Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 28 मई 1932
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
28 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 28 मई
- 03:19–03:56ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:33 से
- 06:32–08:15शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:27–12:26अभिजीत मुहूर्त
- 13:48–15:39लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:39–17:29अमृत चौघड़िया
-
15:45–17:31अमृत कालपूर्व भाद्रपद में
- सूर्यास्त 19:20 के बाद
- 19:20–20:29लाभ चौघड़िया
- 21:38–22:47शुभ चौघड़िया
- 22:47–23:57अमृत चौघड़िया
- 03:24–04:33 रविलाभ चौघड़िया
- 03:19–03:56 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:33–06:24कालअशुभ
- 06:24–08:15शुभ
- 08:15–10:06रोगअशुभ
- 10:06–11:57उद्वेगअशुभ
- 11:57–13:48चरसामान्य
- 13:48–15:39लाभयमगण्ड में
- 15:39–17:29अमृतशुभ
- 17:29–19:20कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:20–20:29लाभशुभ
- 20:29–21:38उद्वेगअशुभ
- 21:38–22:47शुभ
- 22:47–23:57अमृतशुभ
- 23:57–01:06 रविचरसामान्य
- 01:06–02:15 रविरोगअशुभ
- 02:15–03:24 रविकालअशुभ
- 03:24–04:33 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 28 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:19–03:56, शुभ
- काल, अशुभ, 04:33–06:24
- शुभ, 06:24–08:15
- रोग, अशुभ, 08:15–10:06
- उद्वेग, अशुभ, 10:06–11:57
- चर, सामान्य, 11:57–13:48
- लाभ, शुभ, 13:48–15:39
- अमृत, शुभ, 15:39–17:29
- काल, अशुभ, 17:29–19:20
- लाभ, शुभ, 19:20–20:29
- उद्वेग, अशुभ, 20:29–21:38
- शुभ, 21:38–22:47
- अमृत, शुभ, 22:47–23:57
- चर, सामान्य, 23:57–01:06 रवि
- रोग, अशुभ, 01:06–02:15 रवि
- काल, अशुभ, 02:15–03:24 रवि
- लाभ, शुभ, 03:24–04:33 रवि
- गुलिक काल, 04:33–06:24, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 04:33–05:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:32–06:32, अशुभ
- राहु काल, 08:15–10:06, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:27–12:26, शुभ
- यमगण्ड, 13:48–15:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:19–03:56 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 28 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण नवमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 279.7° आगे था: कृष्ण नवमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 276°–288° चौबीसवीं है, कृष्ण नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:33। अष्टमी उससे पहले 20:37 शुक्र पर समाप्त हुई। नवमी 22:31 को समाप्त होगी, जब बढ़त 288° होगी। बढ़त 20 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 28 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:19–03:56
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:19–03:56।
शुक्र 27 मई की रात सूर्यास्त 19:19 शुक्र से सूर्योदय 04:33 तक थी, 9 घं 14 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 28 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:27–12:26
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:27–12:26।
शनि 28 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 04:33–05:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 04:33–05:32 और 05:32–06:32।
शनि 28 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 05:32–06:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 04:33–05:32 और 05:32–06:32।
यहाँ दिन, 04:33 से 19:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 04:33–05:32 और 05:32–06:32।
शनि 28 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:33–06:24 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:33 से 19:20, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:20 से 04:33 रवि, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 28 मई को राहुकाल कब है? 08:15–10:06
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:15–10:06।
शनि 28 मई को यमगंड कब है? 13:48–15:39
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:48–15:39।
शनि 28 मई को गुलिक काल कब है? 04:33–06:24
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 04:33–06:24।
यहाँ दिन 04:33 से 19:20 तक है, 14 घं 47 मि। इसे 1 घं 50 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 28 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:33
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:33, सूर्यास्त 19:20, 14 घं 47 मि का दिन।
शनि 28 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:20
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:33, सूर्यास्त 19:20, 14 घं 47 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 28 मई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 323.3° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 320° पर उसके पद 1 में आया। वह 00:35 रवि को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
शनि 28 मई को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 366.9° थे, एक चक्कर और 6.9°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 43.6° + 323.3° = 366.9°, एक पूरा चक्कर और 6.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 16:27 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
शनि 28 मई को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 279.7° थी: नवमी का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 09:30 तक है, जब बढ़त 282° होगी; गर 22:31 तक।
शनि 28 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 04:33, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:33 से 04:33 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 28 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 5 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 4 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
शनि 28 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
शनि 28 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 1989 · शक 1854
विक्रम संवत 1989 6 अप्रैल 1932 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 1932, 04:20 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 50.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1989 गिनता है; शक संवत 1854।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 28 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:26 रवि
चंद्रमा यहाँ 01:26 रवि पर उदय होता है।
शनि 28 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:47
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:47 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:26 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:47 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:26 रवि पर उदय होगा।