग, अशुभ, 17:41–19:13
- काल, अशुभ, 19:13–20:45
- लाभ, शुभ, 20:45–22:17
- उद्वेग, अशुभ, 22:17–23:49
- शुभ, 23:49–01:21 शनि
- अमृत, शुभ, 01:21–02:53 शनि
- चर, सामान्य, 02:53–04:25 शनि
- रोग, अशुभ, 04:25–05:57 शनि
- गुलिक काल, 07:24–08:53, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:17–09:04, अशुभ
- राहु काल, 10:21–11:49, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:25–12:12, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:12–12:59, अशुभ
- यमगण्ड, 14:45–16:13, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:19–05:08 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 2 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 197.8° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:56। प्रतिपदा उससे पहले 20:11 गुरु पर समाप्त हुई। द्वितीया 16:24 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 1 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शुक्र 2 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:19–05:07
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:19–05:07।
गुरु 1 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:42 गुरु से सूर्योदय 05:56 तक थी, 12 घं 14 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 2 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:25–12:12
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:25–12:12।
शुक्र 2 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:17–09:04
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:17–09:04 और 12:12–12:59।
शुक्र 2 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:12–12:59
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:17–09:04 और 12:12–12:59।
यहाँ दिन, 05:56 से 17:41, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:17–09:04 और 12:12–12:59।
शुक्र 2 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:56–07:24 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:56 से 17:41, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:41 से 05:57 शनि, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 2 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 10:21–11:49
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:21–11:49।
शुक्र 2 अक्टूबर को यमगंड कब है? 14:45–16:13
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:45–16:13।
शुक्र 2 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 07:24–08:53
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:24–08:53।
यहाँ दिन 05:56 से 17:41 तक है, 11 घं 45 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 2 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 17:41, 11 घं 45 मि का दिन।
शुक्र 2 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 17:41, 11 घं 45 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 2 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 3.6° पर था: अश्विनी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 3°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:24 को निकलेगा, भरणी में।
शुक्र 2 अक्टूबर को कौन सा योग है? व्याघात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 169.4° थे: व्याघात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 165.8° + 3.6° = 169.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 11:54 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।
शुक्र 2 अक्टूबर को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 197.8° थी: द्वितीया का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 06:16 तक है, जब बढ़त 198° होगी; गर 16:24 तक।
शुक्र 2 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:56, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:56 से 05:57 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 2 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 15 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 15 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
शुक्र 2 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
शुक्र 2 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1993 · शक 1858
विक्रम संवत 1993 23 मार्च 1936 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 1936, 07:13 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 186.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1993 गिनता है; शक संवत 1858।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 2 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:19
चंद्रमा यहाँ 18:19 पर उदय होता है।
शुक्र 2 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:44
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:44 पर अस्त हुआ; वह फिर 18:19 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:44 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 18:19 पर उदय होगा।