tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 10 सितंबर 1928

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 07:25 तक

फिर द्वादशी · 06:08 मंगल तक

व्रत

अजा एकादशी

पारण समय
05:36⁠–⁠06:08 मंगल
मंगल 11 सितंबर
व्रत आरंभ
05:35

अजा एकादशी सोम 10 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। सोम 10 सितंबर क्यों?

अजा एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:05 05:35 18:18अगला सूर्योदय 05:36 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:35–07:10अमृतशुभ
  • 07:10–08:45कालअशुभ
  • 08:45–10:21शुभ
  • 10:21–11:56रोगअशुभ
  • 11:56–13:32उद्वेगअशुभ
  • 13:32–15:07चरसामान्य
  • 15:07–16:42लाभशुभ
  • 16:42–18:18अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:18–19:42चरसामान्य
  • 19:42–21:07रोगअशुभ
  • 21:07–22:32कालअशुभ
  • 22:32–23:57लाभशुभ
  • 23:57–01:21 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:21–02:46 मंगलशुभ
  • 02:46–04:11 मंगलअमृतशुभ
  • 04:11–05:36 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 10 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:50, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:35–07:10
  • काल, अशुभ, 07:10–08:45
  • शुभ, 08:45–10:21
  • रोग, अशुभ, 10:21–11:56
  • उद्वेग, अशुभ, 11:56–13:32
  • चर, सामान्य, 13:32–15:07
  • लाभ, शुभ, 15:07–16:42
  • अमृत, शुभ, 16:42–18:18
  • चर, सामान्य, 18:18–19:42
  • रोग, अशुभ, 19:42–21:07
  • काल, अशुभ, 21:07–22:32
  • लाभ, शुभ, 22:32–23:57
  • उद्वेग, अशुभ, 23:57–01:21 मंगल
  • शुभ, 01:21–02:46 मंगल
  • अमृत, शुभ, 02:46–04:11 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:11–05:36 मंगल
  • राहु काल, 07:10–08:45, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:21–11:56, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:31–12:22, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:22–13:12, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:32–15:07, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:54–15:45, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:51 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में अजा एकादशी सोम 10 सितंबर को क्यों है?

अजा एकादशी सोम 10 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

दशमी 05:34 02:00 04:00 06:00 08:00 रवि 9 सितंबर अरुणोदय 03:58–05:34
दशमी 05:34 02:00 04:00 06:00 08:00 रवि 9 सितंबर अरुणोदय 03:58–05:34
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 10 सितंबर को सूर्योदय पर है, 05:35: सोम 10 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 08:57 रवि पर, उससे (03:59–05:35) पहले, समाप्त हुई।

अजा एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सोम 10 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 311° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 311.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 311.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:35। दशमी उससे पहले 08:57 रवि पर समाप्त हुई। एकादशी 07:25 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 31 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 10 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:05–04:50

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:05–04:50।

सूर्यास्त 18:19 रवि सूर्योदय 05:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 9 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:19 रवि सूर्योदय 05:35 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 9 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 9 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:19 रवि से सूर्योदय 05:35 तक थी, 11 घं 16 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 10 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:31–12:22

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:31–12:22।

सोम 10 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:22–13:12

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:22–13:12 और 14:54–15:45।

सोम 10 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:54–15:45

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:22–13:12 और 14:54–15:45।

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 18:18 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 18:18 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:35 से 18:18, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:22–13:12 और 14:54–15:45।

सोम 10 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:35–07:10 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 18:18 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 18:18 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:35 से 18:18, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:18 से 05:36 मंगल, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 10 सितंबर को राहुकाल कब है? 07:10–08:45

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:10–08:45।

सोम 10 सितंबर को यमगंड कब है? 10:21–11:56

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:21–11:56।

सोम 10 सितंबर को गुलिक काल कब है? 13:32–15:07

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:32–15:07।

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 18:18 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 18:18 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:35 से 18:18 तक है, 12 घं 43 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 10 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:35

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 18:18, 12 घं 43 मि का दिन।

सोम 10 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:18

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:35, सूर्यास्त 18:18, 12 घं 43 मि का दिन।

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 18:18 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:40 चंद्रोदय 02:15 मंगल
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 18:18 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:40 चंद्रोदय 02:15 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 18 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 10 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य

सूर्योदय पर चंद्रमा 95.3° पर था: पुष्य, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 95.3° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 95.3° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 93°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:32 मंगल को निकलेगा, अश्लेशा में।

सोम 10 सितंबर को कौन सा योग है? वरीयान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 239.6° थे: वरीयान्।

सूर्य 144.3° + चंद्रमा 95.3° = 239.6° वरीयान् 226°40′–240°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 144.3° + चंद्रमा 95.3° = 239.6° वरीयान् 226°40′–240°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 144.3° + 95.3° = 239.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 06:18 को समाप्त होता है, फिर परिघ।

सोम 10 सितंबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 311° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 311.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 311.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 20:10 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 07:25 तक है।

सोम 10 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:35, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 18:18 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 18:18 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:35 से 05:36 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 10 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 15 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 14 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

सोम 10 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल सोम 10 सितंबर अमावस्या 15 अग॰ पूर्णिमा 31 अग॰ अमावस्या 14 सित॰ पूर्णिमा 29 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल सोम 10 सितंबर अमावस्या 15 अग॰ पूर्णिमा 31 अग॰ अमावस्या 14 सित॰ पूर्णिमा 29 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

सोम 10 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1985 · शक 1850

विक्रम संवत 1985 21 मार्च 1928 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 1928 23:29 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 10 सितंबर सूर्य 144.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 1928 23:29 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 10 सितंबर सूर्य 144.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 1928, 23:29 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 166.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1985 गिनता है; शक संवत 1850।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 10 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:15 मंगल

चंद्रमा यहाँ 02:15 मंगल पर उदय होता है।

सोम 10 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:40

सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 18:18 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:40 चंद्रोदय 02:15 मंगल
सूर्योदय 05:35 सूर्यास्त 18:18 सूर्योदय 05:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:40 चंद्रोदय 02:15 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:40 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:15 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:40 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:15 मंगल पर उदय होगा।