tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 19 जुलाई 1933

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 12:42 तक

फिर त्रयोदशी · 15:02 गुरु तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
19:27⁠–⁠21:18
प्रदोष काल 19:27⁠–⁠21:18

प्रदोष व्रत बुध 19 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 19 जुलाई क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

व्रत का पारण

कामिका एकादशी

पारण बुध 19 जुलाई, 04:44⁠–⁠12:42
कामिका एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:30 04:44 19:27अगला सूर्योदय 04:45 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:44–06:34लाभशुभ
  • 06:34–08:25अमृतयमगण्ड में
  • 08:25–10:15कालअशुभ
  • 10:15–12:05शुभगुलिक काल में
  • 12:05–13:56रोगअशुभ
  • 13:56–15:46उद्वेगअशुभ
  • 15:46–17:36चरसामान्य
  • 17:36–19:27लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:27–20:36उद्वेगअशुभ
  • 20:36–21:46शुभ
  • 21:46–22:56अमृतशुभ
  • 22:56–00:06 गुरुचरसामान्य
  • 00:06–01:16 गुरुरोगअशुभ
  • 01:16–02:25 गुरुकालअशुभ
  • 02:25–03:35 गुरुलाभशुभ
  • 03:35–04:45 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 19 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:30–04:07, शुभ
  • लाभ, शुभ, 04:44–06:34
  • अमृत, शुभ, 06:34–08:25
  • काल, अशुभ, 08:25–10:15
  • शुभ, 10:15–12:05
  • रोग, अशुभ, 12:05–13:56
  • उद्वेग, अशुभ, 13:56–15:46
  • चर, सामान्य, 15:46–17:36
  • लाभ, शुभ, 17:36–19:27
  • उद्वेग, अशुभ, 19:27–20:36
  • शुभ, 20:36–21:46
  • अमृत, शुभ, 21:46–22:56
  • चर, सामान्य, 22:56–00:06 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:06–01:16 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:16–02:25 गुरु
  • लाभ, शुभ, 02:25–03:35 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 03:35–04:45 गुरु
  • यमगण्ड, 06:34–08:25, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:15–12:05, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:36–12:35, अशुभ
  • राहु काल, 12:05–13:56, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:31–04:08 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत बुध 19 जुलाई को क्यों है?

प्रदोष व्रत बुध 19 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

त्रयोदशी 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 बुध 19 जुलाई स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:27–21:18
त्रयोदशी 18:00 20:00 22:00 बुध 19 जुलाई स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:27–21:18
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 19 जुलाई को 12:42 से गुरु 20 जुलाई को 15:02 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (19:27–21:18) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

बुध 19 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 320.4° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 320.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 320.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:44। एकादशी उससे पहले 10:17 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 12:42 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 7 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

बुध 19 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:30–04:07

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:30–04:07।

सूर्यास्त 19:27 मंगल सूर्योदय 04:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 18 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:27 मंगल सूर्योदय 04:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 18 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 18 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:27 मंगल से सूर्योदय 04:44 तक थी, 9 घं 17 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 19 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:36–12:35

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:36–12:35।

सूर्योदय 04:44 सूर्यास्त 19:27 सूर्योदय 04:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 04:44 सूर्यास्त 19:27 सूर्योदय 04:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:44 से 19:27, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:36–12:35: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 19 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:44–06:34 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 04:44 सूर्यास्त 19:27 सूर्योदय 04:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 04:44 सूर्यास्त 19:27 सूर्योदय 04:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:44 से 19:27, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:27 से 04:45 गुरु, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 19 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:05–13:56

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:05–13:56।

बुध 19 जुलाई को यमगंड कब है? 06:34–08:25

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:34–08:25।

बुध 19 जुलाई को गुलिक काल कब है? 10:15–12:05

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:15–12:05।

सूर्योदय 04:44 सूर्यास्त 19:27 सूर्योदय 04:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:44 सूर्यास्त 19:27 सूर्योदय 04:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 04:44 से 19:27 तक है, 14 घं 43 मि। इसे 1 घं 50 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 19 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:44, सूर्यास्त 19:27, 14 घं 43 मि का दिन।

बुध 19 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:27

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:44, सूर्यास्त 19:27, 14 घं 43 मि का दिन।

सूर्योदय 04:44 सूर्यास्त 19:27 सूर्योदय 04:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:26 चंद्रोदय 02:09 गुरु
सूर्योदय 04:44 सूर्यास्त 19:27 सूर्योदय 04:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:26 चंद्रोदय 02:09 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 19 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा

सूर्योदय पर चंद्रमा 53.4° पर था: मृगशिरा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 53.4° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 53.4° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 53°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 07:36 गुरु को निकलेगा, आर्द्रा में।

बुध 19 जुलाई को कौन सा योग है? वृद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 146.4° थे: वृद्धि।

सूर्य 93.0° + चंद्रमा 53.4° = 146.4° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 93.0° + चंद्रमा 53.4° = 146.4° वृद्धि 133°20′–146°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 93° + 53.4° = 146.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 05:17 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।

बुध 19 जुलाई को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 320.4° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 320.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 320.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 23:29 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 12:42 तक है।

बुध 19 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 04:44, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 04:44 सूर्यास्त 19:27 सूर्योदय 04:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 04:44 सूर्यास्त 19:27 सूर्योदय 04:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:44 से 04:45 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 19 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 23 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 22 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

बुध 19 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल बुध 19 जुलाई अमावस्या 23 जून पूर्णिमा 7 जुल॰ अमावस्या 22 जुल॰ पूर्णिमा 5 अग॰
अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण आषाढ़ कृष्ण शुक्ल बुध 19 जुलाई अमावस्या 23 जून पूर्णिमा 7 जुल॰ अमावस्या 22 जुल॰ पूर्णिमा 5 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।

बुध 19 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 1990 · शक 1855

विक्रम संवत 1990 26 मार्च 1933 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 1933 06:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 19 जुलाई सूर्य 93.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 1933 06:20 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 19 जुलाई सूर्य 93.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 1933, 06:20 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 110.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1990 गिनता है; शक संवत 1855।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 19 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:09 गुरु

चंद्रमा यहाँ 02:09 गुरु पर उदय होता है।

बुध 19 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:26

सूर्योदय 04:44 सूर्यास्त 19:27 सूर्योदय 04:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:26 चंद्रोदय 02:09 गुरु
सूर्योदय 04:44 सूर्यास्त 19:27 सूर्योदय 04:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:26 चंद्रोदय 02:09 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:26 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:09 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:26 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:09 गुरु पर उदय होगा।