Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 10 दिसंबर 1928
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि सोम 10 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। सोम 10 दिसंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़10 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 10 दिसंबर
- 05:15–06:13ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:12 से
- 07:12–08:22अमृत चौघड़िया
- 09:32–10:42शुभ चौघड़िया
- 11:52–12:11अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:41–15:23लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 15:23–16:33अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:33 के बाद
- 22:03–23:53लाभ चौघड़िया
-
23:07–00:56 मंगलअमृत कालअनुराधा में
- 01:43–03:33 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:33–05:23 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:15–06:14 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:12–08:22अमृतशुभ
- 08:22–09:32कालअशुभ
- 09:32–10:42शुभ
- 10:42–11:52रोगअशुभ
- 11:52–13:02उद्वेगअशुभ
- 13:02–14:12चरसामान्य
- 14:12–15:23लाभशुभ
- 15:23–16:33अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:33–18:23चरसामान्य
- 18:23–20:13रोगअशुभ
- 20:13–22:03कालअशुभ
- 22:03–23:53लाभशुभ
- 23:53–01:43 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:43–03:33 मंगलशुभ
- 03:33–05:23 मंगलअमृतशुभ
- 05:23–07:13 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 10 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–06:13, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:12–08:22
- काल, अशुभ, 08:22–09:32
- शुभ, 09:32–10:42
- रोग, अशुभ, 10:42–11:52
- उद्वेग, अशुभ, 11:52–13:02
- चर, सामान्य, 13:02–14:12
- लाभ, शुभ, 14:12–15:23
- अमृत, शुभ, 15:23–16:33
- चर, सामान्य, 16:33–18:23
- रोग, अशुभ, 18:23–20:13
- काल, अशुभ, 20:13–22:03
- लाभ, शुभ, 22:03–23:53
- उद्वेग, अशुभ, 23:53–01:43 मंगल
- शुभ, 01:43–03:33 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:33–05:23 मंगल
- चर, सामान्य, 05:23–07:13 मंगल
- राहु काल, 08:22–09:32, अशुभ
- यमगण्ड, 10:42–11:52, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:34–12:11, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:11–12:48, अशुभ
- गुलिक काल, 13:02–14:12, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:03–14:41, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–06:14 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में मासिक शिवरात्रि सोम 10 दिसंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि सोम 10 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी सोम 10 दिसंबर को 02:37 से मंगल 11 दिसंबर को 05:22 तक है, इसलिए केवल सोमवार की रात का निशीथ काल (23:23–00:22 मंगल) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
सोम 10 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 338.1° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:12। त्रयोदशी उससे पहले 02:37 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 05:22 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 27 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 10 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:15–06:13
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:15–06:13।
रवि 9 दिसंबर की रात सूर्यास्त 16:33 रवि से सूर्योदय 07:12 तक थी, 14 घं 39 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 10 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:34–12:11
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:34–12:11।
सोम 10 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:11–12:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:11–12:48 और 14:03–14:41।
सोम 10 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:03–14:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:11–12:48 और 14:03–14:41।
यहाँ दिन, 07:12 से 16:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:11–12:48 और 14:03–14:41।
सोम 10 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:12–08:22 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:12 से 16:33, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:33 से 07:13 मंगल, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 10 दिसंबर को राहुकाल कब है? 08:22–09:32
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:22–09:32।
सोम 10 दिसंबर को यमगंड कब है? 10:42–11:52
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:42–11:52।
सोम 10 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 13:02–14:12
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:02–14:12।
यहाँ दिन 07:12 से 16:33 तक है, 9 घं 21 मि। इसे 1 घं 10 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 10 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:12
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:12, सूर्यास्त 16:33, 9 घं 21 मि का दिन।
सोम 10 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:33
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:12, सूर्यास्त 16:33, 9 घं 21 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 10 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 213.1° पर था: विशाखा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 210° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:44 को निकलेगा, अनुराधा में।
सोम 10 दिसंबर को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 448.1° थे, एक चक्कर और 88.1°: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 235° + 213.1° = 448.1°, एक पूरा चक्कर और 88.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 17:02 को समाप्त होता है, फिर धृति।
सोम 10 दिसंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 338.1° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 15:59 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 05:22 मंगल तक।
सोम 10 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:12, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:12 से 07:13 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 10 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 12 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 15 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 12 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
सोम 10 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
सोम 10 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1985 · शक 1850
विक्रम संवत 1985 21 मार्च 1928 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 1928, 23:29 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 256.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1985 गिनता है; शक संवत 1850।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 10 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:25 मंगल
चंद्रमा यहाँ 06:25 मंगल पर उदय होता है।
सोम 10 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:21
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:21 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:25 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:21 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:25 मंगल पर उदय होगा।