Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 5 जून 1929
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 5 जून को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 5 जून क्यों?
प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि बुध 5 जून को है: उस रात चतुर्दशी निशीथ काल को छूती है, और किसी रात नहीं। बुध 5 जून क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़व्रत का पारण
अपरा एकादशी
5 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 5 जून
- 03:17–03:53ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:30 से
- 04:30–06:22लाभ चौघड़िया
- 06:22–08:14अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:06–11:58शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:34–19:26लाभ चौघड़िया
-
17:36–19:04अमृत कालभरणी में
- सूर्यास्त 19:26 के बाद
- 20:34–21:42शुभ चौघड़िया
- 21:42–22:50अमृत चौघड़िया
- 02:14–03:22 गुरुलाभ चौघड़िया
- 03:17–03:53 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:30–06:22लाभशुभ
- 06:22–08:14अमृतयमगण्ड में
- 08:14–10:06कालअशुभ
- 10:06–11:58शुभगुलिक काल में
- 11:58–13:50रोगअशुभ
- 13:50–15:42उद्वेगअशुभ
- 15:42–17:34चरसामान्य
- 17:34–19:26लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:26–20:34उद्वेगअशुभ
- 20:34–21:42शुभ
- 21:42–22:50अमृतशुभ
- 22:50–23:58चरसामान्य
- 23:58–01:06 गुरुरोगअशुभ
- 01:06–02:14 गुरुकालअशुभ
- 02:14–03:22 गुरुलाभशुभ
- 03:22–04:29 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 5 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:17–03:53, शुभ
- लाभ, शुभ, 04:30–06:22
- अमृत, शुभ, 06:22–08:14
- काल, अशुभ, 08:14–10:06
- शुभ, 10:06–11:58
- रोग, अशुभ, 11:58–13:50
- उद्वेग, अशुभ, 13:50–15:42
- चर, सामान्य, 15:42–17:34
- लाभ, शुभ, 17:34–19:26
- उद्वेग, अशुभ, 19:26–20:34
- शुभ, 20:34–21:42
- अमृत, शुभ, 21:42–22:50
- चर, सामान्य, 22:50–23:58
- रोग, अशुभ, 23:58–01:06 गुरु
- काल, अशुभ, 01:06–02:14 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:14–03:22 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 03:22–04:29 गुरु
- यमगण्ड, 06:22–08:14, अशुभ
- गुलिक काल, 10:06–11:58, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:28–12:28, अशुभ
- राहु काल, 11:58–13:50, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:17–03:53 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में प्रदोष व्रत बुध 5 जून को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 5 जून को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 5 जून को 02:43 से बुध 5 जून को 23:51 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (19:26–21:15) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Sevan में मासिक शिवरात्रि बुध 5 जून को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि बुध 5 जून को है: उस रात चतुर्दशी निशीथ काल को छूती है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी बुध 5 जून को 23:51 से गुरु 6 जून को 20:33 तक है, इसलिए वह केवल बुधवार की रात के निशीथ काल (23:40–00:16 गुरु) को छूती है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 5 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 325° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:30। द्वादशी उससे पहले 02:43 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 23:51 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 23 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 5 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:17–03:53
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:17–03:53।
मंगल 4 जून की रात सूर्यास्त 19:25 मंगल से सूर्योदय 04:30 तक थी, 9 घं 5 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 5 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 11:28–12:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:28–12:28।
यहाँ दिन, 04:30 से 19:26, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:28–12:28: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 5 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:30–06:22 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:30 से 19:26, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:26 से 04:29 गुरु, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 5 जून को राहुकाल कब है? 11:58–13:50
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:58–13:50।
बुध 5 जून को यमगंड कब है? 06:22–08:14
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:22–08:14।
बुध 5 जून को गुलिक काल कब है? 10:06–11:58
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:06–11:58।
यहाँ दिन 04:30 से 19:26 तक है, 14 घं 56 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 5 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:30, सूर्यास्त 19:26, 14 घं 56 मि का दिन।
बुध 5 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:26
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:30, सूर्यास्त 19:26, 14 घं 56 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 5 जून को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 16° पर था: भरणी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 13°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 22:00 को निकलेगा, कृत्तिका में।
बुध 5 जून को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 67° थे: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 51° + 16° = 67°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 00:28 गुरु को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
बुध 5 जून को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 325° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 13:21 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 23:51 तक।
बुध 5 जून को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 04:30, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:30 से 04:29 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 5 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 9 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 7 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
बुध 5 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
बुध 5 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 1986 · शक 1851
विक्रम संवत 1986 9 अप्रैल 1929 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 1929, 23:32 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 54.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1986 गिनता है; शक संवत 1851।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 5 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:19 गुरु
चंद्रमा यहाँ 03:19 गुरु पर उदय होता है।
बुध 5 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:59
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:59 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:19 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:59 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:19 गुरु पर उदय होगा।