tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 16 अक्टूबर 1927

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:28 06:10 17:20अगला सूर्योदय 06:11 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:10–07:34उद्वेगअशुभ
  • 07:34–08:58चरसामान्य
  • 08:58–10:21लाभशुभ
  • 10:21–11:45अमृतशुभ
  • 11:45–13:09कालअशुभ
  • 13:09–14:32शुभ
  • 14:32–15:56रोगअशुभ
  • 15:56–17:20उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:20–18:56शुभ
  • 18:56–20:33अमृतशुभ
  • 20:33–22:09चरसामान्य
  • 22:09–23:46रोगअशुभ
  • 23:46–01:22 सोमकालअशुभ
  • 01:22–02:58 सोमलाभशुभ
  • 02:58–04:35 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:35–06:11 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 16 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:19, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 06:10–07:34
  • चर, सामान्य, 07:34–08:58
  • लाभ, शुभ, 08:58–10:21
  • अमृत, शुभ, 10:21–11:45
  • काल, अशुभ, 11:45–13:09
  • शुभ, 13:09–14:32
  • रोग, अशुभ, 14:32–15:56
  • उद्वेग, अशुभ, 15:56–17:20
  • शुभ, 17:20–18:56
  • अमृत, शुभ, 18:56–20:33
  • चर, सामान्य, 20:33–22:09
  • रोग, अशुभ, 22:09–23:46
  • काल, अशुभ, 23:46–01:22 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:22–02:58 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 02:58–04:35 सोम
  • शुभ, 04:35–06:11 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:23–12:07, शुभ
  • यमगण्ड, 11:45–13:09, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:32–15:56, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:51–16:35, अशुभ
  • राहु काल, 15:56–17:20, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:20 सोम

हर मान कैसे निकलता है

रवि 16 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 251.9° आगे था: कृष्ण षष्ठी।

सूर्य अमावस्या 0° 251.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 251.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:10। पञ्चमी उससे पहले 08:00 शनि पर समाप्त हुई। षष्ठी 06:26 को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 11 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सप्तमी क्षय क्यों है?

सप्तमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन सप्तमी नहीं होता।

षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी रवि 16 अक्टूबर सुबह सोम 17 अक्टूबर सुबह Sevan UTC+3 06:26 05:38 06:10 षष्ठी 06:11 अष्टमी सप्तमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी रवि 16 अक्टूबर सुबह सोम 17 अक्टूबर सुबह Sevan UTC+3 06:26 05:38 06:10 षष्ठी 06:11 अष्टमी सप्तमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। सप्तमी 06:26 को शुरू हुई और 05:38 सोम को समाप्त, 06:10 और 06:11 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को षष्ठी है और सोमवार को अष्टमी: सप्तमी यहाँ क्षय तिथि है।

रवि 16 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:28–05:19

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:28–05:19।

सूर्यास्त 17:21 शनि सूर्योदय 06:10 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 15 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:21 शनि सूर्योदय 06:10 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 15 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 15 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:21 शनि से सूर्योदय 06:10 तक थी, 12 घं 49 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 16 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:23–12:07

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:23–12:07।

रवि 16 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:51–16:35

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 15:51–16:35।

सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 17:20 सूर्योदय 06:11 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 17:20 सूर्योदय 06:11 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 06:10 से 17:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 15:51–16:35।

रवि 16 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:10–07:34 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 17:20 सूर्योदय 06:11 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 17:20 सूर्योदय 06:11 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:10 से 17:20, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:20 से 06:11 सोम, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 16 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:56–17:20

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 15:56–17:20।

रवि 16 अक्टूबर को यमगंड कब है? 11:45–13:09

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:45–13:09।

रवि 16 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 14:32–15:56

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:32–15:56।

सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 17:20 सूर्योदय 06:11 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 17:20 सूर्योदय 06:11 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 06:10 से 17:20 तक है, 11 घं 10 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 16 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:10

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 17:20, 11 घं 10 मि का दिन।

रवि 16 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 17:20, 11 घं 10 मि का दिन।

सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 17:20 सूर्योदय 06:11 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:27 चंद्रोदय 21:45
सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 17:20 सूर्योदय 06:11 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:27 चंद्रोदय 21:45
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 16 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 70.8° पर था: आर्द्रा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 70.8° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 70.8° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 70° पर उसके पद 2 में आया। वह 22:36 को निकलेगा, पुनर्वसु में।

रवि 16 अक्टूबर को कौन सा योग है? परिघ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 249.7° थे: परिघ।

सूर्य 178.9° + चंद्रमा 70.8° = 249.7° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 178.9° + चंद्रमा 70.8° = 249.7° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 178.9° + 70.8° = 249.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 12:11 को समाप्त होता है, फिर शिव।

रवि 16 अक्टूबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 251.9° थी: षष्ठी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 251.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° वणिज 246°–252° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 251.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° वणिज 246°–252° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 19:08 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 246° हुई; वणिज 06:26 तक है।

रवि 16 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:10, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 17:20 सूर्योदय 06:11 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 17:20 सूर्योदय 06:11 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:10 से 06:11 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 16 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 26 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 25 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

रवि 16 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल रवि 16 अक्टूबर अमावस्या 26 सित॰ पूर्णिमा 11 अक्टू॰ अमावस्या 25 अक्टू॰ पूर्णिमा 9 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल रवि 16 अक्टूबर अमावस्या 26 सित॰ पूर्णिमा 11 अक्टू॰ अमावस्या 25 अक्टू॰ पूर्णिमा 9 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

रवि 16 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1984 · शक 1849

विक्रम संवत 1984 2 अप्रैल 1927 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 1927 07:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 16 अक्टूबर सूर्य 178.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 1927 07:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 16 अक्टूबर सूर्य 178.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 1927, 07:24 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 190.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1984 गिनता है; शक संवत 1849।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 16 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:45

चंद्रमा यहाँ 21:45 पर उदय होता है।

रवि 16 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:27

सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 17:20 सूर्योदय 06:11 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:27 चंद्रोदय 21:45
सूर्योदय 06:10 सूर्यास्त 17:20 सूर्योदय 06:11 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:27 चंद्रोदय 21:45
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:27 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:45 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:27 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:45 पर उदय होगा।