tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 18 जनवरी 1934

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:25 07:20 17:00अगला सूर्योदय 07:20 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:20–08:33शुभयमगण्ड में
  • 08:33–09:45रोगअशुभ
  • 09:45–10:58उद्वेगअशुभ
  • 10:58–12:10चरसामान्य
  • 12:10–13:23लाभशुभ
  • 13:23–14:35अमृतराहु काल में
  • 14:35–15:47कालअशुभ
  • 15:47–17:00शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:00–18:47अमृतशुभ
  • 18:47–20:35चरसामान्य
  • 20:35–22:22रोगअशुभ
  • 22:22–00:10 शुक्रकालअशुभ
  • 00:10–01:57 शुक्रलाभशुभ
  • 01:57–03:45 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:45–05:32 शुक्रशुभ
  • 05:32–07:20 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 18 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:25–06:23, शुभ
  • शुभ, 07:20–08:33
  • रोग, अशुभ, 08:33–09:45
  • उद्वेग, अशुभ, 09:45–10:58
  • चर, सामान्य, 10:58–12:10
  • लाभ, शुभ, 12:10–13:23
  • अमृत, शुभ, 13:23–14:35
  • काल, अशुभ, 14:35–15:47
  • शुभ, 15:47–17:00
  • अमृत, शुभ, 17:00–18:47
  • चर, सामान्य, 18:47–20:35
  • रोग, अशुभ, 20:35–22:22
  • काल, अशुभ, 22:22–00:10 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:10–01:57 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:57–03:45 शुक्र
  • शुभ, 03:45–05:32 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:32–07:20 शुक्र
  • यमगण्ड, 07:20–08:33, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:45–10:58, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:33–11:12, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:51–12:29, शुभ
  • राहु काल, 13:23–14:35, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:25–15:04, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:25–06:22 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 18 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 36.3° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 36.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 36.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:20। तृतीया उससे पहले 06:53 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 04:39 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 15 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?

नई दिल्ली में तृतीया है, Sevan में चतुर्थी।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी गुरु 18 जनवरी सुबह शुक्र 19 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+3 09:23 06:53 07:09 04:39 07:14 तृतीया 07:14 पञ्चमी 07:20 चतुर्थी 07:20 पञ्चमी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी गुरु 18 जनवरी सुबह शुक्र 19 जनवरी सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+3 09:23 06:53 07:09 04:39 07:14 तृतीया 07:14 पञ्चमी 07:20 चतुर्थी 07:20 पञ्चमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 07:14, तृतीया की समाप्ति 09:23 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है। चतुर्थी अगले सूर्योदय से पहले, 07:09 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्थी नहीं होता: वह क्षय है।

Sevan · UTC+3

यहाँ सूर्योदय, 07:20, तृतीया की समाप्ति 06:53 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

गुरु 18 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:25–06:23

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:25–06:23।

सूर्यास्त 16:59 बुध सूर्योदय 07:20 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 17 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:59 बुध सूर्योदय 07:20 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 17 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 17 जनवरी की रात सूर्यास्त 16:59 बुध से सूर्योदय 07:20 तक थी, 14 घं 21 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 18 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:51–12:29

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:51–12:29।

गुरु 18 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 10:33–11:12

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:33–11:12 और 14:25–15:04।

गुरु 18 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 14:25–15:04

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:33–11:12 और 14:25–15:04।

सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 17:00 सूर्योदय 07:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 17:00 सूर्योदय 07:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 07:20 से 17:00, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:33–11:12 और 14:25–15:04।

गुरु 18 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:20–08:33 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 17:00 सूर्योदय 07:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 17:00 सूर्योदय 07:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:20 से 17:00, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:00 से 07:20 शुक्र, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 18 जनवरी को राहुकाल कब है? 13:23–14:35

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:23–14:35।

गुरु 18 जनवरी को यमगंड कब है? 07:20–08:33

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:20–08:33।

गुरु 18 जनवरी को गुलिक काल कब है? 09:45–10:58

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:45–10:58।

सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 17:00 सूर्योदय 07:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 17:00 सूर्योदय 07:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 07:20 से 17:00 तक है, 9 घं 40 मि। इसे 1 घं 12 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 18 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:20, सूर्यास्त 17:00, 9 घं 40 मि का दिन।

गुरु 18 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:00

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:20, सूर्यास्त 17:00, 9 घं 40 मि का दिन।

सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 17:00 सूर्योदय 07:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:40 चंद्रोदय 09:06
सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 17:00 सूर्योदय 07:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:40 चंद्रोदय 09:06
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 20 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 18 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा

सूर्योदय पर चंद्रमा 310.7° पर था: शतभिषा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 310.7° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° शतभिषा चंद्रमा 310.7° अगला: पूर्व भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 310° पर उसके पद 2 में आया। वह 22:55 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।

गुरु 18 जनवरी को कौन सा योग है? व्यतीपात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 585.2° थे, एक चक्कर और 225.2°: व्यतीपात।

सूर्य 274.5° + चंद्रमा 310.7° = 585.2° एक चक्कर + 225.2° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 274.5° + चंद्रमा 310.7° = 585.2° एक चक्कर + 225.2° व्यतीपात 213°20′–226°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 274.5° + 310.7° = 585.2°, एक पूरा चक्कर और 225.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 09:39 को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।

गुरु 18 जनवरी को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 36.3° थी: चतुर्थी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 36.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° वणिज 36°–42° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 36.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° वणिज 36°–42° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 17:41 तक है, जब बढ़त 42° होगी; विष्टि 04:39 शुक्र तक।

गुरु 18 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:20, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 17:00 सूर्योदय 07:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 17:00 सूर्योदय 07:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:20 से 07:20 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 18 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 15 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 14 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

गुरु 18 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल गुरु 18 जनवरी पूर्णिमा 31 दिस॰ अमावस्या 15 जन॰ पूर्णिमा 30 जन॰ अमावस्या 14 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल गुरु 18 जनवरी पूर्णिमा 31 दिस॰ अमावस्या 15 जन॰ पूर्णिमा 30 जन॰ अमावस्या 14 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।

गुरु 18 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 1990 · शक 1855

विक्रम संवत 1990 26 मार्च 1933 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 1933 06:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 18 जनवरी सूर्य 274.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 1933 06:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 18 जनवरी सूर्य 274.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 1933, 06:20 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 292.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1990 गिनता है; शक संवत 1855।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 18 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:06

चंद्रमा यहाँ 09:06 पर उदय होता है।

गुरु 18 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:40

सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 17:00 सूर्योदय 07:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:40 चंद्रोदय 09:06
सूर्योदय 07:20 सूर्यास्त 17:00 सूर्योदय 07:20 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:40 चंद्रोदय 09:06
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:06 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:40 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:06 पर उदय हुआ; वह फिर 20:40 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।