Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 1 जुलाई 1931
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
1 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 1 जुलाई
- 03:20–03:56ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:32 से
- 04:32–06:25लाभ चौघड़िया
- 06:25–08:17अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:10–12:03शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:41–19:34लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:34 के बाद
- 20:41–21:48शुभ चौघड़िया
-
20:45–22:25अमृत कालउत्तराषाढा में
- 21:48–22:56अमृत चौघड़िया
- 02:18–03:25 गुरुलाभ चौघड़िया
- 03:21–03:56 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:32–06:25लाभशुभ
- 06:25–08:17अमृतयमगण्ड में
- 08:17–10:10कालअशुभ
- 10:10–12:03शुभगुलिक काल में
- 12:03–13:56रोगअशुभ
- 13:56–15:48उद्वेगअशुभ
- 15:48–17:41चरसामान्य
- 17:41–19:34लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:34–20:41उद्वेगअशुभ
- 20:41–21:48शुभ
- 21:48–22:56अमृतशुभ
- 22:56–00:03 गुरुचरसामान्य
- 00:03–01:10 गुरुरोगअशुभ
- 01:10–02:18 गुरुकालअशुभ
- 02:18–03:25 गुरुलाभशुभ
- 03:25–04:32 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 1 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:20–03:56, शुभ
- लाभ, शुभ, 04:32–06:25
- अमृत, शुभ, 06:25–08:17
- काल, अशुभ, 08:17–10:10
- शुभ, 10:10–12:03
- रोग, अशुभ, 12:03–13:56
- उद्वेग, अशुभ, 13:56–15:48
- चर, सामान्य, 15:48–17:41
- लाभ, शुभ, 17:41–19:34
- उद्वेग, अशुभ, 19:34–20:41
- शुभ, 20:41–21:48
- अमृत, शुभ, 21:48–22:56
- चर, सामान्य, 22:56–00:03 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:03–01:10 गुरु
- काल, अशुभ, 01:10–02:18 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:18–03:25 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 03:25–04:32 गुरु
- यमगण्ड, 06:25–08:17, अशुभ
- गुलिक काल, 10:10–12:03, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:33–12:33, अशुभ
- राहु काल, 12:03–13:56, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:21–03:56 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 1 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 192.5° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:32। प्रतिपदा उससे पहले 03:36 पर समाप्त हुई। द्वितीया 04:00 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 30 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?
नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Sevan में द्वितीया।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:26, प्रतिपदा की समाप्ति 06:06 से पहले हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
Sevan · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 04:32, प्रतिपदा की समाप्ति 03:36 के बाद हुआ: यह दिन द्वितीया है।
बुध 1 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:20–03:56
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:20–03:56।
मंगल 30 जून की रात सूर्यास्त 19:34 मंगल से सूर्योदय 04:32 तक थी, 8 घं 58 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:33–12:33
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:33–12:33।
यहाँ दिन, 04:32 से 19:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:33–12:33: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 1 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:32–06:25 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:32 से 19:34, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:34 से 04:32 गुरु, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 1 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:03–13:56
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:03–13:56।
बुध 1 जुलाई को यमगंड कब है? 06:25–08:17
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:25–08:17।
बुध 1 जुलाई को गुलिक काल कब है? 10:10–12:03
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:10–12:03।
यहाँ दिन 04:32 से 19:34 तक है, 15 घं 2 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 1 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:32, सूर्यास्त 19:34, 15 घं 2 मि का दिन।
बुध 1 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:32, सूर्यास्त 19:34, 15 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 1 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 267.8° पर था: उत्तराषाढा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 266°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:26 गुरु को निकलेगा, श्रवण में।
बुध 1 जुलाई को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 343.2° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 75.4° + 267.8° = 343.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 10:34 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
बुध 1 जुलाई को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 192.5° थी: द्वितीया का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 15:43 तक है, जब बढ़त 198° होगी; गर 04:00 गुरु तक।
बुध 1 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 04:32, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:32 से 04:32 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)
16 जून और 15 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जून 06:01 मंगल से 15 जुलाई 15:19 बुध तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 16 जुलाई 12:51 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।
बुध 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ (अधिक) है, और अमान्त गणना में आषाढ़ (अधिक)।
बुध 1 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 1988 · शक 1853
विक्रम संवत 1988 19 मार्च 1931 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 1931, 10:50 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 100.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1988 गिनता है; शक संवत 1853।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 1 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:09
चंद्रमा यहाँ 21:09 पर उदय होता है।
बुध 1 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:19
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:19 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:09 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 05:19 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:09 पर उदय होगा।