Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 28 मार्च 1930
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
कृष्ण पक्ष · 06:31 तक
फिर चतुर्दशी · 07:52 शनि तक
त्रयोदशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंव्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि शुक्र 28 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शुक्र 28 मार्च क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़28 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 28 मार्च
- 04:19–05:05ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:51 से
- 07:25–08:58लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:11–10:32अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:05–12:30अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:05–12:30शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:20–13:39शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 18:19 के बाद
- 21:12–22:38लाभ चौघड़िया
- 00:04–01:31 शनिशुभ चौघड़िया
-
00:05–01:48 शनिअमृत कालपूर्व भाद्रपद में
- 01:31–02:57 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:18–05:04 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:51–07:25चरसामान्य
- 07:25–08:58लाभगुलिक काल में
- 08:58–10:32अमृतशुभ
- 10:32–12:05कालअशुभ
- 12:05–13:39शुभ
- 13:39–15:12रोगअशुभ
- 15:12–16:46उद्वेगअशुभ
- 16:46–18:19चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 18:19–19:45रोगअशुभ
- 19:45–21:12कालअशुभ
- 21:12–22:38लाभशुभ
- 22:38–00:04 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:04–01:31 शनिशुभ
- 01:31–02:57 शनिअमृतशुभ
- 02:57–04:23 शनिचरसामान्य
- 04:23–05:50 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 28 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:19–05:05, शुभ
- चर, सामान्य, 05:51–07:25
- लाभ, शुभ, 07:25–08:58
- अमृत, शुभ, 08:58–10:32
- काल, अशुभ, 10:32–12:05
- शुभ, 12:05–13:39
- रोग, अशुभ, 13:39–15:12
- उद्वेग, अशुभ, 15:12–16:46
- चर, सामान्य, 16:46–18:19
- रोग, अशुभ, 18:19–19:45
- काल, अशुभ, 19:45–21:12
- लाभ, शुभ, 21:12–22:38
- उद्वेग, अशुभ, 22:38–00:04 शनि
- शुभ, 00:04–01:31 शनि
- अमृत, शुभ, 01:31–02:57 शनि
- चर, सामान्य, 02:57–04:23 शनि
- रोग, अशुभ, 04:23–05:50 शनि
- गुलिक काल, 07:25–08:58, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:21–09:11, अशुभ
- राहु काल, 10:32–12:05, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:40–12:30, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:30–13:20, अशुभ
- यमगण्ड, 15:12–16:46, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:18–05:04 शनि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में मासिक शिवरात्रि शुक्र 28 मार्च को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि शुक्र 28 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शुक्र 28 मार्च को 06:31 से शनि 29 मार्च को 07:52 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार की रात का निशीथ काल (23:41–00:27 शनि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
शुक्र 28 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 335.7° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:51। द्वादशी उससे पहले 04:44 गुरु पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 06:31 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 14 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
त्रयोदशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
त्रयोदशी यहाँ गुरु 27 और शुक्र 28 मार्च दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 04:44 गुरु को, सूर्योदय 05:53 गुरु से पहले, शुरू हुई और 06:31 को, अगले सूर्योदय 05:51 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन त्रयोदशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
शुक्र 28 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:19–05:05
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:19–05:05।
गुरु 27 मार्च की रात सूर्यास्त 18:18 गुरु से सूर्योदय 05:51 तक थी, 11 घं 33 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 28 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:40–12:30
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:40–12:30।
शुक्र 28 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:21–09:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:21–09:11 और 12:30–13:20।
शुक्र 28 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 12:30–13:20
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:21–09:11 और 12:30–13:20।
यहाँ दिन, 05:51 से 18:19, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:21–09:11 और 12:30–13:20।
शुक्र 28 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:51–07:25 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:51 से 18:19, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:19 से 05:50 शनि, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 28 मार्च को राहुकाल कब है? 10:32–12:05
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:32–12:05।
शुक्र 28 मार्च को यमगंड कब है? 15:12–16:46
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:12–16:46।
शुक्र 28 मार्च को गुलिक काल कब है? 07:25–08:58
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:25–08:58।
यहाँ दिन 05:51 से 18:19 तक है, 12 घं 28 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 28 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 05:51
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 18:19, 12 घं 28 मि का दिन।
शुक्र 28 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:19
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 18:19, 12 घं 28 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 28 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा
सूर्योदय पर चंद्रमा 319.5° पर था: शतभिषा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 316°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 06:48 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।
शुक्र 28 मार्च को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 663.3° थे, एक चक्कर और 303.3°: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 343.8° + 319.5° = 663.3°, एक पूरा चक्कर और 303.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 11:53 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
शुक्र 28 मार्च को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 335.7° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 17:40 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 06:31 तक है।
शुक्र 28 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 05:51, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:51 से 05:50 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 28 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 28 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 30 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
शुक्र 28 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 मार्च की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
शुक्र 28 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 1986 · शक 1851
विक्रम संवत 1986 9 अप्रैल 1929 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 1929, 23:32 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 347.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1986 गिनता है; शक संवत 1851।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 28 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:40 शनि
चंद्रमा यहाँ 05:40 शनि पर उदय होता है।
शुक्र 28 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:31
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:31 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:40 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:31 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:40 शनि पर उदय होगा।