tithika
English

हिन्दू कैलेंडर, Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया मार्च 1935

समय UTC+3 में · हर दिन के सूर्योदय की तिथि

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

मार्च 1935 के त्योहार और व्रत

  1. शुक्र1
    विजया एकादशीव्रत

    पारण 06:34–16:26 शनि

  2. शनि2
    प्रदोष व्रतव्रत

    प्रदोष पूजा मुहूर्त 17:51–20:23

  3. रवि3
    महाशिवरात्रिव्रत

    निशीथ पूजा मुहूर्त 23:46–00:37 सोम

  4. मासिक शिवरात्रिव्रत

    निशीथ पूजा मुहूर्त 23:46–00:37 सोम

  5. सोम4
    अमावस्याव्रत

    अमावस्या तिथि 09:24–05:40 मंगल

  6. शुक्र15
    आमलकी एकादशीव्रत

    पारण 06:12–18:06 शनि

  7. रवि17
    प्रदोष व्रतव्रत

    प्रदोष पूजा मुहूर्त 18:07–20:31

  8. मंगल19
    होलिका दहन

    होलिका दहन मुहूर्त 19:29–20:32

  9. बुध20
    पूर्णिमाव्रत

    पूर्णिमा तिथि 06:22 मंगल–08:31

  10. गुरु21
    होली

    प्रतिपदा तिथि 08:31 बुध–10:18

  11. शनि23
    संकष्टी चतुर्थीव्रत

    चंद्रोदय 21:47

  12. शनि30
    पापमोचनी एकादशीव्रत

    स्मार्त: पारण 09:27–18:22 रवि

    वैष्णव: रवि 31 मार्च · पारण 05:45–18:23 सोम

त्योहार लिस्ट 1935, Sevanव्रत लिस्ट 1935, Sevan

Tithika में खोलेंSevan को अपने स्थानों में रखें: उसके आने वाले महीने आपके डिवाइस पर सहेजे रहते हैं।

मार्च 1935 का पंचांग: हर दिन की तिथि

हर दिन का चंद्रमा सूर्योदय की तिथि का चित्र है: हर तिथि एक कदम अधिक प्रकाशित, शुक्ल में दाईं ओर, कृष्ण में बाईं ओर

कृष्ण पक्ष

फाल्गुन (पूर्णिमान्त) · माघ (अमान्त)

शुक्र1
एकादशी
19:25 तक · फिर द्वादशी
शनि2
द्वादशी
16:26 तक · फिर त्रयोदशी
रवि3
त्रयोदशी
13:03 तक · फिर चतुर्दशी
सोम4
चतुर्दशी
09:24 तक · फिर अमावस्या 05:40 मंगल तक · फिर प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष

फाल्गुन (पूर्णिमान्त) · फाल्गुन (अमान्त)

मंगल5
प्रतिपदा
02:01 बुध तक · फिर द्वितीया
बुध6
द्वितीया
22:37 तक · फिर तृतीया
गुरु7
तृतीया
19:40 तक · फिर चतुर्थी
शुक्र8
चतुर्थी
17:20 तक · फिर पञ्चमी
शनि9
पञ्चमी
15:44 तक · फिर षष्ठी
रवि10
षष्ठी
14:59 तक · फिर सप्तमी
सोम11
सप्तमी
15:07 तक · फिर अष्टमी
मंगल12
अष्टमी
16:05 तक · फिर नवमी
बुध13
नवमी
17:46 तक · फिर दशमी
गुरु14
दशमी
20:01 तक · फिर एकादशी
शुक्र15
एकादशी
22:35 तक · फिर द्वादशी
शनि16
द्वादशी
01:18 रवि तक · फिर त्रयोदशी
रवि17
त्रयोदशी
03:56 सोम तक · फिर चतुर्दशी
सोम18
चतुर्दशी
06:22 मंगल तक · मंगलवार के सूर्योदय पर भी
मंगल19
चतुर्दशी
06:22 तक · फिर पूर्णिमा
बुध20
पूर्णिमा
08:31 तक · फिर प्रतिपदा

कृष्ण पक्ष

चैत्र (पूर्णिमान्त) · फाल्गुन (अमान्त)

गुरु21
प्रतिपदा
10:18 तक · फिर द्वितीया
शुक्र22
द्वितीया
11:43 तक · फिर तृतीया
शनि23
तृतीया
12:44 तक · फिर चतुर्थी
रवि24
चतुर्थी
13:20 तक · फिर पञ्चमी
सोम25
पञ्चमी
13:30 तक · फिर षष्ठी
मंगल26
षष्ठी
13:13 तक · फिर सप्तमी
बुध27
सप्तमी
12:25 तक · फिर अष्टमी
गुरु28
अष्टमी
11:07 तक · फिर नवमी
शुक्र29
नवमी
09:18 तक · फिर दशमी
शनि30
दशमी
06:59 तक · फिर एकादशी 04:14 रवि तक · फिर द्वादशी
रवि31
द्वादशी
01:08 सोम तक · फिर त्रयोदशी
रवि सोम मंगल बुध गुरु शुक्र शनि
1 एकादशी 19:25 तक फिर द्वादशी व्रत · विजया एकादशी 2 द्वादशी 16:26 तक फिर त्रयोदशी व्रत · प्रदोष व्रत
3 त्रयोदशी 13:03 तक फिर चतुर्दशी महाशिवरात्रि व्रत · मासिक शिवरात्रि 4 चतुर्दशी 09:24 तक फिर अमावस्या 05:40 मंगल तक फिर प्रतिपदा व्रत · अमावस्या 5 प्रतिपदा 02:01 बुध तक फिर द्वितीया 6 द्वितीया 22:37 तक फिर तृतीया 7 तृतीया 19:40 तक फिर चतुर्थी 8 चतुर्थी 17:20 तक फिर पञ्चमी 9 पञ्चमी 15:44 तक फिर षष्ठी
10 षष्ठी 14:59 तक फिर सप्तमी 11 सप्तमी 15:07 तक फिर अष्टमी 12 अष्टमी 16:05 तक फिर नवमी 13 नवमी 17:46 तक फिर दशमी 14 दशमी 20:01 तक फिर एकादशी 15 एकादशी 22:35 तक फिर द्वादशी व्रत · आमलकी एकादशी 16 द्वादशी 01:18 रवि तक फिर त्रयोदशी
17 त्रयोदशी 03:56 सोम तक फिर चतुर्दशी व्रत · प्रदोष व्रत 18 चतुर्दशी 06:22 मंगल तक मंगलवार के सूर्योदय पर भी 19 चतुर्दशी 06:22 तक फिर पूर्णिमा होलिका दहन 20 पूर्णिमा 08:31 तक फिर प्रतिपदा व्रत · पूर्णिमा 21 प्रतिपदा 10:18 तक फिर द्वितीया होली 22 द्वितीया 11:43 तक फिर तृतीया 23 तृतीया 12:44 तक फिर चतुर्थी व्रत · संकष्टी चतुर्थी
24 चतुर्थी 13:20 तक फिर पञ्चमी 25 पञ्चमी 13:30 तक फिर षष्ठी 26 षष्ठी 13:13 तक फिर सप्तमी 27 सप्तमी 12:25 तक फिर अष्टमी 28 अष्टमी 11:07 तक फिर नवमी 29 नवमी 09:18 तक फिर दशमी 30 दशमी 06:59 तक फिर एकादशी 04:14 रवि तक फिर द्वादशी व्रत · पापमोचनी एकादशी
31 द्वादशी 01:08 सोम तक फिर त्रयोदशी

दूसरे महीने